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फर्मों को करना होगा 7-8 अरब डॉलर निवेश

Last Updated- December 15, 2022 | 3:47 AM IST

भारत में 2जी सेवाओं को इतिहास बनाए जाने की मुकेश अंबानी की ताजा घोषणा आसान नहीं होगी। यदि दूरसंचार क्षेत्र अंबानी के सपने को साकार करना चाहता है तो इसके लिए करीब 7-8 अरब डॉलर के बड़े निवेश की जरूरत होगी। मौजूदा समय में, देश में 1.2 अरब मोबाइल ग्राहकों में निजी ऑपरेटरों से जुड़े 2जी ग्राहकों की संख्या एक-चौथाई है। यदि भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) जैसी सरकारी कंपनियों को शामिल किया जाए तो 2जी ग्राहकों का योगदान भारत के मोबाइल उपभोक्ताओं में एक-तिहाई होगा।
स्पष्ट है, दूरसंचार ऑपरेटरों को अपनी 4जी नेटवर्क बढ़ाने और अपने टावरों को फाइबर आधारित टावरों में तब्दील करने के लिए नए निवेश की जरूरत होगी। उदाहरण के लिए, बीएसएनएल का 4जी नेटवर्क नहीं है और वह मौजूदा समय में 4जी उपकरण के लिए आरएफपी (प्रस्ताव के लिए आवेदन) करने की प्रक्रिया में है। उसके 11.9 करोड़ ग्राहक 2जी पर हैं और इनकी बड़ी तादाद छोटे शहरों और ग्रामीण भारत से संबंधित है।
निजी ऑपरेटर बेहतर स्थिति में हैं। वोडाफोन आइडिया के पूरे देश में 76 प्रतिशत ग्राहक 4जी से जुड़े हुए हैं। लेकिन सभी दूरसंचार ऑपरेटरों में उसके 2जी ग्राहकों की संख्या अभी भी सबसे ज्यादा बनी हुई है। उसके 2जी ग्राहकों की संख्या 18.5 करोड़ है जो उसके कुल ग्राहक आधार का करीब 63 प्रतिशत है। भारती एयरटेल के 4जी ग्राहक 85 प्रतिशत हैं। 13.8 करोड़ के साथ उसके 2जी ग्राहकों का करीब 50 प्रतिशत का योगदान है। ऐसी एकमात्र दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो है जो सिर्फ 4जी नेटवर्क पर संचालन करती है।
भारतीय सेल्युलर ऑपरेटर संगठन (सीओएआई) के पूर्व महानिदेशक राजन मैथ्यू का कहना है, ‘भारत को 2जी मुक्त बनाने के लिए दूरसंचार कंपनियों को करीब 7-8 अरब डॉलर का निवेश करना होगा। यह उचित है, क्योंकि दो अलग अलग नेटवर्कों पर संचालन करने से परिचालन की लागत 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। लेकिन ऑपरेटरों को अपना नेटवर्क कवरेज बढ़ाना होगा, जिससे कि वे उन इलाकों में मौजूद अपने 2जी ग्राहकों को नई सेवाएं मुहैया करा सकें। इस सब के लिए निवेश की जरूरत होगी, लेकिन कई दूरसंचार कंपनियां नकदी की किल्लत से जूझ रही हैं।’
2जी ग्राहकों को 4जी में तब्दील करने की राह में बड़ी बाधा नई लागत, 4जी केंद्रित मोबाइल फोन की है। रिलायंस जियो ने 4जी फीचर फोन पेश कर इस समस्या का हल निकाल लिया है। उसने स्मार्ट फोन की जरूरत के बगैर ही यह पेशकश की है और अपने फोन की कीमत महज 1100 रुपये रखी है और फ्री डेटा की पेशकश की है। जियो की रणनीति सफल रही और उसने अपनी इस पेशकश के साथ एक महीने में 60-70 लाख ग्राहक जोड़े।
4जी की चाहत रखने के लिए सस्ते स्मार्ट फोन चाहने वाले 2जी ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए अंबानी ने घोषणा की है कि रिलायंस जियो 4जी स्मार्ट फोन के लिए सस्ते ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म पर अपने इक्विटी भागीदार (जियो प्लेटफॉम्र्स लिमिटेड में) के साथ काम कर रही है। हालांकि शुरुआती स्तर के 4जी स्मार्ट फोन अब 3,000 रुपये में उपलब्ध हैं, वहीं 2जी ग्राहक फीचर फोन के बराबर कीमत पर अच्छी गुणवत्ता का फोन हासिल करने की संभावना तलाश रहे हैं।

First Published - August 4, 2020 | 12:19 AM IST

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