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उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों को बिक्री में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद

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HUL, ITC, डाबर, ब्रिटानिया, नेस्ले और इमामी जैसी प्रमुख FMCG कंपनियों की जून तिमाही की आय में ग्रामीण बाजारों से ‘अच्छी खबर’ और ई-कॉमर्स मंचों के जरिये मजबूत वृद्धि हुई है।

Last Updated- August 18, 2024 | 9:21 PM IST
उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों को बिक्री में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद Consumer goods companies expected to continue increasing sales

रोजमर्रा के उपयोग वाले उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी) को उम्मीद है कि बढ़ती खाद्य महंगाई की चिंताओं के बावजूद ग्रामीण बाजारों में मांग में सुधार और अच्छे मानसून के कारण आगामी तिमाहियों में उनकी बिक्री में वृद्धि जारी रहेगी।

एचयूएल, आईटीसी, डाबर, ब्रिटानिया, नेस्ले और इमामी जैसी प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों की जून तिमाही की आय में ग्रामीण बाजारों से ‘अच्छी खबर’ और ई-कॉमर्स मंचों के जरिये मजबूत वृद्धि हुई है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून अवधि में उद्योग की मात्रा वृद्धि लगभग 6.6 प्रतिशत रही। हालांकि, कंपनियां खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने से चिंतित हैं क्योंकि कॉफी और कोकोआ की कीमतें अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई हैं।

अनाज और अनाज की कीमतों में वृद्धि की संभावनाओं के बीच कुछ कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी का संकेत भी दिया है। डाबर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मोहित मल्होत्रा ने कहा, “आगे चलकर ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी बिक्री में वृद्धि होगी। इसलिए मुझे उम्मीद है कि अगली तिमाहियां बेहतर होंगी…।’’ उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि अच्छे मानसून, सुधरते वृहद आर्थिक संकेतकों और ग्रामीण-केंद्रित सरकारी खर्च के साथ एफएमसीजी मांग में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी।

मैरिको के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सौगत गुप्ता ने कहा कि एफएमसीजी क्षेत्र में जून तिमाही में मांग के रुझान में क्रमिक सुधार जारी रहा तथा ग्रामीण क्षेत्र की वृद्धि शहरी क्षेत्र से आगे रही।

उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि स्थिर खुदरा मुद्रास्फीति, स्वस्थ रूप से आगे बढ़ रहे मानसून सत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार के बजट में किये गये आवंटन से मात्रा रुझान में सुधार जारी रहेगा।” हालांकि, गुप्ता ने कहा, “उच्च खाद्य मुद्रास्फीति और वर्षा का स्थानिक वितरण नजर रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण कारक होंगे।”

नेस्ले ने अपनी पहली तिमाही के नतीजों में कहा, “कॉफी और कोको की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल देखी जा रही है क्योंकि इनकी कीमतें सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं और कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। अनाज और दालों की कीमतों में एमएसपी के समर्थन से संरचनात्मक लागत वृद्धि हो रही है।” हालांकि, मैगी और किटकैट बनाने वाली कंपनी ने कहा कि दूध की कीमतों, पैकेजिंग और खाद्य तेलों में सापेक्षिक स्थिरता है।

Also read: Market Outlook: वैश्विक रुख, एफआईआई की गतिविधियों से तय होगी शेयर बाजार की चाल

जून तिमाही में, एफएमसीजी कंपनियों ने ई-कॉमर्स खंड से भी बड़ी बढ़त दर्ज की, जिसमें इस खंड ने उच्च वृद्धि दर्ज की। हालांकि, उनमें से कुछ ने शहरी बाजारों में किराना स्टोर जैसे पारंपरिक चैनलों में नरमी की सूचना दी।

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट लिमिटेड (जीसीपीएल) के प्रबंध निदेशक और सीईओ सुधीर सीतापति ने कहा, “हमने आधुनिक व्यापार, ई-कॉमर्स और ग्रामीण क्षेत्रों में तीव्र हिस्सेदारी हासिल की है, लेकिन शहरी सामान्य व्यापार में हिस्सेदारी में कमी आई है।”

डाबर के लिए, ई-कॉमर्स और आधुनिक व्यापार जैसे उभरते चैनलों ने दहाई अंक की मजबूत वृद्धि दर्ज की और अब ये उसके घरेलू कारोबार में लगभग 20 प्रतिशत का योगदान देते हैं।

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First Published - August 18, 2024 | 6:42 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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