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अदाणी का एआई आधारित विस्तार के लिए ‘दो-स्तरीय संगठन’ पर जोर

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शांतिलाल अदाणी व्याख्यान श्रृंखला में अदाणी ने जोर दिया कि वित्तीय अनुशासन के बिना महत्त्वाकांक्षा केवल सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि ऋण-एबिटा हमारे लिए विवेक का प्रतीक है

Last Updated- October 15, 2025 | 11:14 PM IST
Gautam Adani

अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा है कि समूह का शुद्ध ऋण-एबिटा अनुपात 2.6 गुना है, जो 100 अरब डॉलर की पांच वर्षीय पूंजीगत व्यय योजना शुरू करने के बावजूद उसके सतर्क वित्तीय रुख को दर्शाता है।  उन्होंने कहा कि मजबूत लेवरेज स्थिति समूह को बैलेंस शीट की अखंडता से समझौता किए बिना उच्च-विकास अवसरों को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाती है।

मंगलवार को दूसरी शांतिलाल अदाणी व्याख्यान श्रृंखला में बोलते हुए अदाणी ने इस बात पर जोर दिया कि वित्तीय अनुशासन के बिना महत्त्वाकांक्षा केवल सिद्धांत है। उन्होंने समूह के विवेक सम्मत पूंजी प्रबंधन और बढ़ती परिचालन दक्षता को एक ऐसी वित्तीय नींव के निर्माण का श्रेय दिया जो बाहरी बाजारों पर निर्भरता के बिना बड़े पैमाने पर निवेश को ताकत प्रदान कर सकती है।

अदाणी ने वरिष्ठ वित्तीय अधिकारियों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमारी वृद्धि बाहरी भावनाओं पर निर्भर नहीं है, बल्कि हमारे अपने इंजनों द्वारा संचालित है।’

उन्होंने कहा, ‘ऋण-एबिटा बाजार के लिए एक महत्त्वपूर्ण संख्या हो सकती है, लेकिन हमारे लिए, यह विवेक का प्रतीक है, हर साहसिक कदम के पीछे छिपी हुई शांत शक्ति।’

अपने संबोधन में, अदाणी ने एक नए संरचनात्मक मॉडल ‘टू-ट्रैक ऑर्गनाइजेशन’ का अनावरण किया, जिसे उन्होंने ‘हमारे ऑपरेटिंग डीएनए की पुनर्कल्पना’ बताया। यह मॉडल एआई की गति और सटीकता को मानवीय निर्णय लेने की क्षमता और नैतिकता के साथ जोड़ता है।

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First Published - October 15, 2025 | 10:51 PM IST

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