facebookmetapixel
Advertisement
बचत से निवेश तक: 38% महिलाएं हर हफ्ते करती हैं UPI पेमेंट, 71% खुद संभाल रहीं बैंक खातेक्या Jio के IPO के लिए करना होगा और इंतजार? नोटिफिकेशन में देरी से अब लिस्टिंग को लेकर बढ़ा सस्पेंसगैजेट्स से ग्रॉसरी तक किस्तों पर? कहीं ‘बाय नाउ पे लेटर’ व EMI आपकी फाइनेंशियल फ्रीडम तो नहीं छीन रहाMarket This Week: मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार में भारी गिरावट, निफ्टी-सेंसेक्स 3% टूटे; निवेशकों के ₹13 लाख करोड़ डूबेम्युचुअल फंड से लेकर शेयर बाजार तक: फाइनेंस की दुनिया में सबसे तेजी से उभरती ताकत बन रहीं महिलाएंटैक्स बचाने का आखिरी मौका: 31 मार्च से पहले इन स्मार्ट तरीकों से घटाएं अपनी टैक्स लायबिलिटी₹250 से नीचे का इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट शेयर दे सकता है 40% रिटर्न, ब्रोकरेज ने कहा- पंखों की मांग बनेगी बड़ा ट्रिगर₹1500 तक जा सकता है TATA का ये शेयर, ब्रोकरेज ने कहा- नई केटेगरी में बिजनेस बढ़ाने से मिलेगा फायदाMiddle East conflict: रिलायंस को फायदा, तेल और गैस कंपनियों पर दबावReliance पावर के ठिकानों पर ED की बड़ी कार्रवाई, 12 जगहों पर 15 टीमों की रेड; लेकिन शेयरों में तेजी

‘Hindenburg’ की रिपोर्ट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है अदाणी समूह

Advertisement
Last Updated- January 26, 2023 | 2:47 PM IST
Adani Group Share

अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के निवेशकों को एक दिन में 1 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद समूह ने आज कहा कि वह अमेरिकी कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रहा है।

अदाणी समूह के लीगल हेड (legal head) जतिन जालंधवाला ने एक बयान में कहा, “हम हिंडनबर्ग रिसर्च के खिलाफ उपचारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई के लिए अमेरिकी और भारतीय कानूनों के तहत प्रासंगिक प्रावधानों का मूल्यांकन कर रहे हैं।”

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को दुर्भावनापूर्ण रूप से आधारहीन बताते हुए समूह ने कहा कि वह एक विदेशी कंपनी द्वारा इन्वेस्टर समुदाय और आम जनता को गुमराह करने, अदाणी समूह और उसके अधिकारियों की प्रतिष्ठा को कम करने के इस जानबूझकर और लापरवाह प्रयास से बहुत परेशान है।

उसने कहा, “रिपोर्ट द्वारा बनाई गई भारतीय शेयर बाजारों में अस्थिरता बहुत चिंता का विषय है और इसने भारतीय नागरिकों के लिए बिना किसी कारण के परेशानी को खड़ा किया है।”

समूह ने कहा कि रिपोर्ट और इसके निराधार कंटेंट को अदाणी समूह की कंपनियों के शेयर मूल्यों पर हानिकारक प्रभाव डालने के लिए डिज़ाइन किया गया था।

अदाणी समूह के सीएफओ जुगशिंदर सिंह ने बुधवार को आरोप लगाया था कि रिपोर्ट जारी करने का समय उसके FPO को नुकसान पहुंचाने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया था, जो कल से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा।

बात दें कि रिपोर्ट जारी होने के बाद बुधवार को अदाणी समूह के शेयरों में 10 प्रतिशत तक की गिरावट आई और 10 काउंटरों पर 96,672 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ कारोबारी सत्र का अंत हुआ। समूह के निवेशकों को इस रिपोर्ट के बाद लगभग एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

Advertisement
First Published - January 26, 2023 | 1:10 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement