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बाबा रामदेव की पतंजलि को सरकार ने भेजा नोटिस, संदिग्ध लेनदेन पर दो महीने में मांगा जवाब

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पतंजलि आयुर्वेद पर नियामकीय जांच का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले साल कंपनी की एक इकाई को कर उल्लंघन और गलत रिफंड दावे के आरोप में शो-कॉज़ नोटिस जारी किए गए थे।

Last Updated- May 30, 2025 | 1:51 PM IST
Patanjali

केंद्र सरकार ने योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड (Patanjali Ayurved) से उन फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन्स की जानकारी मांगी है, जिन्हें आर्थिक खुफिया एजेंसियों ने संदिग्ध और असामान्य करार दिया है। ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।

रिपोर्ट के अनुसार, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने कंपनी को नोटिस जारी किया है और संभावित फंड डायवर्जन (धन के गलत इस्तेमाल) और कॉरपोरेट गवर्नेंस के उल्लंघन की जांच कर रहा है। फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है और इन लेन-देन की सटीक राशि साझा नहीं की गई है। पतंजलि को मंत्रालय के नोटिस का जवाब देने के लिए लगभग दो महीने का समय दिया गया है।

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पतंजलि आयुर्वेद पर नियामकीय जांच का बढ़ रहा दबाव

योग गुरु रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद पर नियामकीय जांच का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले साल कंपनी की एक इकाई को कर उल्लंघन और गलत रिफंड दावे के आरोप में शो-कॉज़ नोटिस जारी किए गए थे। इसके अलावा, पारंपरिक चिकित्सा उत्पादों को लेकर भ्रामक विज्ञापन देने के आरोप में भी कंपनी विवादों में घिरी रही है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज का दावा करने वाले उत्पादों के प्रचार पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई थी, जिसमें ‘ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954’ के उल्लंघन का हवाला दिया गया था।

केरल ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने फरवरी 2025 में राज्य के विभिन्न न्यायालयों में रामदेव और पतंजलि के खिलाफ इस कानून के तहत 26 सक्रिय मामलों की जानकारी दी थी। इसके अलावा, कई समाचार पत्रों पर भी ऐसे विवादास्पद विज्ञापन प्रकाशित करने को लेकर कानूनी कार्रवाई जारी है।

पतंजलि फूड्स शेयर पर दिखा असर

पतंजलि आयुर्वेद एक निजी कंपनी है। लेकिन इसकी लिस्टेड सहायक कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड (Patanjali Foods Ltd) पर इसका असर पड़ा है। इस महीने अब तक इसके शेयर करीब 10 प्रतिशत तक गिर चुके हैं।

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First Published - May 30, 2025 | 1:30 PM IST

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