Indian Pharma Market: जनवरी 2026 में भारतीय दवा बाजार में सालाना आधार पर 11% की बढ़त दर्ज हुई। पिछले साल जनवरी में यह बढ़त 9% थी, जबकि दिसंबर 2025 में बाजार 15% बढ़ा था। यानी रफ्तार थोड़ी कम हुई है, लेकिन बढ़त जारी है। हालांकि महीने-दर-महीने तुलना करें तो जनवरी में बाजार करीब 2% घटा भी है।
इस बार सबसे ज्यादा मांग उन दवाओं की रही जो लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों, जैसे दिल और शुगर, के इलाज में काम आती हैं। इन दवाओं की बिक्री 16% बढ़ी। इसके मुकाबले बुखार, संक्रमण या छोटी अवधि की बीमारियों की दवाएं 9% ही बढ़ सकीं। दिल और शुगर की दवाओं ने पूरे बाजार से बेहतर काम किया। वहीं संक्रमण, पेट और त्वचा से जुड़ी दवाओं की बढ़त 6% से 9% के बीच रही, जो बाजार की औसत बढ़त से कम है।
टॉप 10 बड़ी दवा कंपनियों में से पांच ने बाजार से ज्यादा तेजी दिखाई। INTAS और Lupin करीब 16% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहीं। Sun Pharma, Dr Reddy’s और Macleods ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
पिछले 12 महीनों को जोड़कर देखें तो बाजार 9% बढ़ा है। इसमें से 4% बढ़त दवाओं की कीमत बढ़ने से आई, 3% नए प्रोडक्ट लॉन्च होने से और सिर्फ 2% बढ़त दवाओं की असली बिक्री यानी वॉल्यूम से आई। जनवरी में विदेशी दवा कंपनियां 14% बढ़ीं, जबकि भारतीय कंपनियां 11% बढ़ीं।
जनवरी में Mounjaro 130 करोड़ रुपये की बिक्री के साथ देश का सबसे ज्यादा बिकने वाला ब्रांड रहा। हालांकि पिछले महीने के मुकाबले इसकी बिक्री 8% घटी है। Foracort ने भी अच्छी बढ़त दिखाई। Pan और Thyronorm रैंकिंग में ऊपर चढ़े। Ryzodeg, Zerodol-SP और Mixtard जैसे ब्रांड्स ने भी अपनी जगह मजबूत की।
जनवरी में Sun Pharma, Torrent Pharma, Intas और Lupin ने अपना बाजार हिस्सा बढ़ाया। वहीं Abbott, Cipla, Mankind, Alkem और Dr Reddy’s का हिस्सा थोड़ा घटा। Torrent Pharma ने JB कंपनी को खरीदने के बाद रैंकिंग में चार स्थान की छलांग लगाई।
ब्रोकरेज फर्म एंटीक का मानना है कि वित्त वर्ष 2026 में दवा बाजार करीब 10% बढ़ सकता है। कीमतें और नए प्रोडक्ट मिलकर बढ़त देंगे, लेकिन दवाओं की असली बिक्री की रफ्तार करीब 2% ही रह सकती है। सस्ती जेनेरिक दवाएं और जन औषधि स्टोर ब्रांडेड दवा कंपनियों के लिए चुनौती बने हुए हैं।
ब्रोकरेज ने अपनी पसंदीदा कंपनी के तौर पर Torrent Pharma को चुना है। कंपनी की बढ़त अच्छी है और इसके पास दिल और शुगर जैसी दवाओं का मजबूत पोर्टफोलियो है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।