facebookmetapixel
गोल्ड सिल्वर रेशियो ने दिया संकेत, क्या चांदी की तेजी अब थकने वाली है? एक्सपर्ट्स से समझिए42% चढ़ सकता है महारत्न कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; Q3 में ₹4011 करोड़ का हुआ मुनाफाईरान की ओर बढ़ रहा है ‘विशाल सैन्य बेड़ा’, ट्रंप ने तेहरान को फिर दी चेतावनीदुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटस

चुनाव बाद बढ़ेगा FDI और निजी पूंजी निवेश: CII-इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल

CII- IGBC ने यह उम्मीद जताते हुए आगाह किया है कि इसके लिए भारतीय उद्योग को स्थिरता बनाए रखते हुए प्रतिस्पर्धी बने रहना होगा।

Last Updated- April 28, 2024 | 11:17 PM IST
टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में मिले 20,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

चल रहे आम चुनाव के बाद निजी पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में तेजी आने की संभावना है। उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई)- इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) ने यह उम्मीद जताते हुए आगाह किया है कि इसके लिए भारतीय उद्योग को स्थिरता बनाए रखते हुए प्रतिस्पर्धी बने रहना होगा।

अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए बहुराष्ट्रीय और घरेलू दोनों ही कंपनियों को अपने कार्बन उत्सर्जन को घटाना होगा और हरित गतिविधियां अपनानी होंगी। सीआईआई-आईजीबीसी के नव नियुक्त राष्ट्रीय चेयरमैन बी त्यागराजन ने कहा कि इसके लिए तकनीक, बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर धन खर्च करना होगा, जो विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा, ‘नई सरकार की शीर्ष प्राथमिकता आर्थिक वृद्धि और पर्यावरण की सततता के बीच संतुलन बनाए रखने पर होनी चाहिए। हरित बुनियादी ढांचा, अक्षय ऊर्जा की स्वीकार्यता को प्रोत्साहित करने और उद्योगों के बीच सतत गतिविधियों को प्रोत्साहित करने को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनानी होंगी।’

इसके अलावा हरित गतिविधियों की ओर बढ़ने के लिए यह जरूरी है कि पर्यावरण संबंधी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किए जाने के साथ नियामकीय कठिनाइयां दूर हों।

First Published - April 28, 2024 | 11:17 PM IST

संबंधित पोस्ट