भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी ताजा आंकड़ों से पता चला है कि उद्योग से ऋण की मांग में गति पकड़ने लगी है। नवंबर तक यह सालाना आधार पर 9.6 प्रतिशत बढ़ी है, जो पिछले साल की समान अवधि में 8.3 प्रतिशत थी। खुदरा असुरक्षित ऋण की वृद्धि और कम हो गई है।
आंकड़ों से पता चलता है कि सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों की ऋण वृद्धि दो अंकों में बनी हुई है। प्रमुख उद्योगों में बुनियादी ढांचा, सभी इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद और परमाणु ईंधन क्षेत्र को ऋण पिछले साल की समान अवधि की तुलना में बढ़ा है।
खुदरा ऋण की श्रेणी में 12.8 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जबकि एक साल पहले यह 13.4 प्रतिशत थी। वहीं वाहन ऋण, सोने के आभूषण के बदले ऋण में तेज वृद्धि बनी हुई है। वहीं आवास और क्रेडिट कार्ड ऋण में कमी आई है। सेवा क्षेत्र को ऋण में वृद्धि नवंबर 2025 में 11.7 प्रतिशत थी, जबकि एक साल पहले यह 12.8 प्रतिशत थी।
गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को दिया जाने वाला ऋण नवंबर 2025 में सालाना आधार पर 9.5 प्रतिशत बढ़ा है। यह वृद्धि पिछले साल नवंबर 2024 में 7.5 प्रतिशत थी। ‘व्यापार’ और ‘कमर्शल रियल एस्टेट’ जैसे खंडों में भी पिछले साल की तुलना में मामूली गिरावट के साथ स्वस्थ वृद्धि दर्ज की गई।