facebookmetapixel
Advertisement
Akshaya Tritiya पर सोने की चमक पड़ी फीकी: सालभर में 60% बढ़े दाम, क्या अब भी निवेश करना समझदारी?US-ईरान जंग की आंच में चमका Gold ETFs, मार्च तिमाही में निवेशकों ने झोंके ₹31,561 करोड़बिहार में ‘सम्राट’ का राज! बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए सम्राट चौधरी, कल लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथIndigo की ‘Summer Getaway’ शुरू: फ्लाइट टिकटों पर 10% की छूट और एड-ऑन पर भारी बचत!मार्च में बैकिंग शेयरों पर MFs का बड़ा दांव, ₹34800 करोड़ की खरीदारी; HDFC और ICICI बैंक बने टॉप पिक₹1.80 लाख तक मिलेगी सैलरी! 8th Pay Commission में नौकरी का मौका, आप भी कर सकते हैं आवेदनSmart Factory: अब मशीनें खुद बताएंगी क्या खराब है, फैक्ट्रियों में बदलेगी इंसान की भूमिकाऑटो सेक्टर में जोरदार उछाल, मार्च में पैसेंजर व्हीकल बिक्री 16% बढ़कर 4.42 लाख यूनिट के पारUS-Iran Tensions: ईरान का बड़ा दांव! 5 साल न्यूक्लियर रोक, 16 अप्रैल को अमेरिका से फिर बातचीतहॉर्मुज पूरी तरह बंद हुआ तो रोजाना लाखों बैरल तेल सप्लाई अटकेगी, भारत पर भी पड़ेगा असर

NCLT के आदेश को चुनौती दे सकती है बैजूस

Advertisement

एनसीएलएटी में अपील कर सकती है बैजूस, ऋणदाताओं की समिति के गठन से पहले समझौते की संभावना पर जोर

Last Updated- July 17, 2024 | 11:45 PM IST
Court rejects NCLAT order stopping bankruptcy proceedings against Byju's न्यायालय ने Byju's के खिलाफ दिवाला कार्यवाही रोकने वाले NCLAT के आदेश को किया खारिज

राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा एडटेक कंपनी बैजूस की मूल कंपनी थिंक ऐंड लर्न के खिलाफ दिवाला कार्यवाही के आदेश को कंपनी चुनौती दे सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में एडटेक फर्म राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (एनसीएलएटी) में गुहार लगा सकती है।

एनसीएलटी ने पंकज श्रीवास्तव को अंतरिम समाधान पेशेवर के तौर पर नियुक्त किया है और बैजूस के पास अब समय नहीं बच रहा है क्योंकि ऋणदाताओं की समिति का गठन शुरू हो गया है। ऋणदाताओं की समिति के गठन से पहले समझौते के महत्त्व के बारे में एंड्री लीगल के पार्टनर आशिष प्यासी ने कहा, ‘याचिका स्वीकार होने पर उपलब्ध कानूनी विकल्पों में अपील अधिकरण के समक्ष आदेश को चुनौती देना शामिल है।’

‘अगर ऐसा होता है कि पक्ष मामले को सुलझा सकते हैं और समाधान प्रक्रिया रद्द हो जाएगी। अगर ऋणदाताओं की समिति के गठन से पहले निकासी शुरू की जाती है तो 90 फीसदी ऋणदाताओं की मंजूरी भी जरूरी नहीं रहेगी।’

‘मगर याची के साथ कोई समझौता नहीं होता है तो यह रद्द तब ही हो सकता है जब इसे 90 फीसदी ऋणदाताओं की समिति से मंजूरी मिली हो।’ शिवदास ऐंड शिवदास लॉ चैंबर के पार्टनर प्रशांत शिवदास ने कहा, ‘बैजूस एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ अपील कर सकती है और आदेश पर रोक लगाने की मांग कर सकती है।’

Advertisement
First Published - July 17, 2024 | 11:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement