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E-commerce फर्में कर रहीं गुणवत्तापूर्ण सस्ते उत्पादों की पेशकश

स्मार्टफोन की पहुंच और डिजिटल लिट्रेसी में वृद्धि से ई-कॉमर्स मांग को मिल रहा बढ़ावा

Last Updated- February 23, 2023 | 9:42 PM IST
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यह बात कुछ समय से दीवार पर लिखी इबारत बनी हुई है और पिछले साल त्योहारी सीजन की बिक्री (festive season sale) के दौरान यह बात साफ तौर पर नजर आई थी, जब मीशो (Meesho) ऑर्डर की हिस्सेदारी के लिहाज से एमेजॉन (Amazon) को पीछे छोड़कर दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई।

सेल के सीजन में मीशो को मिले 60 प्रतिशत ऑर्डर टियर-4 और उससे ऊपर वाले शहरों के थे। सलाहकार फर्म रेडसीर की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल त्योहारी सीजन की बिक्री में मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों का योगदान रहा। 64 प्रतिशत खरीदार उन्हीं शहरों के रहें। त्योहार के महीने में टियर-2 और उससे ऊपर वाले शहरों के लगभग 12.5 करोड़ खरीदारों ने विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर ऑर्डर दिए।

भारत में ई-कॉमर्स क्षेत्र की मांग बढ़ती जा रही है, जिसे स्मार्टफोन की पहुंच और डिजिटल लिट्रेसी में लगातार वृद्धि से बढ़ावा मिल रहा है। इस बढ़ते बाजार की पूर्ति के लिए स्नैपडील, फ्लिपकार्ट और मीशो जैसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां मूल्य-केंद्रित उत्पादों की पेशकश कर रही हैं।

मूल्य केंद्रित ई-कॉमर्स का मतलब उपयोगकर्ताओं को कम दामों पर गुणवत्तापूर्ण माल की पेशकश करने से है। ज्यादातर मामलों में मूल्य केंद्रित उत्पादों के लिए मूल्य सीमा 1,000 रुपये से कम है।

मीशो के सीएक्सओ (कारोबार) उन्नीकृष्ट कुमार ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि शुरुआत से ही मीशो काफी मजबूत मूल्य-केंद्रित भूमिका निभाती रही है। हमारा कारोबारी प्रारूप देश में मूल्य-केंद्रित कॉमर्स अपनाने में तेजी लाने के लिए निर्मित किया गया है।

मीशो पर करीब 80 प्रतिशत उपयोगकर्ता टीयर-2 और उसके ऊपर वाले हैं। हालांकि मीशो की कल्पना छोटे शहरों के ग्राहकों की सेवा को ध्यान में रखकर की गई थी, लेकिन कई कंपनियां अब इस खंड में अपनी कमर कस रही हैं।

घरेलू ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस स्नैपडील कुछ सालों से मूल्य केंद्रित खुदरा खंड पर बड़ा दांव लगा रही है। अपना ध्यान विशेष रूप से मूल्य केंद्रित खुदरा बिक्री पर केंद्रित करने के बाद, कंपनी ने सहायक कंपनी स्टेलारो का गठन किया है, जो मूल्य केंद्रित ब्रांडों का निर्माण कर रही है। इन ब्रांडों के तहत उत्पाद तीसरे पक्ष के प्लेटफॉर्म पर बेचे जाते हैं।

स्नैपडील मार्केटप्लेस के मुख्य कार्या​धिकारी हिमांशु चक्रवर्ती ने कहा कि अगर हम मूल्य केंद्रित खंड पर नजर डाले, खास तौर पर जीवन शैली खंड पर, तो यह मुख्य रूप से ऑफलाइन है। इस खंड का एक बहुत छोटा हिस्सा ही ऑनलाइन है और इसमें अधिकांश भाग असंगठित है। इसके अलावा गुणवत्ता वाले ग्राहकों को उनके भुगतान करने पर, जो मिलता है, वह काफी अनि​श्चित रहता है।

स्नैपडील पर करीब 86 प्रतिशत उपयोगकर्ता महानगरीय शहरों के बाहर से आते हैं और तकरीबन 72 प्रतिशत उपयेगकर्ता टीयर-2 वाले शहरों से बाहर से रहते हैं। प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध करीब 95 प्र​तिशत उत्पाद 1,000 रुपये से कम कीमत वाले हैं।

प्रबंधन सलाहकार फर्म कर्नी के अनुसार वर्ष 2019 में मूल्य केंद्रित जीवन शैली खंड का अनुमान चार अरब डॉलर था और वर्ष 2026 तक यह 20 अरब डॉलर तथा वर्ष 2030 तक 40 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

First Published - February 20, 2023 | 6:55 PM IST

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