facebookmetapixel
Advertisement
रनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफा

Rupee vs Dollar: आरबीआई के हस्तक्षेप से रुपये को मिली मजबूत, लगाई 4 महीने की सबसे बड़ी छलांग

Advertisement

रुपया 0.7 फीसदी बढ़कर 88.07 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जबकि पिछली बार यह 88.80 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था

Last Updated- October 15, 2025 | 9:14 PM IST
rupees

Rupee vs Dollar: बुधवार को रुपये में 24 जून के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त दर्ज की गई। भारतीय रिजर्व बैंक ने डॉलर की बिकवाली के जरिये भारी हस्तक्षेप किया, लिहाजा रुपये में बढ़त दर्ज की गई। कुछ ट्रेडरों ने रुपये के मुकाबले अपनी पोजीशन की बिकवाली की, जिससे स्थानीय मुद्रा को और बल मिला। डीलरों ने यह जानकारी दी।

रुपया 0.7 फीसदी बढ़कर 88.07 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जबकि पिछली बार यह 88.80 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान घरेलू मुद्रा 88 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर 87.95 प्रति डॉलर के दिन के उच्चतम स्तर को छू गई।

आईएफए ग्लोबल के संस्थापक एवं सीईओ अभिषेक गोयनका ने कहा, रुपये ने आज उल्लेखनीय वापसी की और रिकॉर्ड निचले स्तर से उछलकर 88.07 के आसपास बंद हुआ क्योंकि आरबीआई ने मुद्रा पर सटोरिया हमलों का मुकाबला करने के लिए निर्णायक कदम उठाए।

उन्होंने कहा, सत्र के आरंभ में केंद्रीय बैंक द्वारा सरकारी बैंकों के माध्यम से आक्रामक डॉलर बिक्री से शॉर्ट कवरिंग की लहर शुरू हो गई, जिससे पिछले कुछ दिनों से बनी मंदी की भावना तेजी से पलट गई।

बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि फेड अध्यक्ष जेरोम पॉवेल की नरम रुख वाली टिप्पणियों से आगामी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ने के बाद अमेरिकी कमजोर डॉलर हुआ, जिससे रुपये में तेज सुधार हुआ। अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता को लेकर नए सिरे से आशावाद के साथ सकारात्मक वैश्विक धारणा ने भी मुद्रा को सहारा दिया।

डॉलर सूचकांक 0.57 फीसदी गिरकर 98.85 पर आ गया। यह छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है।

Advertisement
First Published - October 15, 2025 | 9:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement