facebookmetapixel
Advertisement
CPI: जनवरी में खुदरा महंगाई 2.75% रही; सरकार ने बदला आधार वर्षGold Buying: 62% जेन जी और मिलेनियल्स की पहली पसंद बना सोना, म्यूचुअल फंड-एफडी-इक्विटी को छोड़ा पीछेHousing sale tier 2 cities: टियर-2 शहरों में भी खूब बिक रहे हैं महंगे मकानTCS का मार्केट कैप गिरा, ICICI बैंक ने पहली बार पार किया 10 ट्रिलियनNifty IT Stocks: 10 महीने के लो के पास IT स्टॉक्स, निवेशकों में बढ़ी चिंता; आखिर क्यों टूट रहा है सेक्टर?बैंकिंग सेक्टर में बड़ा मौका? एक्सिस डायरेक्ट ने बताए ये कमाई वाले स्टॉक्स, जान लें टारगेटभारत में डायबिटीज के लिए एक ही जांच पर ज्यादा निभर्रता जो​खिम भरी, विशेषज्ञों ने कहा- अलग HbA1c स्टैंडर्ड की जरूरतविदेश जाने वाले छात्रों की संख्या में 3 साल में 31% की भारी गिरावट, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान!डिपॉजिट धीमे, लेकिन बैंकों की कमाई तेज… क्या है अंदर की कहानी?जेनेरिक दवाओं की चुनौती के बीच भागेगा ये Pharma Stock! ब्रोकरेज ने बनाया टॉप पिक

भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से स्थिर रहा रुपया

Advertisement

भारत पर अब ब्राज़ील के बराबर अमेरिका ने सबसे ज़्यादा 50 फीसदी टैरिफ़ लगा दिया है। यह अतिरिक्त टैरिफ़ 28 अगस्त से लागू होगा।

Last Updated- August 07, 2025 | 10:09 PM IST
rupees

बुधवार को भारतीय वस्तुओं के निर्यात पर अमेरिका के 25 फीसदी का अतिरिक्त शुल्क लगाने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित डॉलर बिक्री के हस्तक्षेप के कारण गुरुवार को रुपया स्थिर रहा। डीलरों ने यह जानकारी दी। भारत पर अब ब्राज़ील के बराबर अमेरिका ने सबसे ज़्यादा 50 फीसदी टैरिफ़ लगा दिया है। यह अतिरिक्त टैरिफ़ 28 अगस्त से लागू होगा। स्थानीय मुद्रा 87.71 प्रति डॉलर पर बंद हुई जो एक दिन पहले के बंद भाव 87.74 प्रति डॉलर के मुकाबले करीब-करीब स्थिर है।

आईएफए ग्लोबल के मुख्य कार्याधिकारी अभिषेक गोयनका ने कहा, रुपये में नई तेजी की पुष्टि के लिए डॉलर-रुपये का 87.95 -88.00 के स्तर से ऊपर बंद होना जरूरी है। हालांकि हालिया गतिविधियों को देखते हुए ऐसा लगता है कि केंद्रीय बैंक रुपये को और अधिक गिरने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी तेल के निरंतर आयात का हवाला देते हुए भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। इस कदम से चुनिंदा भारतीय निर्यातों पर कुल शुल्क प्रभावी रूप से 50 फीसदी हो गया है।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के ट्रेजरी प्रमुख अनिल कुमार भंसाली ने कहा, टैरिफ के आर्थिक प्रभाव चिंता का विषय हैं क्योंकि बढ़ते व्यापार तनाव के कारण भारत के जीडीपी वृद्धि के अनुमान में संभावित रूप से कमी आ सकती है। गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में भारत के कच्चे तेल के आयात (वॉल्यूम में) में अमेरिका का योगदान करीब 4 फीसदी था जो वित्त वर्ष 2024 में करीब 1 फीसदी रहा था जबकि रूसी आयात भारतीय तेल आयात का लगभग एक तिहाई है।

Advertisement
First Published - August 7, 2025 | 10:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement