प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो के परिचालन में अफरा-तफरी को खत्म करने के लिए उड़ान ड्यूटी के समय संबंधी (एफडीटीएल) नियमों को दो महीने के लिए निलंबित करने का निर्णय लिया है। इन नियमों के तहत पायलटों के लिए बेहतर काम के घंटे तय किए गए हैं। मगर पायलटों की कमी के कारण इंडिगो का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हो गया।
यह फैसला शुक्रवार को उड़ानों के रद्द होने में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद लिया गया। इंडिगो ने अपनी करीब 2,300 दैनिक उड़ानों में से 1,000 से अधिक उड़ानों को रद्द कर दिया। इसमें दिल्ली से घरेलू मार्गों पर निर्धारित सभी 243 प्रस्थान, मुंबई से 196 दैनिक उड़ानों से 80 से 85 फीसदी उड़ान और चेन्नई से करीब 98 उड़ान शामिल हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि सुरक्षा से किसी तरह का समझौता किए बिना नए एफडीटीएल नियमों को निलंबित करने का फैसला लिया गया है। यह निर्णय पूरी तरह यात्रियों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, मरीजों एवं अन्य लोगों के हित में लिया गया है जो अपनी जरूरतों के लिए समय पर हवाई यात्रा पर निर्भर हैं।
इस बीच, पायलटों के एक यूनियन एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएलपीए) ने इस निलंबन के खिलाफ नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि इंडिगो के पायलटों को अब कम आराम और अधिक थकान के साथ उड़ान भरना पड़ेगा। इससे यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ जाएगा।’
डीजीसीए ने सभी पायलट एसोसिएशन को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि वे भरपूर सहयोग करें ताकि यात्रियों को अधिक परेशानी न हो। आम तौर पर हर साल यह सीजन कोहरे से होने वाली रुकावटों, छुट्टियों की यात्रा और शादी-ब्याह के कारण भीड़भाड़ वाला होता है।
नायडू ने कहा कि सरकार ने इस गड़बड़ी की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, ‘जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इंडिगो में गलती कहां हुई। जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई के लिए जवाबदेही तय की जाएगी।’ चार सदस्यीय समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है ताकि आवश्यक नियामकीय कार्रवाई शुरू की जा सके। डीजीसीए ने इंडिगो से कहा कि वह 7 से 10 दिनों के लिए अपनी वाणिज्यिक उड़ानों के लिए नियामक के 12 फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर्स का इस्तेमाल कर सकती है।