facebookmetapixel
India-US ट्रेड डील से रुपये को मिली पावर, डॉलर के मुकाबले 119 पैसे उछलाUS Tariffs: भारत पर टैरिफ घटकर 18%, जानिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन पर कितना टैक्सभारत-US ट्रेड डील से अदाणी ग्रुप को कितना फायदा? जान लें स्टॉक्स का हालIndia US trade deal: अमेरिका से भारत को ज्यादा कृषि उत्पादों का होगा निर्यात, रूस के खिलाफ कार्रवाई में मिलेगी मदद- US टॉप लीडर्सIndia US Trade Deal: ट्रेड डील से इन 15 स्टॉक्स को होगा सीधा फायदा, लिस्ट में अदाणी ग्रुप की 2 कंपनियों का भी नामIPO के बाद दौड़ा ICICI प्रूडेंशियल AMC, डेढ़ महीने में निवेशकों को 44% फायदाIndia-US ट्रेड डील के बाद शेयर बाजार में कहां बनेंगे पैसे? ब्रोकरेज ने बताए पसंदीदा सेक्टरUS-India Trade Deal: टैरिफ कट का बड़ा असर, फार्मा से IT तक इन 5 सेक्टरों के स्टॉक्स में दिखेगी तेजीसुलभ होगा उपचार, बहुराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल को मिलेगी धारFY27 में PMJAY का बड़ा लक्ष्य: 3 करोड़ लोगों के इलाज का टारगेट, ₹36,000 करोड़ क्लेम भुगतान

भारत में निजी इक्विटी और उद्यम पूंजी निवेश में 41% की गिरावट

भारतीय स्टार्टअप फंडिंग विंटर में फंसते दिख रहे हैं

Last Updated- December 27, 2023 | 10:25 PM IST
BNPL (Buy Now Pay Later)

भारत में निजी इक्विटी और उद्यम पूंजी (पीई/वीसी) में निवेश साल 2023 में अब तक 697 सौदों में करीब 41 फीसदी कम होकर 27.89 अरब डॉलर हो गया। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है।

वेंचर इंटेलिजेंस और इंडियन वेंचर कैपिटल एसोसिएशन (आईवीसीए) की रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि, निकासी के मामले में भारत ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

साल के दौरान 248 कंपनियों से पीई निकासी 19.34 अरब डॉलर रही, जो साल 2022 के 233 निकासी से 18.48 अरब डॉलर से थोड़ी ज्यादा है। इस बीच वीसी निकसी भी साल 2022 के 113 सौदों में 3.09 अरब डॉलर से बढ़कर इस साल अब तक 79 सौदों में 3.46 अरब डॉलर है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सौदों की संख्या में गिरावट निवेशकों के सोच समझकर निर्णय करने और प्रभावशाली निवेश जैसे कदम उठाने के कारण है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘सौदों की संख्या कम होने से पता चलता है कि निवेशक सोच-समझकर निर्णय ले रहे हैं और वे लंबी अवधि के लिहाज से फायदे और निरतंरता संबंधी अवसरों पर गौर कर रहे हैं।’

निवेश में कमी ऐसे वक्त में आई है जब भारतीय स्टार्टअप कंपनियों में निवेश कम हो रहा है और वे तथाकथित फंडिंग विंटर से जूझ रही है।

निवेशक इस दौरान निवेश करने के बजाय अपने पर्स को मजबूत करते हैं। भारी पूंजी प्रवाह के बाद स्टार्टअप कंपनियों ने साल 2021 में 42 अरब डॉलर की भारी पूंजी जुटाई थी। तब से बाजार इसे ठीक कर रहा है और नतीजतन निवेश में कमी आई है।­

First Published - December 27, 2023 | 10:25 PM IST

संबंधित पोस्ट