facebookmetapixel
दावोस में ट्रंप ने ग्रीनलैंड अधिग्रहण की मांग दोहराई, बल प्रयोग से इनकार कियाटाटा कम्युनिकेशंस ने गणेश लक्ष्मीनारायणन को MD और CEO नियुक्त किया; Q3 में लाभ 54% बढ़ाQ3 Results: जिंदल स्टेनलेस का लाभ 26.6% बढ़ा, जानें डॉ. रेड्डीज, एचपीसीएल समेत अन्य कंंपनियों का कैसा रहा रिजल्टEternal Q3 results: क्विक कॉमर्स की रफ्तार से मुनाफा 73% उछला, ब्लिंकइट ने पहली बार एबिटा लाभ कमायाएआई रेगुलेशन में जोखिम आधारित मॉडल अपनाएगा TRAI, कम जोखिम वाले उपयोग पर होगा स्व-विनियमनCAFE-3 नियमों में बड़ा बदलाव संभव: छोटी पेट्रोल कारों की विशेष छूट हटाने की तैयारी में BEE5 साल में सबसे कमजोर कमाई सत्र: सेंसेक्स कंपनियों की EPS ग्रोथ सुस्तIMF का अलर्ट: AI बना ग्लोबल ग्रोथ का नया इंजन, लेकिन ‘डॉट-कॉम’ जैसे बुलबुले का खतरा भीजिसकी कामना करें, सोच-समझकर करें: ‘नियम-आधारित व्यवस्था’ से परे की दुनियाटैक्स संधियों पर संदेह भारत की ग्रोथ स्टोरी को कमजोर कर सकता है

पेट्रोल, डीजल की बिक्री कम होने में कड़ाके की ठंड क्यों बनी वजह? LPG की खरीदारी में कोई बदलाव नहीं

भारत में सबसे अधिक खपत वाला ईंधन डीजल है जो सभी पेट्रोलियम उत्पादों की खपत का लगभग 40 प्रतिशत है।

Last Updated- January 01, 2024 | 4:24 PM IST
Petrol diesel price today

भारत में कड़ाके की ठंड पड़ने के साथ ही ईंधन की मांग नरम पड़ी है जिससे दिसंबर में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में गिरावट आई है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों के शुरुआती बिक्री आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

पेट्रोलियम बाजार के 90 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखने वाली तीन सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की पेट्रोल बिक्री दिसंबर, 2023 में एक साल पहले की तुलना में 1.4 प्रतिशत घटकर 27.2 लाख टन रह गई, जबकि डीजल की मांग 7.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 67.3 लाख टन पर आ गई।

उत्तर भारत में ठंड का सितम शुरू होने से वाहनों में एयर कंडीशनिंग की मांग कम हो गई जिससे ईंधन की खपत भी कम हो गई।

मासिक आधार पर पेट्रोल की बिक्री 4.9 प्रतिशत कम हो गई। नवंबर में 28.6 लाख टन की खपत हुई थी। वहीं नवंबर के 67.9 लाख टन की तुलना में डीजल की मांग भी दिसंबर में 0.8 प्रतिशत कम रही। भारत में सबसे अधिक खपत वाला ईंधन डीजल है जो सभी पेट्रोलियम उत्पादों की खपत का लगभग 40 प्रतिशत है।

देश में कुल डीजल बिक्री में परिवहन क्षेत्र की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत है। वैसे पिछले कुछ महीनों में ईंधन की घरेलू खपत में गिरावट देखी गई है। हालांकि, अक्टूबर में पेट्रोल और डीजल दोनों की मांग बढ़ी थी लेकिन नवंबर में डीजल की खपत 7.5 प्रतिशत गिर गई थी।

विमानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन एटीएफ की बिक्री दिसंबर में सालाना आधार पर 3.8 प्रतिशत बढ़कर 6,44,900 टन हो गई। लेकिन यह महामारी-पूर्व दिसंबर, 2019 की तुलना में 6.5 प्रतिशत कम है। इसकी वजह यह है कि महामारी के बाद सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें दोबारा शुरू नहीं हो पाई हैं।

दिसंबर में रसोई गैस एलपीजी की बिक्री सालाना आधार पर 27.3 लाख टन पर लगभग स्थिर रही। आंकड़ों से पता चलता है कि मासिक आधार पर नवंबर के दौरान एलपीजी की मांग 25.7 लाख टन एलपीजी खपत के मुकाबले 6.2 प्रतिशत बढ़ी थी।

First Published - January 1, 2024 | 4:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट