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इंडिगो करेगी 10 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी

Last Updated- December 15, 2022 | 4:36 AM IST

देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो अपने 10 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी करेगी। कंपनी महामारी के असर को नियंत्रित करने के लिए कड़ी जद्दोजहद कर रही है। इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी 50 फीसदी से अधिक है, इसलिए वह भारतीय विमानन उद्योग में सबसे अधिक रोजगार पैदा करती है। वित्त वर्ष 2019 के आखिर तक के उपलब्ध ताजा आंकड़ों के मुताबिक विमानन कंपनी में 23,531 कर्मचारी थे।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के सर्वेक्षण के मुताबिक देश के कई हिस्सों में फिर से लॉकडाउन शुरू होने से शहरी बेरोजगारी 5 जुलाई को समाप्त सप्ताह में बढ़ी है, जिसमें इससे पहले के चार सप्ताह में लगातार गिरावट आ रही थी। इंडिगो प्रभावित कर्मचारियों को तीन महीनों का निकासी वेतन, ग्रेच्युटी, बोनस और स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराएगी। विमानन कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी रणजय दत्ता ने कंपनी के कर्मचारियों को इस बारे में ईमेल भेजा है।
दत्ता ने ईमेल में कहा, ‘हमारी कंपनी की लंबी अवधि की स्थिरता के लिए हमें निकट भविष्य में लागत घटाने के कुछ उपाय अपनाने होंगे। इसलिए हम अपने इतिहास में पहली बार छंटनी का कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं, जिससे हमारे कुल कर्मचारियों में से 10 फीसदी प्रभावित होंगे।’ दत्ता ने आज कर्मचाारियों को बताया कि कर्मचारी संख्या घटाना आवश्यक है क्योंकि कोरोनावायरस महामारी अब भी उड़ानों की मांग पर असर डाल रही है। दत्ता ने लिखा, ‘हम अपनी क्षमता की केवल 30 फीसदी उड़ानें परिचालित कर रहे हैं और एक बड़ी विमानन कंपनी की लागत वहन कर रहे हैं। यहां तक कि बहुत आशावादी माहौल बनने पर भी वर्ष के अंत तक क्षमता अधिक से अधिक 70 फीसदी पर पहुंच पाएगी। इन दोनों का संतुलन कायम न करना हमारा गैर-जिम्मेदाराना कार्य होगा।’
इस विमानन कंपनी ने पहले अपने कर्मचारियों के लिए वेतन में कटौती और अवैतनिक अवकाश शुरू किया था। कुछ कर्मचारियों के वेतन में 30 फीसदी तक की कटौती की गई थी। दत्ता ने ईमेल में कहा, ‘दुर्भाग्य से ये सभी कदम राजस्व में कमी की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं हैं।’हालांकि सरकार ने 25 मई से हवाई यातायात शुरू कर दिया था। लेकिन विभिन्न राज्यों में क्वारंटीन के नियमों, विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन के विस्तार और डीजीसीए के डर के कारण विमानन कंपनियों को अपनी सीटों में से 55 फीसदी भरने में ही कड़ी जद्दोजहद करनी पड़ी। एक निजी विमानन कंपनी के कार्याधिकारी ने कहा, ‘ज्यादातर मांग महानगरों से कुछ शहरों के बीच आ रही है। कोविड के मामलों में फिर से बढ़ोतरी के कारण मांग प्रभावित हो रही है।’इंडिगो के मुख्य रणनीति एवं राजस्व अधिकारी संजय कुमार ने हाल में कहा था, ‘राज्य सरकारों के विभिन्न नियम-कायदों में तालमेल न होने से यात्री दूरी बनाए हुए हैं।’ इिंटरनैशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने पिछले सप्ताह चेताया था कि कोविड-19 के मामलों की संख्या में हाल की बढ़ोतरी से हवाई यातायात में सुुधार पर बुरा असर पड़ सकता है।

First Published - July 20, 2020 | 11:02 PM IST

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