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ग्राहक लुभाने का कंज्यूमर डयूरेबल्स उद्योग का नया तरीका

Last Updated- December 07, 2022 | 2:02 PM IST

बढ़ती महंगाई से परेशान लगभग 32,000 करोड़ रुपये का टिकाऊ उपभोक्ता उपकरण बाजार अब बिक्री के बाद ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं को बेहतर कर ग्राहकों को लुभाने की कोशिश कर रहा है।


सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने इसके लिए अपना सर्विस नेटवर्क भी बना लिया है । जबकि एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, गोदरेज और वीडियोकॉन ने आउटसोर्सिंग मॉडल अपनाया है। गोदरेज ऐंड बॉयस के मुख्य परिचालन अधिकारी (एप्लायंस डिवीजन) जॉर्ज मेनेजिस ने बताया, ‘आजकल बाजार में मुकाबला उत्पाद की गुणवत्ता और बिक्री के बाद कंपनी ग्राहकों को कैसी सेवा मुहैया कराती है इस बात पर निर्भर करता है।’

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के निदेशक (मार्केटिंग और सेल्स) वी रामचंद्रन ने बताया, ‘आज कंपनी बिक्री के बाद कैसी सेवा मुहैया करा रही है यह बात बहुत मायने रखती है।’ भारत में बिक्री के बाद ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं पर कंपनियां कुल बिक्री का लगभग 2 फीसदी ही खर्च करती हैं। जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 5-8 फीसदी के बीच है। देश में टिकाऊ उपकरणों की रिपेयर का बाजार संगठित नहीं है। ज्यादातर लोग अपने फ्रिज और एसी जैसे उत्पादों की मरम्मत के लिए अपने आस पास के मैकेनिकों की सेवाएं लेते हैं।

छोटे इंजीनियरों के इस समूह ने इन कंपनियों की बिक्री के बाद दी जाने वाली सुविधाओं के बाजार में सेंध लगा ली है। आस पास के यह मैकेनिक ग्राहकों को कंपनियों के मुकाबले काफी कम कीमत में सेवाएं मुहैया कराते हैं। बढ़ते मुकाबले के कारण कं पनियों ने भी मार्केटिंग के इस पहलू पर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी। लेकिन अब सब कुछ बदलने की कगार पर है। ग्राहक अब समझदार हो गये हैं और कीमत के मुताबिक गुणवत्ता भी चाहते हैं। यह बात कंपनियों की भी समझ में आ गई है कि केवल कीमत कम रखने से ही बिक्री नहीं बढ़ेगी।

कच्चे माल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के कारण उत्पादों की कीमत कम करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। इसीलिए अब कंपनियों को सारा ध्यान उत्पाद बिक्री के  बाद ग्राहकों को दी जाने वाली सुविधाओं को और बेहतर करने पर ही है। इसके लिए कंपनियों ने ग्राहकों के लिए टॉल फ्री नंबर, ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा और बड़े रिटेल स्टोरों पर हेल्पडेस्क जैसी सुविधाएं भी दे रही हैं। लगभग सभी कंपनियों के देश भर में अधिकृत सर्विस केंद्र हैं।

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने उत्पादों की बिक्री के बाद की सेवाओं को और बेहतर करने के लिए ‘211 कैंपेन’ नाम से कार्यक्रम शुरू किया है। कंपनी के देश भर में लगभग 1,200 अधिकृत केंद्र हैं जिनमें लगभग 8,000 इंजीनियर अपनी सेवाएं देते है। सैमसंग ने ‘होम डॉक्टर’ कॉन्सेप्ट शुरू किया है। इसके तहत कंपनी के तकनीशियन ग्राहकों को फोन पर ही उपकरण की मरम्मत के लिए निर्देश दे सकता है। देश भर में सैमसंग के 9 सर्विस प्लाजा और 250 अधिकृत सेवा केंद्र्र हैं। इसके अलावा कंपनी ग्राहकों को लगभग 200 डीलर केंद्रों पर सर्विस हॉटलाइन की सुविधा भी दे रही है।

इन सब से अलग गोदरेज अपने तकनीशियनों को उत्पादों में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करने के लिए उनके प्रशिक्षण पर ज्यादा ध्यान दे रही है। मेनेजिस ने कहा, ‘ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए हमें प्रशिक्षित तकनीशियनों की जरूरत है। किसी उपकरण में हुई दिक्कत को ठीक पहचानना, उसकी सही मरम्मत करना और सेवा के बाद ग्राहकों से मिलने वाला फीडबैक बहुत जरूरी होता है।’ कंपनियां दावा कर रही हैं कि वह ग्राहकों की शिकायत दर्ज कर उनका समाधान कम से कम समय में देने में सफल रही हैं। यह बात सही है लेकिन प्रीमियम श्रेणी के उत्पादों की मरम्मत के काम ही कंपनियां ज्यादा तेजी दिखा रही हैं।

ग्राहकों को मिलेगी बेहतर सेवाएं

ग्राहकों को उत्पादों की खरीद के बाद दी जाने वाली सुविधाओं पर कंपनियां करती हैं कुल आय का मात्र 2-3 फीसदी ही खर्च
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने शुरू किया’211 कैंपेन’
सैमसंग के ‘होम डॉक्टर’ ने भी किया इलाज शुरू
गोदरेज दे रही है इंजीनियरों के बेहतर प्रशिक्षण पर ज्यादा ध्यान

First Published - July 29, 2008 | 11:49 PM IST

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