facebookmetapixel
Advertisement
भारत में लगेंगे ₹12 लाख करोड़ से ज्यादा के डेटा सेंटर और सर्वर? इन कंपनियों को मिल सकता है सबसे ज्यादा फायदाAI पर ज्यादा नियम नहीं चाहते ट्रंप, बोले- ऐसा किया तो चीन निकल जाएगा अमेरिका से आगेStocks To Buy Today: आज के 3 स्टॉक्स पर एक्सपर्ट की नजर, Paytm समेत इन शेयरों में खरीदारी की सलाहस्मॉल कैप में पैसा लगाना है तो सिर्फ रिटर्न न देखें, ये 3 चीजें तय कर सकती हैं आगे की कमाईOpening Bell: सेंसेक्स 300 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,400 के पार; Nifty IT में 3% से ज्यादा उछालNSE vs BSE: डिविडेंड और बोनस देने में कौन आगे? 10 साल का पूरा हिसाबAmazon Now का सालाना कारोबार 1 अरब डॉलर के पार, दिवाली तक 100 शहरों में विस्तार की तैयारीStocks To Watch Today: आज बाजार में इन शेयरों का जलवा? रिलायंस से रेमंड तक आए बड़े अपडेट, जानें कौन-सा शेयर रहेगा फोकस मेंUPI के नियम में बड़ा बदलाव! ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर लग सकता है चार्जजियो-एयरटेल के आरोपों के बाद TRAI की रडार पर वोडाफोन आइडिया, MNP विवाद की शुरू हुई जांच

अमेरिका में उत्पादन बढ़ाएगी सिप्ला, ग्लेनमार्क

Advertisement

इससे उन्हें शुल्क व्यवस्था में बदलाव के कारण पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।

Last Updated- April 27, 2025 | 10:24 PM IST
Cipla

प्रमुख औषधि कंपनी सिप्ला लिमिटेड और ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स अमेरिका में अपना विनिर्माण दायरा बढ़ाने के लिए तैयार हैं। इससे उन्हें शुल्क व्यवस्था में बदलाव के कारण पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। दोनों कंपनियों की कुल आय में अमेरिकी बाजार का योगदान करीब एक चौथाई है।

इस मामले से अवगत एक व्यक्ति ने कहा कि सिप्ला अमेरिका में सक्रिय तौर पर अपने कारोबार का विस्तार कर रही है। अमेरिका विशेष रूप से श्वसन एवं कैंसर की जेनेरिक दवाओं का एक प्रमुख वैश्विक बाजार है। उन्होंने कहा कि फिलहाल अमेरिका में कंपनी मैसाचुसेट्स और न्यूयॉर्क में चार विनिर्माण कारखानों के साथ अपना परिचालन करती है। ये कारखाने श्वसन संबंधी उत्पादों, ओरल थेरेपी सैशे टैबलेट एवं कैप्सूल के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करते हैं। कंपनी का मानना है कि जटिल जेनेरिक और पेप्टाइड आधारित दवा ऐसे दो क्षेत्र हैं जहां उसे लंबी अवधि की रणनीतिक वृद्धि हासिल हो सकती है।

इस बीच, ग्लेनमार्क ने उम्मीद जताई है कि नॉर्थ कैरोलाइना के मोनरो में उसकी इंजेक्टेबल्स इकाई का परिचालन वित्त वर्ष 2026 में सुचारु हो जाएगा। कंपनी उसमें विस्तार करने के लिए भी तैयार है। इस कारखाने को अमेरिकी औषधि नियामक यूएसएएफडीए के निरीक्षण के बाद 2023 में एक चेतावनी पत्र मिला था।

ग्लेनमार्क के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ग्लेन सलदाना ने कहा कि कंपनी को मोनरो कारखाने से काफी फायदा हो रहा है। उन्होंने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘हालांकि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका में माहौल कैसा रहेगा, लेकिन हमें मोनरो कारखाने में और विस्तार करने से खुशी होगी।’मोनरो करखाने में इंजेक्टेबल दवाओं का उत्पादन होता है। इंजेक्टेबल श्रेणी में अमेरिका को दवाओं की किल्लत से जूझना पड़ता है। ऐसे में इस कारखाने से कंपनी की स्थिति मजबूत होती है। सलदान्हा ने कहा, ‘जाहिर तौर पर इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं को मदद मिल सकती है और यह मेक इन अमेरिका की मौजूदा रणनीति के बिलकुल अनुरूप हो सकता है।’

भारत एवं अन्य जगहों से आयातित दवाओं पर शुल्क बढ़ने की आशंका के मद्देनजर स्थानीय स्तर पर दमदार मौजूदगी काफी महत्त्वपूर्ण हो गई है। सिप्ला की योजना से अवगत एक व्यक्ति ने कहा, ‘कंपनी की आय में अमेरिका का योगदान पहले से ही काफी है और हम उम्मीद करते हैं कि अगले कुछ वर्षों में उसकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ेगी।’

Advertisement
First Published - April 27, 2025 | 10:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement