सिंगापुर के प्रतिस्पर्धा नियामक सीसीसीएस ने एयर इंडिया और विस्तारा के प्रस्तावित विलय को सशर्त मंजूरी दे दी है। सौदे की घोषणा के एक साल से अधिक समय बाद यह मंजूरी दी गयी है। एयर इंडिया के साथ विस्तारा के विलय की घोषणा नवंबर, 2022 में की गई थी।
इसके तहत सिंगापुर एयरलाइंस, एयर इंडिया में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। विस्तारा सिंगापुर एयरलाइंस और टाटा समूह का एक संयुक्त उद्यम है। सिंगापुर के प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता आयोग (सीसीसीएस) ने संभावित प्रतिस्पर्धा-रोधी चिंताओं को दूर करने के लिए एयर इंडिया, सिंगापुर एयरलाइंस और विस्तारा की तरफ से प्रतिबद्धता जताने के बाद विलय को सशर्त मंजूरी दे दी है।
प्रतिबद्धताओं में सिंगापुर-दिल्ली, सिंगापुर-मुंबई, सिंगापुर-चेन्नई और सिंगापुर-तिरुचिरापल्ली मार्गों पर अनुसूचित हवाई यात्री परिवहन सेवाओं से संबंधित प्रतिबद्धताएं शामिल हैं। सीसीसीएस की एक विज्ञप्ति के अनुसार, संबंधित पक्षों ने इन मार्गों पर क्षमता को महामारी से पहले (यानी वर्ष 2019) के स्तर पर बनाए रखने के लिए प्रतिबद्धता जतायी है।
सिंगापुर एयरलाइंस के प्रवक्ता ने मंगलवार को एक बयान में मंजूरी का स्वागत किया। उसने कहा कि प्रस्तावित विलय प्रगति पर है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और अन्य नियामकीय मंजूरी लंबित है।