facebookmetapixel
Advertisement
Gold Price Today: सोना-चांदी के वायदा भाव में तेज उछाल, MCX पर सोना ₹1.61 लाख और चांदी ₹2.67 लाख के करीबबंगाल चुनाव से पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दिया इस्तीफा, आरएन रवि को अतिरिक्त प्रभारभारत-फिनलैंड के रिश्ते रणनीतिक साझेदारी की ओर, डिजिटल और स्थिरता पर जोरआरबीआई ने सीएमआई को बैंक वित्त के नियम कड़े किए, लिवरेज और शुल्क आय पर असर संभवईरान अमेरिका युद्ध का पड़ेगा फर्टिलाइजर, रिफाइनरी और केमिकल सेक्टर पर असरः क्रिसिलबीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई के बाद पहला सौदा, क्यूबीई खरीदेगा रहेजा क्यूबीई में 51% हिस्सेदारीबेहतर अवसरों के बावजूद भारत में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी कमवित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में गोल्ड लोन वितरण बढ़कर 8.16 लाख करोड़ रुपये हुआस्टेम में बढ़ती भागीदारी के बावजूद महिला उद्यमियों को कम फंडिंगरीपो दर में कटौती का असर, 9% से कम ब्याज दर वाले कर्ज की हिस्सेदारी 62% से ज्यादा: RBI रिपोर्ट

HPCL को फंड देने के लिए ONGC से राइट्स इश्यू पर विचार करने के लिए कह सकती है सरकार: रिपोर्ट्स

Advertisement

यह राइट्स इश्यू लगभग 1.9 बिलियन डॉलर जुटा सकता है।

Last Updated- November 23, 2023 | 4:46 PM IST
HPCL Q1 net profit slumps 90 pc on fall in refining, fuel margin HPCL Q1 Results: 90 फीसदी घटा सरकारी कंपनी का नेट मुनाफा, दो बड़ी वजहें से दिखा असर

भारत सरकार, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) में ग्रीन प्रोजेक्ट को फंड करने के लिए सरकार के स्वामित्व वाली तेल और प्राकृतिक गैस कॉरपोरेशन (ONGC) से आग्रह करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, यह राइट्स इश्यू लगभग 1.9 बिलियन डॉलर जुटा सकता है।

गौर करने वाली बात है कि भारत सरकार ने राज्य के स्वामित्व वाले तेल रिफाइनरों को स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने में मदद करने के लिए 300 बिलियन रुपये (3.6 बिलियन डॉलर) की इक्विटी प्रदान करने की योजना की घोषणा की है। इस योजना की घोषणा इसी साल वित्त मंत्री ने की थी।

सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार कंपनी को स्वच्छ ऊर्जा में शिफ्ट करने में मदद करने के लिए HPCL को कम दरों पर लोन देने पर विचार कर रही है।

सूत्रों में से एक ने कहा कि तेल मंत्रालय ONGC द्वारा राइट्स इश्यू लॉन्च करने की योजना पर वित्त मंत्रालय की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।

Also Read: अदाणी समूह के नेट प्रॉफिट में 107 फीसदी का उछाल लेकिन बिक्री में गिरावट

रॉयटर्स की कैलकुलेशन से पता चलता है कि दो अन्य राज्य रिफाइनरों द्वारा पहले घोषित राइट्स इश्यू के आधार पर, ONGC का इश्यू लगभग 155 बिलियन भारतीय रुपये (1.86 बिलियन डॉलर) का हो सकता है।

2018 में, भारत सरकार ने HPCL में अपनी 51.1% की पूरी हिस्सेदारी ONGC को बेच दी थी, जिससे कंपनी भारत की टॉप ऊर्जा एक्सप्लोरर की सहायक कंपनी बन गई। ONGC में सरकार की हिस्सेदारी 58.93% है।

शुरुआत में, सरकार ने तरजीही शेयरों ( preferential shares) के आवंटन के माध्यम से HPCL में धन डालने की योजना बनाई थी, लेकिन इससे ONGC की हिस्सेदारी 50% से नीचे जाने और HPCL पर सरकार के अप्रत्यक्ष नियंत्रण के समाप्त होने का जोखिम था।

भारत के अन्य बड़े सरकारी रिफाइनर, इंडियन ऑयल कॉर्प और भारत पेट्रोलियम कॉर्प ने क्रमशः 220 बिलियन और 180 बिलियन रुपये के राइट्स इश्यू लॉन्च करने की योजना की घोषणा की है। सरकार की IOC में 51.5% और BPCL में 52.98% हिस्सेदारी है।

हालांकि, सूत्रों ने कहा कि HPCL में फंड कैसे डाला जाए, इस पर सरकार की ओर से स्पष्टता की कमी के कारण आईओसी और BPCL के लिए राइट्स इश्यू जारी करने में देरी हुई है। जो मूल रूप से अक्टूबर के अंत में तय किया गया था।

(रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - November 23, 2023 | 4:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement