facebookmetapixel
Advertisement
पश्चिम एशिया संकट ने बढ़ाई भारत की टेंशन! महंगे तेल से भड़क सकती है महंगाई, इ​क्विटी-डेट में क्या करें निवेशकStocks to Watch Today: Airtel, Tata Motors, HAL समेत इन शेयरों पर रहेगी बाजार की नजरStock Market Today: मजबूती के साथ खुले भारतीय बाजार; सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 23,500 के पारAurobindo Pharma, Tata Steel और Sona BLW में खरीदारी का मौका? एक्सपर्ट ने बताए टारगेटउतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी अहम सपोर्ट के पास, एक्सपर्ट ने बताए ये 3 शेयर खरीदने के मौके, चेक करें TGT, SL2027 से बदल सकता है आपकी कार का फ्यूल, सरकार की बड़ी तैयारीसोना महंगा होते ही बाजार में गिरा फुटफॉल, कई शहरों में 80% तक कम हुए ग्राहकसोने पर 15% ड्यूटी से क्या घटेगा भारत का ट्रेड डेफिसिट? जानिए क्यों इतना आसान नहीं है यह गणिततेल संकट के बीच सरकार का बड़ा दावा! 4 साल से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामMSCI Index में बड़ा फेरबदल! Adani Energy और MCX की एंट्री, RVNL बाहर

अदाणी ग्रुप ने बताया 20,000 करोड़ रुपये का ‘स्रोत’

Advertisement
Last Updated- April 10, 2023 | 6:35 PM IST
Adani Ports Stock

उद्योगपति गौतम अदाणी के समूह ने सोमवार को 2019 से अपनी कंपनियों में बेची गई कुल 2.87 अरब डॉलर की हिस्सेदारी का ब्योरा दिया। समूह ने साथ ही यह भी बताया कि किस तरह इस राशि का 2.55 अरब डॉलर हिस्सा दोबारा व्यापार में लगाया गया। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दावे के जवाब में समूह ने यह जानकारी दी।

राहूल गांधी ने आरोप लगाया था कि ‘बेनामी कंपनियों’ के जरिए समूह में 20,000 करोड़ रुपये आए हैं। समूह की तरफ से दी गयी जानकारी के मुताबिक अबू धाबी स्थित वैश्विक रणनीतिक निवेश इकाई इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) जैसे निवेशकों ने अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) जैसी समूह की कंपनियों में 2.593 अरब डॉलर (लगभग 20,000 करोड़ रुपये) का निवेश किया।

प्रवर्तकों ने अदाणी टोटल गैस लिमिटेड और एजीईएल में हिस्सेदारी बेचकर 2.783 अरब डॉलर जुटाए।

समूह ने कहा, ”इस राशि को नए कारोबार के विकास और अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड, अदाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड और अडाणी पावर लिमिटेड जैसी कंपनियों की वृद्धि को गति देने के लिए प्रवर्तक संस्थाओं ने दोबारा निवेश किया।”

बयान में अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन की एक रिपोर्ट का खंडन किया गया, जो स्पष्ट रूप से गांधी के बयान का आधार था। रिपोर्ट में सवाल किया गया था कि, ”अदाणी की बेनामी कंपनियों में 20,000 करोड़ रुपये अचानक कहां से आ गए।”

समूह ने कहा, ”हम समझते हैं कि अदाणी को गिराने की प्रतिस्पर्धी दौड़ ध्यान खींच सकती है। लेकिन, हम प्रतिभूति कानूनों का पूरी तरह से अनुपालन कर रहे हैं और प्रवर्तक स्वामित्व तथा वित्तपोषण को लेकर चीजें बिल्कुल साफ है।”

अदाणी ने कहा कि जनवरी 2021 में प्रवर्तकों ने नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी एजीईएल में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी फ्रांस की दिग्गज कंपनी टोटल एनर्जी को बेचकर दो अरब डॉलर जुटाए।

इससे पहले, उन्होंने शहरी गैस इकाई- अदाणी टोटल गैस लिमिटेड में 37.4 प्रतिशत हिस्सेदारी उसी फ्रांसीसी कंपनी को 78.3 करोड़ डॉलर में बेची थी। टोटल एनर्जीज ने इस तरह के कुछ निवेश करने के लिए प्रवर्तकों की विदेशी निवेश कंपनियों को खरीदा। विदेश में मिली धनराशि को समूह की कंपनियों में वापस लाया गया, जिसे कुछ लोग अब ‘बेनामी कंपनियों’ का नाम दे रहे हैं।

बयान में कहा गया, ”इस राशि को प्रवर्तकों ने फिर से नए कारोबार के विकास के लिए निवेश किया।” बयान में आगे कहा गया कि अदाणी की कंपनियों में प्रवर्तकों की पर्याप्त हिस्सेदारी है, जो समय के साथ बढ़ी है। ऐसा इक्विटी बिक्री के जरिए मिली राशि के निवेश की वजह से हुआ।

समूह ने कहा कि इन सभी लेनदेन की जानकारी सार्वजनिक रूप से दी गई है। बयान के मुताबिक अदाणी परिवार ने हिस्सेदारी बिक्री से मिली राशि का इस्तेमाल एजीईएल के शेयर खरीदने के लिए किया। इसके अलावा एजीईएल को शेयरहोल्डर ऋण और अन्य प्रतिभूतियों के जरिए समर्थन भी दिया गया।

Advertisement
First Published - April 10, 2023 | 6:35 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement