facebookmetapixel
Advertisement
Trump-Xi Meeting: अमेरिका-चीन की बड़ी डील! ट्रंप-शी बैठक में तनाव कम करने की कोशिश, जानें 5 बड़े फैसलेदिल्ली की रेखा सरकार का बड़ा फैसला! वर्क फ्रॉम होम से लेकर ‘नो व्हीकल डे’ तक कई नए नियम लागूHUF के जरिए घर खरीदना कैसे बन सकता है टैक्स बचत का स्मार्ट तरीका, जानिए क्या हैं फायदे और जरूरी बातेंNEET में लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में? पेपर लीक के बाद चौंकाने वाले आंकड़ेTata Motors Q4 Results: मुनाफा 31% गिरा, राजस्व में बढ़त; JLR का दबाव भारीSenior Citizens के लिए खुशखबरी! FD पर मिल रहा 8.3% तक बंपर ब्याज, जानें कौन से बैंक दे रहे सबसे ज्यादा रिटर्नMutual Fund: अप्रैल में इक्विटी AUM रिकॉर्ड स्तर पर, फंड हाउसेस ने किन सेक्टर और स्टॉक्स में की खरीदारी?तेल संकट और कमजोर पर्यटन ने मॉरीशस की अर्थव्यवस्था को झकझोरा, भारत भी रहे सतर्कप्लेटिनम हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड: 20 मई से खुलेगा NFO, किसे करना चाहिए इस SIF में निवेश?Airtel को लेकर सुनील मित्तल का 10 साल का मास्टरप्लान सामने आया

पूंजीगत व्यय चक्र में सुधार के बीच ABB की नजर मैन्यूफेक्चरिंग पर

Advertisement

देश में कारखानों की संख्या बढ़ाने और भारत को निर्यात के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की योजना

Last Updated- February 12, 2023 | 11:31 PM IST

पूंजीगत वस्तुओं की विनिर्माता ABB भारत में अपने कारखानों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही है क्योंकि देश में बढ़ते सार्वजनिक और निजी पूंजीगत व्यय से औद्योगिक वस्तुओं की मांग बढ़ रही है।

ABB इंडिया के कंट्री हेड और प्रबंध निदेशक संजीव शर्मा ने बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में कहा कि इसके साथ ही निर्यात बाजार भी बढ़ रहा है, जो क्षमता विस्तार की दिशा में बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहा क्योंकि ज्यूरिख की इस बहुराष्ट्रीय कंपनी की भारतीय इकाई अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जरूरत पूरी करती है।

ABB इंडिया अपने सालाना कारोबार का 87 प्रतिशत भाग घरेलू बाजार से और 13 प्रतिशत निर्यात बाजार से हासिल करती है। शर्मा ने बताया कि भारत को निर्यात के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की योजना है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों से ऑर्डर की रफ्तार अधिक बनी हुई है। एबीबी के निर्यात बाजार में पश्चिम एशिया, अफ्रीका, दक्षिण पूर्व एशिया, दक्षिण अमेरिका और अमेरिका जैसे देश शामिल हैं।

शर्मा ने बताया कि फिलहाल हमारे पास देश के चार शहरों में 27 कारखाने हैं। इसमें नासिक, वडोदरा, फरीदाबाद और बेंगलूरु स्थित संयंत्र शामिल हैं। हमारे पास अपने मौजूदा संयंत्रों के निकट पर्याप्त जमीन है और साथ ही साथ हमारी विनिर्माण इकाइयों का और अधिक विस्तार करने के लिए हमारे बही-खाते में पर्याप्त नकदी है। निकट भविष्य में कम से कम एक या दो और संयंत्र आएंगे। शर्मा ने इस संबंध में और ज्यादा जानकारी नहीं दी।

31 दिसंबर, 2022 को समाप्त होने वाले लेखा वर्ष में ABB इंडिया का राजस्व 8,568 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की तुलना में 24 प्रतिशत का इजाफा था। लेखा वर्ष 2022 में शुद्ध लाभ पिछले साल दर्ज किया गया 532 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग दोगुना होकर 1,026 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी की समेकित ऑर्डर बुक वर्ष 2022 में 10,028 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जबकि वर्ष 2021 में यह 7,666 करोड़ रुपये थी। इसमें सालाना आधार पर 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। शर्मा बताते हैं कि ऑर्डर के लिहाज से 10,000 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचना महत्त्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान अपना ध्यान केंद्रित करने के लिए जिन प्रमुख विकास क्षेत्रों की पहचान की है, उनमें परिवहन, डेटा केंद्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, भंडारण और लॉजिस्टिक्स, पानी, अक्षय ऊर्जा, खाद्य और पेय, फार्मा, स्वास्थ्य सेवा और मोटर वाहन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

इस रणनीति के तहत जुलाई 2020 में वैश्विक स्तर पर हिताची को कारोबार की बिक्री के बाद ABB को स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पावर ग्रिड कारोबार से दूर जाते देखा गया है। भारत में ABB पावर प्रोडक्ट्स ऐंड सिस्टम्स इंडिया, जिसे शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया गया था, को वैश्विक स्तर पर स्वामित्व परिवर्तन के अनुरूप वर्ष 2021 में हिताची एनर्जी इंडिया के रूप में नए ब्रांड के तौर पर पेश किया गया था। यह देश के शेयर बाजार में कारोबार कर रही है।

Advertisement
First Published - February 12, 2023 | 6:59 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement