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एशियाई बाजार में तेल की कीमतों में उछाल का रुख

Last Updated- December 07, 2022 | 11:03 PM IST

वैश्विक वित्तीय बाजार में उठा-पटक के गहराने और शेयरों में हो रही गिरावट के बाद ऊर्जा की मांग घटने की आशंकाओं के बीच एशियाई बाजार में आज कच्चे तेल की कीमतों में मामूली उछाल दर्ज किया गया और कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गईं।


न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज में नवंबर डिलीवरी के लिए लाइट स्वीट क्रूड के मुख्य सौदे का भाव 2.13 डॉलर बढ़कर 89.94 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि सोमवार को भाव 6.07 डॉलर लुढ़क कर 87.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था।

उधर, लंदन में नवंबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट नार्थ सी क्रूड का भाव 1.82 डॉलर बढ़कर 85.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। लंदन में कल यह 6.57 डॉलर प्रति बैरल घटकर 83.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

तोक्यो स्थित न्यूएज जापान ब्रोकरेज के ऊर्जा डेस्क के प्रबंधक केन हासेगावा ने बताया, ‘आज कीमतों में तकनीकी संशोधन देखने को मिल सकता है।’ उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क का बेंचमार्क तेल अनुबंध डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज के हिसाब से चल रहा था जिसमें कल के सत्र के दौरान 800 अंकों की गिरावट आई लेकिन कुछ आधारों पर इसमें काफी देर से सुधार भी हुआ।

आज एशिया-पैसिफिक बाजारों में भी कुछ सुधार देखा गया था। हासेगावा ने कहा कि कुछ शॉर्ट कवरिंग के कारण भी तेल की कीमतों के मजबूत होने में मदद मिली। शॉर्ट कवरिंग तब होती है जब कारोबारी, जिसने कीमतों के कम होने की उम्मीद लगा कर जितना उनके पास होता है उससे कहीं अधिक बेच डालते हैं, बाजार में तेजी आने पर करारों की खरीदारी करते हैं।

डीलरों ने बताया कि अमेरिकी सरकार के 700 अरब डॉलर की वित्तीय राहत योजना से निवेशकों के शिथिल वैश्विक ऋण प्रवाह संबंधी धारणाएं नहीं बदलने के कारण तेल के वायदा अनुबंधों में वैश्विक शेयर बाजार के साथ ही गिरावट आई।

तेल की वैश्विक कीमतें इस वर्ष की शुरुआत में सर्वप्रथम 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई थीं और जुलाई में यह रेकॉर्ड 147 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई थी।

First Published - October 8, 2008 | 12:09 AM IST

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