facebookmetapixel
एक्सचेंजों और अन्य बाजार संस्थाओं के लिए बन रहा तकनीकी रोडमैप, निगरानी में AI के बढ़ते इस्तेमाल पर जोर2025 में अरबपतियों का ठिकाना बनी मुंबई, 7,186 करोड़ रुपये में 51 महलनुमा घर धनकुबेरों ने खरीदेगिफ्ट सिटी को ग्लोबल जिंस ट्रेडिंग सेंटर बनाने की तैयारी, IFSC ने बड़े नियामकीय बदलाव की मांग कीदिल्ली हवाई अड्डे की घटना से आगे: बढ़ता यात्री असंतोष और भारत की विमानन प्रणाली पर दबावदिग्विजय सिंह की वैचारिक उलझनें: नर्म हिंदुत्व, आरएसएस विरोध और कांग्रेस की पहचान का संकटसेबी के सरप्लस पर सीमा क्यों? बाजार नियामक की ताकत कमजोर होने का खतराप्रीमियम चूका? पॉलिसी हो गई बंद! LIC के खास ऑफर से करें रिवाइव, लेट फीस में 30% तक की छूटपान मसाला कंपनियों पर सख्ती: 1 फरवरी से रजिस्ट्रेशन, मशीन पर अलग टैक्स व फैक्ट्री में CCTV जरूरीघर में कितना सोना रखना लीगल? जानिए नियमनिर्यातकों को बड़ी राहत: MSME एक्सपोर्टर्स को सस्ता लोन और गारंटी सपोर्ट के लिए ₹7,295 करोड़ का पैकेज

अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र में रही सुस्ती

इस सेक्टर में वृद्धि में सुस्ती की वजह नए ऑर्डर और उत्पादन में धीमी वृद्धि है।

Last Updated- September 02, 2024 | 10:51 PM IST
Feb manufacturing PMI

अगस्त में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 3 माह के निचले स्तर पर आ गई। एचएसबीसी द्वारा सोमवार को जारी प्रमुख पर्चेजिंग मैनेजर्स सूचकांक (पीएमआई) का आंकड़ा 57.5 रहा, जो जुलाई के 58.1 से कम है। इस सेक्टर में वृद्धि में सुस्ती की वजह नए ऑर्डर और उत्पादन में धीमी वृद्धि है।

बहरहाल लागत का दबाव कम हुआ है इससे खरीद गतिविधियां बढ़ी हैं। इनपुट की लागत की महंगाई दर में कमी आई है और यह 5 महीने के निचले स्तर पर है। इस सूचकांक 50 से ऊपर रहना प्रसार यानी बढ़त और इससे नीचे रहना संकुचन या गिरावट का संकेतक है।

निजी एजेंसी के सर्वे में कहा, ‘भारत के विनिर्माताओं के नए बिजनेस और उत्पादन में अगस्त महीने में सुस्त वृद्धि हुई है। हालांकि विस्तार का दायरा ऐतिहासिक औसत के हिसाब से देखें तो बढ़े हुए स्तर पर बना हुआ है। कारोबारी भरोसा बहाल हुआ है। कंपनियों ने इनपुट की कमी से बचने के लिए खरीद बढ़ाई है।’

First Published - September 2, 2024 | 10:50 PM IST

संबंधित पोस्ट