प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
देश की सबसे बड़ी एयरवेज इंडिगो की उड़ानें पिछले पांच दिनों से लगातार रद्द हो रही हैं। मुख्य वजह क्रू की कमी बताई जा रही है। इससे हजारों यात्री परेशान हैं और कई रूटों पर हवाई किराए आसमान छूने लगे हैं। इसे देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को सख्त कदम उठाए। मंत्रालय ने इंडिगो को तुरंत सभी लंबित रिफंड क्लियर करने का आदेश दिया है।
मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि रद्द या प्रभावित हुई सभी उड़ानों का रिफंड प्रोसेस रविवार, 7 दिसंबर को शाम 8 बजे तक पूरा करना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कंपनी पर तुरंत नियामक कार्रवाई होगी। साथ ही, जिन यात्रियों की यात्रा कैंसलेशन से प्रभावित हुई, उन्हें नई बुकिंग या रीशेड्यूल करने पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ेगा।
इंडिगो को खास पैसेंजर सपोर्ट और रिफंड सेल बनाने को कहा गया है। ये सेल खुद यात्रियों से संपर्क करेंगे और रिफंड या दूसरी उड़ान की व्यवस्था बिना बार-बार फॉलोअप के करेंगे। ऑपरेशन पूरी तरह सही होने तक ऑटोमैटिक रिफंड सिस्टम जारी रहेगा।
परेशानी के बीच कई यात्रियों का सामान उड़ानों से अलग हो गया। मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया कि ऐसे सभी बैग की पहचान करें और 48 घंटे के अंदर यात्रियों के घर या चुने हुए पते पर पहुंचाएं। ट्रैकिंग और डिलीवरी की जानकारी साफ-साफ दी जाए। जहां जरूरी हो, यात्रियों को नियमों के तहत मुआवजा भी मिलेगा।
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मंत्रालय ने कहा कि वह एयरलाइंस, एयरपोर्ट, सिक्योरिटी एजेंसियों और सभी संबंधित पक्षों से लगातार समन्वय कर रहा है ताकि यात्रियों के अधिकार सुरक्षित रहें। बुजुर्गों, दिव्यांगों, स्टूडेंट्स, मरीजों और जरूरी यात्रा करने वालों के लिए खास मदद सुनिश्चित की जा रही है। निगरानी बढ़ा दी गई है और जल्द से जल्द स्थिति बहाल करने का वादा किया गया है।
इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से कई रूटों पर टिकट के दाम बेहिसाब बढ़ गए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने प्रभावित रूटों पर हवाई किराए की सीमा तय कर दी है। मंत्रालय के अलग बयान में कहा गया कि यात्रियों को मौके का फायदा उठाकर लूटने से रोकने के लिए अपनी नियामक शक्ति का इस्तेमाल किया गया है।
सभी एयरलाइंस को आदेश दिया गया है कि ये तय सीमाएं सख्ती से मानें। ये कैप तब तक लागू रहेंगी जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती। मंत्रालय रियल टाइम डेटा से किराए पर नजर रखेगा और कोई उल्लंघन हुआ तो सख्त कार्रवाई होगी।