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Wheat Export: गेहूं निर्यात खोलने पर सरकार मार्च-अप्रैल में करेगी फैसला- DGFT

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Last Updated- January 12, 2023 | 3:44 PM IST
Wheat export

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के महानिदेशक संतोष कुमार सारंगी ने बृहस्पतिवार को कहा कि गेहूं निर्यात (wheat export) से प्रतिबंध हटाने की मांग पर सरकार मार्च-अप्रैल के आस-पास फसल कटाई के वक्त उचित फैसला करेगी।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से पहले आंका जाएगा कि देश में गेहूं की मांग और पूर्ति में कितना संतुलन है। सारंगी, मध्यप्रदेश सरकार के आयोजन वैश्विक निवेशक सम्मेलन “इन्वेस्ट मध्यप्रदेश” में हिस्सा लेने इंदौर आए थे।

गेहूं निर्यात खोलने की मांग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने “पीटीआई-भाषा” से कहा, “देश में गेहूं की फसल की कटाई आमतौर पर मार्च-अप्रैल में होती है। इस अवधि के आसपास सरकार इस विषय (गेहूं निर्यात खोलने की मांग) में उचित फैसला करेगी।”

उन्होंने आगे कहा,”जिस समय महसूस किया जाएगा कि गेहूं की मांग और आपूर्ति में संतुलन है, इस खाद्यान्न का निर्यात खोलने के लिए व्यवस्था की जाएगी।”

गौरतलब है कि मई 2022 में गर्मी और लू की वजह से गेहूं उत्पादन प्रभावित होने की चिंताओं के बीच भारत ने अपने प्रमुख खाद्यान्न की कीमतों में आई भारी तेजी पर अंकुश लगाने के मकसद से गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

सारंगी ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए वस्त्र निर्माण पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि सूबे में इस उद्योग के कच्चे माल के रूप में कपास की खासी उपलब्धता है।

उन्होंने कहा कि सूबे में गेहूं, चावल, फल-सब्जियों और मसालों के साथ ही जैविक व अजैविक रसायनों तथा इंजीनियरिंग उत्पादों का भी निर्यात बढ़ने की उजली संभावनाएं हैं। सारंगी ने एक सवाल पर बताया कि सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना अभी 14 क्षेत्रों के लिए चलाई जा रही है तथा हो सकता है कुछ और क्षेत्रों में इसका विस्तार किया जाए।

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First Published - January 12, 2023 | 3:20 PM IST

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