facebookmetapixel
Advertisement
35 साल बाद सुधारों की नई जरूरत: अब निर्यातकों और आयातकों पर भरोसा जताने का आया समयजेन-ज़ी की चिंगारी कैसे देशभर में फैली, अनोखे आंदोलन ने झुकाई सरकारपेपर लीक पर सरकार का सख्त संदेश, संसद में कल पेश होगा संशोधन विधेयकउदारीकरण के 35 साल: सुधारों ने खोले अवसरों के द्वार, बोले सुनील मित्तल- आजादी के दिन जैसा था 1991 का बजट भाषणपरीक्षा सुधारों पर प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा ऐलान, नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनेगी हाई पावर टास्क फोर्सभारत ने बनाया पहला स्वदेशी टर्बोजेट इंजन, मिसाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता की बड़ी छलांगदूसरी और तीसरी तिमाही में रिटर्न 1% से ऊपर रहने की उम्मीद: बैंक ऑफ बड़ौदा2030 तक दोगुना होगा माइनिंग और कंस्ट्रक्शन कैपेक्स, भारत बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हबEPFO की UPI सेवा में देरी, अब अगस्त में शुरू हो सकती है PF क्लेम की नई सुविधाभारत की शिक्षा व्यवस्था को नौकरशाही में फेरबदल नहीं, प्रणालीगत सुधारों की जरूरत

होली, रमजान को लेकर तेल बाजार में क्या चल रहा है? कैसा रहा है भाव, करें यहां चेक

Advertisement

सोयाबीन तेल के मुकाबले सूरजमुखी तेल का दाम 10-12 रुपये किलो और पाम-पामोलीन का दाम 5-6 रुपये किलो अधिक है।

Last Updated- March 09, 2025 | 4:04 PM IST
Palm Oil
प्रतीकात्मक तस्वीर

विदेशी बाजारों में पाम, पामोलीन के दाम बढ़ने तथा फरवरी में कम आयात के बीच देश में त्योहारी मांग बढ़ने के कारण बीते सप्ताह लगभग सभी तेल-तिलहनों के दाम सुधार के साथ बंद हुए। बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि बीते सप्ताह विदेशों में कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन के दाम बढ़े हैं। इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) बाजार अटकलों को धता बताते हुए सोयाबीन की बिक्री कम दाम पर नहीं कर रहा है। इसके कारण सोयाबीन के दाम में सुधार आया। महंगा होने की वजह से सूरजमुखी, सीपीओ और पामोलीन का फरवरी में आयात कम हुआ है।

सरसों को लेकर क्या दिमाग लगाया किसानों ने

इधर देश में कम उत्पादन के बीच खाद्य तेलों की मांग बढ़ रही है। होली और रमजान जैसे त्योहार सामने है। इन सब परिस्थितियों के बीच सभी खाद्य तेल-तिलहनों के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए। सूत्रों ने कहा कि सरसों के सर्वाधिक उत्पादन वाले राज्य, राजस्थान के किसानों ने कहा है कि वे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर सरसों की बिक्री नहीं करेंगे। होली के बाद सरकार के द्वारा एमएसपी पर सरसों की खरीद किये जाने की संभावना है। पिछले साल की तरह इस बार बाजार में सरसों बिकवाली का दबाव कम है और किसान पूरी सूझबूझ के साथ सरसों बेचने की कोशिश करते दिख रहे हैं। उन्हें सरसों का वाजिब दाम चाहिये इसलिए रोक-रोक कर फसल मंडियों में ला रहे हैं।

इन परिस्थितियों में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सरसों तेल-तिलहन के दाम सुधार के साथ बंद हुए। सूत्रों ने कहा कि इस समय सोयाबीन तेल के मुकाबले सूरजमुखी तेल का दाम 10-12 रुपये किलो और पाम-पामोलीन का दाम 5-6 रुपये किलो अधिक है। दाम अधिक होने से सूरजमुखी और पाम-पामोलीन का आयात कम हुआ है। इसकी कमी को तभी पूरा किया जा सकता है जब सोयाबीन का सामान्य से काफी अधिक आयात हो। सोयाबीन तेल के आयात में कुछ अधिक ही वक्त लगता है। जब तक पाम, पामोलीन और सूरजमुखी तेल के दाम सस्ते नहीं होंगे, आयात और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान बना रह सकता है।

Also Read: Myntra, Rapido, PolicyBazaar जैसी कंपनी में ₹175 करोड़ का निवेश करेगी यह फर्म, 10 यूनिकॉर्न कंपनियां पहले से झोली में

नेफेड के सोयाबीन को लेकर चले दांव का क्या रहा असर

नेफेड बाजार की अटकलों के उलट पूरी सूझबूझ के साथ सोयाबीन की नीचे दाम पर बिक्री नहीं कर रहा है। इससे सोयाबीन के दाम में सुधार भी देखने को मिला। नेफेड अगर सोयाबीन की कम दाम पर बिकवाली करता तो सोयाबीन के दाम टूटते और आगे जो बिजाई शुरू होने वाली है, वह बिजाई प्रभावित होती। उन्होंने कहा कि विदेशों में दाम सुधरने की वजह से समीक्षाधीन सप्ताह में पाम-पामोलीन तेल कीमतों में भी सुधार आया।

सस्ता होने और त्योहारों का मौसम होने के कारण बिनौला तेल की मांग है। इस वजह से बीते सप्ताह बिनौला सीड के दाम में 250-300 रुपये क्विंटल की वृद्धि हुई है। इस बार कपास का उत्पादन भी कम है और किसानों के पास अधिकतम 20 प्रतिशत फसल बची रह गई है और इसमें से ज्यादा उपज मजबूत किसानों के पास है जो अच्छे दाम मिलने का इंतजार कर सकते हैं। इसकी अगली फसल आने में सात माह बाकी है। इन परिस्थितियों में बिनौला तेल के दाम में भी बीते सप्ताह सुधार दर्ज हुआ।

हफ्ते में कैसे रहे भाव, करें चेक

बीते सप्ताह सरसों दाने का थोक भाव 10 रुपये सुधार के साथ 6,260-6,360 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों दादरी तेल का थोक भाव 50 रुपये सुधार के साथ 13,650 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 20-20 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 2,370-2,470 रुपये और 2,370-2,495 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ। समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 25-25 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 4,225-4,275 रुपये और 3,925-3,975 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। इसी तरह, सोयाबीन दिल्ली एवं सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम के दाम क्रमश: 50 रुपये, 100 रुपये और 25 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 14,200 रुपये, 13,850 रुपये और 10,125 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली तिलहन का भाव 75 रुपये के सुधार के साथ 5,675-6,000 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। वहीं, मूंगफली तेल गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल का भाव क्रमश: 100 रुपये और 25 रुपये के सुधार के साथ 14,400 रुपये और 2,225-2,525 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ। कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का दाम 50 रुपये के सुधार के साथ 13,200 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली का भाव 100 रुपये की तेजी के साथ 14,800 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव 50 रुपये सुधार के साथ 13,700 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। तेजी के आम रुख के अनुरूप, सबसे सस्ता होने और त्योहारी मांग के कारण समीक्षाधीन सप्ताह में बिनौला तेल 250 रुपये की तेजी के साथ 13,700 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

निवेशकों की खुल गई लॉटरी, Nayara Energy (Essar Oil) ला रही है 1894 करोड़ का buyback offer

एक दिन में रुपये में हुई तीन हफ्ते की सबसे बड़ी बढ़त

Wheat Crop: लौटी ठंड से इस साल गेहूं की फसल अच्छी रहने की उम्मीद, बढ़ सकता है उत्पादन

 

 

Advertisement
First Published - March 9, 2025 | 4:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement