facebookmetapixel
Weather Update: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड, कश्मीर में माइनस तापमान; दक्षिण में भारी बारिश का अलर्टNSE IPO को लेकर बड़ी खबर, इस महीने मिल सकती है सेबी की मंजूरी‘हमें अमेरिकी बनने का कोई शौक नहीं’, ग्रीनलैंड के नेताओं ने ट्रंप की बात को ठुकराया, कहा: हम सिर्फ ‘ग्रीनलैंडर’Bonus Issue Alert: अगले हफ्ते दो कंपनियां अपने निवेशकों को देंगी बोनस शेयर, रिकॉर्ड डेट फिक्सDMart Q3 Results: Q3 में मुनाफा 18.28% बढ़कर ₹855 करोड़ के पार, रेवेन्यू ₹18,100 करोड़ पर पहुंचाभारत पहुंचे US के नए राजदूत गोर,कहा: वापस आकर अच्छा लग रहा, दोनों देशों के सामने कमाल के मौकेCorporate Action: स्प्लिट-बोनस-डिविडेंड से बढ़ेगी हलचल, निवेशकों के लिए उत्साह भरा रहेगा अगला हफ्ताIran Protest: निर्वासित ईरानी शाहपुत्र पहलवी का नया संदेश- विरोध तेज करें, शहरों के केंद्रों पर कब्जे की तैयारी करें350% का तगड़ा डिविडेंड! 5 साल में 960% का रिटर्न देने वाली कंपनी का निवेशकों को जबरदस्त तोहफाSuzuki ने उतारा पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर e-Access, बुकिंग हुई शुरू! जानें कीमत

अदाणी-होल्सिम सौदे से सीमेंट उद्योग में एकीकरण मुमकिन

Last Updated- December 11, 2022 | 6:57 PM IST

अदाणी-होल्सिम सौदे से सीमेंट उद्योग मेंं एकीकरण का दौर शुरू हो सकता है, यह कहना है उद्योग के जानकार और विशेषज्ञों का। ज्यादातर बड़ी कंपनियों ने विस्तार की अहम योजना का खाका तैयार किया है जबकि अहम बाजारों में सरप्लस है। इसके अलावा र्ईंधन की बढ़ती लागत और ज्यादा लागत समाहित करने को लेकर बाजार का प्रतिरोध लागत का दबाव बढ़ा सकता है, ऐसी स्थिति में कमजोर कंपनियां बाजार से बाहर निकलने पर विचार कर सकती हैं।
देसी सीमेंट उद्योग ने पिछले दशक में अहम एकीकरण देखा था, यह कहना है क्रिसिल के निदेशक हेतल गांधी का। गांधी ने कहा, होल्सिम समूह से बाहर की चार कंपनियां अल्ट्राटेक सीमेंट, श्री सीमेंट, डालमिया सीमेंट (ओसीएल व डालमिया भारत ईस्ट समेत) और नूवोको विस्टाट) लाफार्ज इंडिया ने क्षमता विस्तार के लिए विलय-अधिग्रहण का इस्तेमाल किया और अपनी बाजार हिस्सेदारी 2015 से 2022 के बीच 26-27 फीसदी से बढ़ाकर 38-39 फीसदी पर पहुंचा दिया।
एक अहम सीमेंट कंपनी ने कहा, यह मूल्यांकन का मामला है। उन्होंने कहा, अगर अदाणी-होल्सिम की कीमत के मुताबिक हो तो कुछ छोटी इकाइयां बिक्री के लिए आ सकती हैं।
आईआईएफएल सिक्यो. की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सौदा पिछले सौदों के मुकाबले प्रीमियम पर हुआ है। इसकी गणना बताती है कि अंबुजा की हिस्सेदारी के लिए ईवी/एमटी  170-180 डॉलर प्रति एमटी रहा जबकि अमेरिका में पिछला औसत 100-170 डॉलर प्रति एमटी रहा है।
भारती सीमेंट के निदेशक रविंदर रेड्डी ने कहा, दक्षिम भारत के बाजार में सरप्लस क्षमता है और क्षमता का औसत इस्तेमाल 50 से 60 फीसदी रहा है। अगर वे अधिग्रहण के जरिये बढ़त का विकल्प चुनते हैं तो ग्रीनफील्ड विस्तार बाजार के मौजूदा आयाम को प्रभावित कर सकते हैं।

First Published - May 17, 2022 | 12:35 AM IST

संबंधित पोस्ट