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क्या आपके बच्चे IT Companies में नौकरी करते हैं? तो पढ़ें ICRA की ये रिपोर्ट

वित्त वर्ष के अंत तक वृद्धि में तेजी आने तक नियुक्तियों की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है।

Last Updated- March 12, 2025 | 6:31 PM IST
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भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कंपनियों के वित्त वर्ष 2025-26 में चार से छह प्रतिशत की दर से राजस्व वृद्धि दर्ज करने का अनुमान है। वहीं वित्त वर्ष के अंत तक वृद्धि में तेजी आने तक नियुक्तियों की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इक्रा (Credit Rating Agency ICRA ) ने एक रिपोर्ट में यह बात कही है।

इक्रा का अनुमान है कि निकट भविष्य में आईटी उद्योग में नौकरी छोड़ने की दर औसतन 12-13 प्रतिशत रहेगी। इक्रा का अनुमान है कि भारतीय आईटी सेवा कंपनियों (जो राजस्व के लिहाज से उद्योग का 60 प्रतिशत हिस्सा हैं) के राजस्व में अगले वित्त वर्ष (2025-26) में अमेरिकी डॉलर के लिहाज से चार से छह प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिलेगी।

इक्रा ने कहा कि इसके अलावा, अगले वित्त वर्ष के अंत तक वृद्धि की गति बढ़ने तक भर्तियों की रफ्तार सुस्त रहेगी। इक्रा के नमूना सर्वेक्षेण में शामिल कंपनियों की राजस्व वृद्धि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह में 3.6 प्रतिशत रही है। इक्रा ने कहा कि इसके अलावा, कुछ बाजारों में बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय क्षेत्र और बीमा) और खुदरा क्षेत्रों में ग्राहकों द्वारा विवेकाधीन खर्च में मामूली वृद्धि हुई। ..साथ ही सृजन से जुड़ी कृत्रिम मेधा (जेन-एआई) पहल में निवेश के कारण नए ऑर्डर मिले।

ICRA Report में किन-किन आईटी कंपनियों ने लिया हिस्सा

इक्रा के नमूना सेट में बिरलासॉफ्ट, कोफोर्ज, साइंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इन्फोसिस, एलटीआईमाइंडट्री, एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, मास्टेक, एम्फैसिस, ऑरैकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, विप्रो और जेनसार टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।

इक्रा के उपाध्यक्ष और क्षेत्र प्रमुख दीपक जोतवानी ने कहा कि इक्रा के आईटी सेवा कंपनियों के नमूने के समूह की वृद्धि की गति निकट भविष्य में धीमी रहने की संभावना है, क्योंकि अमेरिका द्वारा व्यापार शुल्क लगाए जाने तथा अमेरिका और यूरोप के प्रमुख बाजारों में व्यापक आर्थिक चुनौतियों से संबंधित अनिश्चितता बनी हुई है।

क्या कहा ICRA Report में

अमेरिकी व्यापार शुल्क और अमेरिका तथा यूरोप जैसे क्षेत्रों में व्यापक आर्थिक चुनौतियों के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र की वृद्धि पर दबाव पड़ने की संभावना है। ICRA की रिपोर्ट के अनुसार, उद्योग को वित्त वर्ष 2026 (FY26) में अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में 4-6 प्रतिशत की मध्यम राजस्व वृद्धि दर्ज करने का अनुमान है। प्रस्तावित 4-6 प्रतिशत वृद्धि वित्त वर्ष 2025 (FY25) के लिए अनुमानित 3-5 प्रतिशत की वृद्धि से थोड़ी बेहतर है।

रिपोर्ट में कहा गया, “ICRA का अनुमान है कि भारतीय आईटी सेवा कंपनियों के उसके नमूना सेट, जो उद्योग के कुल राजस्व का लगभग 60 प्रतिशत योगदान करते हैं, को वित्त वर्ष 2026 में अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में 4-6 प्रतिशत की मध्यम राजस्व वृद्धि मिलेगी। इसके अलावा, निकट भविष्य में कर्मचारी छोड़ने (attrition) की दर 12-13 प्रतिशत के दीर्घकालिक औसत पर स्थिर रहने की संभावना है।”

नौकरी भर्ती की रफ्तार तब तक धीमी रहने की संभावना है जब तक वित्त वर्ष 2026 के अंत तक विकास गति नहीं पकड़ती। अगले तीन से चार तिमाहियों में नमूना सेट की परिचालन लाभ मार्जिन (OPM) 22.5-23 प्रतिशत पर बनी रहने की उम्मीद है। ICRA ने बताया कि वित्त वर्ष 2023 और वित्त वर्ष 2024 की पहली छमाही में उद्योग के लिए चिंता का विषय रहे उच्च कर्मचारी छोड़ने की दर और वेतन लागत में बढ़ोतरी में कमी आई है, जिससे कंपनियों को राहत मिली है।

ICRA को उम्मीद है कि निकट भविष्य में कर्मचारी छोड़ने की दर 12-13 प्रतिशत के दीर्घकालिक औसत पर स्थिर रहेगी। इसके अलावा, परिचालन आय (OI) के अनुपात में वेतन लागत वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 56.2 प्रतिशत रही, जो वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही के 57.0 प्रतिशत से थोड़ा कम है। वेतन वृद्धि में मंदी, कर्मचारी उपयोग में वृद्धि और लागत संरचना के अनुकूलन ने नमूना सेट की OPM को हाल की तिमाहियों में 22.5-23 प्रतिशत बनाए रखने में मदद की है, और यह स्तर वित्त वर्ष 2026 में भी जारी रहने की संभावना है।

भर्ती गतिविधि निकट भविष्य में धीमी बनी रह सकती है, जब तक कि वित्त वर्ष 2026 के अंत तक विकास गति नहीं पकड़ता। धीमी भर्ती का कारण उद्योग द्वारा जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) में बढ़ते निवेश से उत्पादकता और लागत में सुधार की उम्मीद भी है। भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के एक बड़े हिस्से को GenAI कौशल में प्रशिक्षित किया है और इस क्षेत्र में अपनी क्षमताओं और सेवाओं का विस्तार कर रही हैं, जिससे GenAI-आधारित समाधान ग्राहकों को प्रदान किए जा सकें।

“इसका प्रभाव दिखना शुरू हो गया है, क्योंकि प्रमुख उद्योग खिलाड़ियों को हाल की तिमाहियों में GenAI से संबंधित सौदों का प्रवाह बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। इसके मध्यम अवधि में और अधिक तेज होने की उम्मीद है, क्योंकि तकनीकी अपनाने की गति बढ़ रही है। स्वास्थ्य सेवा और BFSI क्षेत्र AI/GenAI क्षमताओं को अपनाने वाले शुरुआती क्षेत्र बने हुए हैं और इन प्रौद्योगिकियों में निवेश जारी रखे हुए हैं,” जोटवानी ने कहा।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

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First Published - March 12, 2025 | 6:25 PM IST

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