facebookmetapixel
Advertisement
रुपये में पांच दिन से जारी भारी गिरावट थमी, डॉलर के मुकाबले रिकवरी में क्रूड और RBI का बड़ा हाथनीट पर्चा लीक को PM मोदी ने बताया ‘घोर पाप’, राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के सामने प्रदर्शनखाड़ी युद्ध के तनाव से गहराया विमानन संकट, पायलट एसोसिएशन ने UAE की उड़ानें रोकने की उठाई मांगबांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से प्रशांत किशोर की पहली अग्निपरीक्षा, जन सुराज पार्टी के लिए दांव पर लगी साखभारत के उर्वरक निर्यात को मिली रफ्तार, 3 साल में निर्यात 52% बढ़ाजुलाई में फिर बढ़ा विदेशी निवेशकों का भरोसा, FPI ने चुनिंदा सेक्टरों में की ताबड़तोड़ खरीदारीपीएलआई योजना ने बदली विनिर्माण की तस्वीर, ₹2.4 लाख करोड़ का आया निवेश; 14.5 लाख को मिली नौकरियांसरकार ने कहा: बिना एथेनॉल वाले पेट्रोल पर वापस जाने का कोई प्रस्ताव नहीं, पंपों पर जारी रहेगी सप्लाईभारतीय रिजर्व बैंक ने स्वैप योजना से जुटाए 21 अरब डॉलर, शुरुआती हफ्तों में ही दर्ज हुई रिकॉर्ड आवकरिकॉर्ड वाहन बिक्री से बजाज ऑटो का मुनाफा 46% बढ़ा, राजस्व 65% उछला

चीनी निर्यात पर सब्सिडी छह माह और बढ़ी

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 4:21 PM IST

केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को निर्यात में दी जाने वाली रियायत अगले छह महीने तक यानी 1 अक्टूबर 2008 तक जारी रखने का फैसला लिया है। केंद्रीय कृषि एवं खाद्य मंत्री शरद पवार ने चीनी निर्यातकों के साथ हुई बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि सरकार की ओर से चीनी के निर्यात पर मिलने वाली सब्सिडी एक अक्टूबर तक जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि आर्थिक मामलों की संसदीय समिति ने ने 9 अक्टूबर को चीनी के निर्यात पर दी जाने वाली सब्सिडी को एक साल तक, यानी 19 अप्रैल, 2008 से 18 अप्रैल 2009 तक बढ़ाने की अनुमति दी थी।
 गौरतलब है कि पिछले साल (2006-07) देश में रिकार्ड 283 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था, जबकि जबकि घरेलू मांग 200 टन ही थी। ऐसे में गन्ना किसानों को भुगतान में मिल मालिकों को दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार ने चीनी के निर्यात को बढ़ावा देने के मकसद से सब्सिडी देने का फैसला किया था। यह सब्सिडी तटवर्ती मिल मालिकों को 1,350 रुपये प्रति टन, जबकि मैदानी-पहाड़ी इलाकों के मिल मालिकों को 14,50 रुपये प्रति टन दी जा रही है। पवार ने कहा कि देश में चीनी का रिकार्ड उत्पादन हुआ है, ऐसे में मिल मालिक सब्सिडी का फायदा उठाएं और विदेशों में अधिक से अधिक मात्रा में चीनी का निर्यात करें। पवार ने यह भी कहा कि चालू वित्तीय वर्ष  2007-08 में सितंबर के अंत तक करीब 51 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया, जबकि इसी वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में 25 लाख टन चीनी के निर्यात का लक्ष्य रखा गया था, जबकि अब तक 26 लाख टन चीनी का निर्यात किया जा चुका है।

Advertisement
First Published - February 26, 2008 | 9:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement