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इंडिगो उड़ान संकट से होटल बुकिंग पर बड़ी मार, दिसंबर में कारोबार में 15% तक गिरावट की उम्मीद

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इंडिगो उड़ान रद्द होने और संचालन कटौती के कारण दिसंबर में होटल बुकिंग पर व्यापक असर हो सकता है और कई शहरों में कैंसिलेशन रेट में तेजी देखने को मिल सकती है

Last Updated- December 12, 2025 | 10:19 PM IST
hotel
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

पिछले सप्ताह इंडिगो की हजारों उड़ानें रद्द होने और उसके बाद सरकार द्वारा उड़ान संचालन में 10 प्रतिशत की कटौती के आदेश के बाद दिसंबर महीने के लिए होटल चेन के कारोबारी पूर्वानुमानों में लगभग 10-15 प्रतिशत की गिरावट आने की उम्मीद है, जिसके कारण होटल के कमरे रद्द होने की रफ्तार बढ़ गई है।

द क्लार्क्स होटल्स ऐंड रिजॉर्ट्स, मध्यम स्तर का होटल ब्रांड है जिसकी भारत में 133 से अधिक प्रॉपर्टी है और इसके मुख्य परिचालन अधिकारी राहुल देव बनर्जी ने कहा, ‘आमतौर पर, इन बाजारों में बुकिंग कैंसिल होने की दर लगभग 2 प्रतिशत होती है, लेकिन अधिक बाधाओं के दौर में यह थोड़े समय के लिए लगभग 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ गया।’ होटल श्रृंखला का संचालन करने वाली कंपनियों को हाल ही में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड ने खरीदा है।

नाम न बताने की शर्त पर एक वरिष्ठ उद्योग अधिकारी ने कहा, ‘इंडिगो देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी है इसलिए इस मंदी का हमारे कारोबार पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, खासकर यह देखते हुए कि यह होटल उद्योग के लिए बेहद अहम सीजन है।’

नाम न बताने की शर्त पर एक होटल अधिकारी ने कहा कि उड़ान में बाधा के कारण यात्रियों की धारणा पर असर पड़ने के साथ ही अल्पावधि में घरेलू यात्रा की मांग भी प्रभावित हुई है। नतीजतन, छुट्टियां बिताने के लिए मशहूर जगहों पर इस महीने मांग कम होने के साथ ही बुकिंग पर असर पड़ेगा।

सरोवर होटल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जतिन खन्ना ने कहा, ‘हमने पहले सप्ताह में लगभग 1,600 कमरों की बुकिंग रद्द होते देखा है लेकिन हमने इसमें विस्तार आदि के कारण 30 फीसदी रिकवरी भी कर ली है। हमें पिछले कुछ दिनों में कम प्रभाव दिख रहा है, लेकिन कैंसिल के मामले अब भी सामने आ रहे हैं। हमने अपने पूर्वानुमान में कमी करते हुए इसे 4-5 प्रतिशत की सीमा में कर दिया है और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।’ सरोवर, भारत में सरोवर प्रीमियर, सरोवर पोर्टिको और होमटेल ब्रांडों के माध्यम से 140 से अधिक संपत्तियों का संचालन करता है, जो उच्च श्रेणी से लेकर बजट श्रेणियों तक हैं जबकि भारत में गोल्डन ट्यूलिप, रॉयल ट्यूलिप और ट्यूलिप इन जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों का प्रबंधन भी करता है।

क्लार्क्स होटल्स के बनर्जी ने कहा कि होटल चेन में हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में बाधा के कारण ही बुकिंग कैंसिल किए जाने और रीशेड्यूलिंग के मामले बढ़े खासतौर पर बड़े शहरों के होटलों में, जहां हवाई कनेक्टिविटी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा, ‘इनमें से कई बुकिंग पूरी तरह से कैंसिल नहीं की गई बल्कि उनकी रीशेड्यूलिंग कर दी गई जो दर्शाता है कि हमारे मेहमानों का हमारे ब्रांड और नीतियों में मजबूत भरोसा है।’

एक मध्यम स्तर के ब्रांड के एक अन्य वरिष्ठ कार्यकारी ने भी नाम न बताने की शर्त पर कहा कि दिसंबर कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण महीना है क्योंकि कॉरपोरेट यात्रियों की महीने की शुरुआत में बड़ी तादाद में बुकिंग होती है जबकि छुट्टियों की योजना बनाने वाले यात्री महीने के ज्यादातर हफ्तों के लिए बुकिंग करते हैं क्योंकि इस समय सर्दियों की छुट्टियां, क्रिसमस और साल के अंत की छुट्टियों के साथ-साथ शादियों के लिए यात्रा बढ़ जाती है। अधिकारी ने कहा, ‘नुकसान की सीमा मापना मुश्किल है, लेकिन इस तरह की बड़े पैमाने की बाधा का व्यापक प्रभाव पड़ता है। यात्रियों के बीच एक तरह का डर है, जिसके कारण मांग का एक बड़ा हिस्सा कभी भी संगठित नहीं हो पाता है।’

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषक अमित कुमार ने जोर देकर कहा कि देश में कुछ होटलों पर अस्थायी प्रभाव पड़ेगा, लेकिन इससे सूचीबद्ध कंपनियों के तिमाही राजस्व पर महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ेगा। इस महीने कुछ कारोबारी यात्राओं को आगे के एक सप्ताह के लिए रीशेड्यूल किए जाने की उम्मीद है जबकि छुट्टियों वाली यात्रा में दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में तेजी आएगी। कुमार को उम्मीद है कि तब तक मौजूदा यात्रा से जुड़ी बाधाएं सामान्य हो जाएंगी और होटल के अधिकारियों को उम्मीद है कि घरेलू यात्रा को बढ़ावा देने के लिए हवाई किराये को तर्कसंगत बनाया जाएगा।

हालांकि, बनर्जी ने आगे कहा कि अगर पूरे कारोबार की बात करें, तो हवाई यात्रा में आई दिक्कतों का असर उतना ज्यादा नहीं पड़ा है क्योंकि लोग आसपास के पर्यटन स्थलों और क्षेत्रीय बाजारों में अपनी गाड़ियों और ट्रेनों से लगातार यात्रा कर रहे हैं। उनका मानना है कि जैसे ही उड़ानें सामान्य रूप से चलने लगेंगी और विमानन कंपनियों की तरफ से यात्रियों को सही और लगातार जानकारी मिलती रहेगी तब होटल उद्योग जल्दी ही उबर जाएगा।

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First Published - December 12, 2025 | 10:10 PM IST

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