facebookmetapixel
दीपिंदर गोयल ने Eternal CEO पद से दिया इस्तीफा; अलबिंदर सिंह धिंडसा को मिली कमानजमीन सौदों में MMR की बादशाहत, 2025 में 500 एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदीWhiteOak MF लाया नया कंजम्प्शन फंड, ₹100 की छोटी SIP से बड़ी ग्रोथ का मौका?Cabinet Decision: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक जारी रहेगी, कैबिनेट से मंजूरी; सरकारी सहायता भी बढ़ीAU SFB share: दमदार Q3 के बावजूद 3% टूटा, अब खरीदने पर होगा फायदा ? जानें ब्रोकरेज का नजरिया₹535 से ₹389 तक फिसला Kalyan Jewellers का स्टॉक, क्या अभी और गिरेगा? जानें क्या कह रहे चार्टGroww ने लॉन्च किया Groww Prime, म्युचुअल फंड निवेश होगा अब ज्यादा स्मार्ट और आसान!Cabinet Decision: SIDBI को ₹5,000 करोड़ का इक्विटी सपोर्ट, MSME को मिलेगा सस्ता कर्जStocks To Buy: मार्केट क्रैश में खरीदारी का मौका, बोनांजा की पसंद 3 पीएसयू बैंक शेयर; 27% तक अपसाइड34% रिटर्न दे सकता है ये IT स्टॉक, Q3 में 18% बढ़ा मुनाफा; ब्रोकरेज ने कहा- सही मौका

EGM में Byju’s के निवेशक बोले… रवींद्रन हटें; कंपनी ने फाउंडर के खिलाफ वोटिंग को बताया अमान्य

60 फीसदी से अधिक मतदान का अधिकार रखने वालों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। Byju's के संस्थापकों के पास 23 से 25 फीसदी मताधिकार है।

Last Updated- February 23, 2024 | 10:46 PM IST
Byju's CEO Ravindran

एडटेक फर्म बैजूस की निवेशक प्रोसस ने आज कहा कि कंपनी के निवेशकों ने बैजूस की असाधारण आम बैठक (ईजीएम) में कंपनी के संस्थापक बैजू रवींद्रन को मुख्य कार्याधिकारी पद से हटाने सहित सभी प्रस्तावों को पारित कर दिया। कंपनी के प्रमुख निवेशकों ने यह ईजीएम बुलाई थी। उन्होंने कंपनी के निदेशक मंडल को बदलने और बैजू रवींद्रन की पत्नी और कंपनी की सह-संस्थापक दिव्या गोकुलनाथ तथा उनके भाई ऋजु रवींद्रन को बोर्ड से हटाने के प्रस्ताव को भी पारित कर दिया। रवींद्रन और उनका परिवार इस बैठक में शामिल नहीं हुआ।

हालांकि बैजूस ने कहा कि पारित प्रस्ताव अमान्य और बेमानी हैं। इसमें कहा गया है कि जिन प्रस्तावों को लागू नहीं किया जा सकता उसका पारित होना कानून के नियमों को चुनौती देना है।

प्रोसस ने कहा, ‘आज हुई असाधारण आम बैठक में शेयरधारकों ने सर्वसम्मति से सभी प्रस्तावों को पारित करने के लिए मतदान किया। इन प्रस्तावों में बैजूस में कारोबार संचालन में खामियां, वित्तीय कुप्रंधन तथा अनुपालन के मुद्दे शामिल थे। निदेशक मंडल के पुनर्गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई, इसलिए अब इस पर संस्थापक की थिंक ऐंड लर्न (बैजूस की प्रवर्तक कंपनी) का नियंत्रण नहीं होगा और कंपनी के नेतृत्व में भी बदलाव होगा।’

प्रोसस ने कहा, ‘शेयरधारकों और प्रमुख निवेशक के तौर पर हम ईजीएम बैठक और इसके निर्णय की वैधता को लेकर अपनी स्थिति के प्रति आश्वस्त हैं। अब इसे हम कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।’

निवेशकों से जुड़े सूत्रों के अनुसार 60 फीसदी से अधिक मतदान का अधिकार रखने वालों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। बैजूस के संस्थापकों के पास 23 से 25 फीसदी मताधिकार है।

रवींद्रन को हटाने और बोर्ड में बदलाव के लिए निवेशकों द्वारा बुलाई गई ईजीएम में काफी नाटकीय घटनाक्रम देखे गए। मामले के जानकार व्यक्ति के अनुसार दिन की शुरुआत में बैठक को बाधित करने के लिए फिशिंग हमले किए गए। उपस्थित लोगों को अज्ञात स्रोत से संदेश मिला कि बैठक रद्द कर दी गई है।

ईजीएम निर्धारित समय पर सुबह 9 बजे शुरू हुई। बैजू से सहानुभूति रखने वाले कई अनधिकृत व्यक्तियों ने बिना प्रक्रिया के बैठक में शामिल होने के लिए घुसपैठ की कोशिश की। बैठक को बाधित करने के लिए वह पीछे से सीटी बजा रहे थे और शोर मचा रहे थे।

एक व्यक्ति के अनुसार कुछ उपयोगकर्ताओं ने कहा, ‘हमें हमारे सीईओ बैजू सर की जरूरत है। ’ उन्होंने कहा कि कई अनजान शख्स भी नतालिया क्रूज, केविन पीटरसन और सर माइकल नाइट जैसे फर्जी नामों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल होने का प्रयास किया।

बैजूस ने कहा कि किसी भी सूरत में ये प्रस्ताव केवल बोर्ड से बैठक में पारित सिफारिशों पर विचार करने का अनुरोध करते हैं। उनका कंपनी या उसकी निर्णय लेने की प्रक्रियाओं पर कोई बाध्यकारी प्रभाव नहीं है।

कंपनी ने कहा, ‘इन प्रस्तावों में बैजूस अथवा उसके निदेशकों पर किसी तरह का दायित्व थोपने के लिए अधिकार नहीं है।’बैजूस ने कहा कि कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उसे अंतरिम राहत दी थी और साफ तौर पर कहा था कि बैठक के दौरान लिया गया कोई भी निर्णय अगली सुनवाई तक लागू नहीं होगा।

First Published - February 23, 2024 | 10:46 PM IST

संबंधित पोस्ट