facebookmetapixel
SME शेयर मामले में 26 लोगों पर सेबी की पाबंदी, ₹1.85 करोड़ का जुर्माना लगायाRupee vs Dollar: कंपनियों की डॉलर मांग से रुपये में कमजोरी, 89.97 प्रति डॉलर पर बंदGold-Silver Price: 2026 में सोने की मजबूत शुरुआत, रिकॉर्ड तेजी के बाद चांदी फिसलीतंबाकू कंपनियों पर नए टैक्स की चोट, आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में भारी गिरावटम्युचुअल फंड AUM ग्रोथ लगातार तीसरे साल भी 20% से ऊपर रहने की संभावना2025 में भारती ग्रुप का MCap सबसे ज्यादा बढ़ा, परिवार की अगुआई वाला देश का तीसरा सबसे बड़ा कारोबारी घराना बनावित्त मंत्रालय का बड़ा कदम: तंबाकू-सिगरेट पर 1 फरवरी से बढ़ेगा शुल्कAuto Sales December: कारों की बिक्री ने भरा फर्राटा, ऑटो कंपनियों ने बेच डालें 4 लाख से ज्यादा वाहनकंपस इंडिया अब ट्रैवल रिटेल में तलाश रही मौके, GCC पर बरकरार रहेगा फोकसलैब में तैयार हीरे की बढ़ रही चमक, टाइटन की एंट्री और बढ़ती फंडिंग से सेक्टर को मिला बड़ा बूस्ट

Ace Aviation ने कन्वर्जन स्लॉट के लिए एक और विमान खरीदा

सहयोग की कमी के कारण जेट विमानों की डील में देरी, कन्वर्जन स्लॉट पूरा करने के लिए एस एविएशन ने नया विमान बाजार से खरीदा

Last Updated- October 04, 2024 | 10:21 PM IST
Michael Koish, Chief Investment Officer, Challenge Group

तीन बोइंग बी777 विमानों के अधिग्रहण के लिए जेट एयरवेज के साथ संघर्ष कर रही एस एविएशन ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि उसने फरवरी 2025 की शुरुआत में कन्वर्जन स्लॉट के लिए एक और विमान खरीदा है।

माल्टा स्थित एस एविएशन की पैतृक कंपनी चैलेंज ग्रुप के मुख्य निवेश अधिकारी माइकल कोइश ने कहा कि उनके पास 2025 की शुरुआत में यात्री विमान को मालवाहक विमान में बदलने के लिए कन्वर्जन स्लॉट (विमान का प्रकार बदलने के लिए दिए गए समय स्लॉट) हैं और इसके लिए उन्हें जल्द ही विमान खरीदने की जरूरत है।

लेकिन जेट एयरवेज के ऋणदाताओं और एयरलाइन के सफल बोलीदाता जालान कालरॉक कंसोर्टियम, दोनों से सहयोग के अभाव की वजह से उन्हें बाजार से अन्य विमान खरीदने को बाध्य होना पड़ा, जिसमें महज 3 से 4 महीने लगे।

उन्होंने कहा, ‘हमने 2025 की पहली तिमाही से शुरू होने वाले कई कन्वर्जन स्लॉट हासिल किए हैं। हमने शुरू में इस समय सीमा को पूरा करने के लिए 2024 के मध्य तक इन जेट विमानों की खरीद को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा था। हालांकि बैंकों और एसआरए (सक्सेसफुल रिजोल्यूशन एप्लीकेंट, जो जेकेसी है) से सहयोग के अभाव की वजह से सौदे में काफी विलंब हुआ।’

‘हमने अभिरुचि पत्र पर हस्ताक्षर किए और दो साल पहले जेट के खाते में 56 लाख डॉलर स्थानांतरित किए। समाधान योजना के तहत, यह सौदा 45 दिनों के भीतर पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई है, और वे अपने कदम पीछे खींचते जा रहे हैं।’

First Published - October 4, 2024 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट