facebookmetapixel
Advertisement
बांग्लादेश में नई सरकार का आगाज: तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे ओम बिरलाBudget 2026 पर PM का भरोसा: ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाली मजबूरी खत्म, यह ‘हम तैयार हैं’ वाला क्षण9 मार्च को लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर होगी चर्चाIndia AI Impact Summit 2026: दिल्ली में जुटेगा दुनिया का दिग्गज टेक नेतृत्व, $100 अरब के निवेश की उम्मीदAI इम्पैक्ट समिट 2026: नगाड़ों की गूंज व भारतीय परंपरा के साथ 35,000 मेहमानों का होगा भव्य स्वागतदिल्ली में AI का महाकुंभ: भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट सोमवार से, जुटेंगे 45 देशों के प्रतिनिधिकॉरपोरेट इंडिया की रिकॉर्ड छलांग: Q3 में लिस्टेड कंपनियों का मुनाफा 14.7% बढ़ा, 2 साल में सबसे तेजएशियाई विकास बैंक का सुझाव: केवल जरूरतमंदों को मिले सब्सिडी, भ्रष्टाचार रोकने के लिए ऑडिट जरूरीRBI की सख्ती से बढ़ेगी NBFC की लागत, कर्ज वसूली के नए नियमों से रिकवरी एजेंसियों पर पड़ेगा बोझनिवेशकों की पहली पसंद बना CD: कमर्शियल पेपर छोड़ सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट की ओर मुड़ा रुख

Indigo के पायलट की मौत से उड़ान की समयसीमा पर फिर गया ध्यान

Advertisement

वर्ष 2019 के नियमों के अनुसार एक पायलट को सप्ताह में एक बार लगातार दो रात (रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच) के लिए वाणिज्यिक यात्री उड़ान चालन के लिए कहा जा सकता है

Last Updated- August 24, 2023 | 11:36 PM IST
more than 1,450 pilots have been trained within 3 years

इंडिगो के पायलट मनोज सुब्रमण्यम (40 वर्ष) का 17 अगस्त की दोपहर नागपुर हवाईअड्डे पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। पुणे रवाना होने वाली उड़ान में दाखिल होने से ठीक पहले यह घटना हुई। उनकी मौत के बाद पायलटों के थकान को कम करने की भारतीय विमान कंपनियों की आंतरिक प्रक्रियाओं और मौजूदा विमान उड़ाने की समय सीमा (एफडीटीएल) के मानदंडों पर एक बार फिर चर्चा होने लगी है। इसे अप्रैल 2019 में नागर विमानन महानिदेशालय ने लागू किया था।

इंडिगो के अन्य पायलटों के अनुसार, कैप्टन सुब्रमण्यम ने कथित रूप से 15 अगस्त (चेन्नई-तिरुवनंतपुरम विमान) और 16 अगस्त (तिरुवनंतपुरम-पुणे विमान और पुणे-नागपुर विमान) को लगातार दो रातों तक विमान उड़ाया था। फिर उन्हें लगभग 27 घंटे आराम करने का वक्त मिला और 17 अगस्त को फिर उनका नागपुर से पुणे तक विमान उड़ाने का कार्यक्रम था।

वर्ष 2019 के नियमों के अनुसार एक पायलट को सप्ताह में एक बार लगातार दो रात (रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच) के लिए वाणिज्यिक यात्री उड़ान चालन के लिए कहा जा सकता है। वर्ष 2011 के एफडीटीएल नियमों में ऐसा नहीं था मगर इसे साल 2019 के नियमों में बदला गया।

इंडिगो ने बिज़नेस स्टैंडर्ड के इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि कैप्टन सुब्रमण्यम ने साल 2022 और 2023 में विमानन कंपनी को कितनी बार अपनी थकावट के बारे में जानकारी दी थी।

अब पायलट 2019 के नियमों के विरोध में आ गए हैं। 2011 के नियमों के तहत एक पायलट को लगातार दो रातों तक केवल कार्गो उड़ानें उड़ाने की अनुमति थी, जिसके बाद उसे कम से कम 54 घंटे आराम करना अनिवार्य था।

एयर इंडिया के पायलट संघ भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ (आईसीपीए) ने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर अपने हस्तक्षेप आवेदन में कहा, ‘2019 के नियमों में अब यात्री परिचालन के लिए लगातार दो रातों की संचालन अवधि बढ़ा दी गई है मगर उड़ान के बाद पायलटों के आराम करने के घंटे को 54 से कम कर 24 कर दिया गया है।

2019 के नियमों में इस बदलाव का कोई आधार नहीं है।’ अदालत का मामला 2019 मानदंडों के खिलाफ एयर इंडिया के एक अन्य पायलट संघ इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) द्वारा दायर एक रिट याचिका पर आधारित है। 8 अगस्त को हुई पिछली सुनवाई के दौरान डीजीसीए ने कहा कि वह उन सभी दस्तावेजों को लाएगा जिनके कारण 2019 के मानदंड तैयार किए गए थे।

Advertisement
First Published - August 24, 2023 | 11:35 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement