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अब पैसा कमाने के भी काम आएगा इसबगोल, NCDEX ने लॉन्च किया फ्यूचर ट्रेडिंग

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गुजरात देश के इसबगोल उत्पादन में 80 प्रतिशत का योगदान देता है। इसके बाद राजस्थान और मध्य प्रदेश का स्थान है।

Last Updated- April 19, 2023 | 11:47 PM IST
NCDEX

नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) ने बुधवार को इसबगोल (Isabgol) के सीड का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट (future contract) शुरू करते हुए गुजरात के उंझा को इसका वितरण केंद्र बनाया है।

NCDEX ने बयान में कहा, कॉन्ट्रैक्ट मई से अगस्त, 2023 तक चार माह में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं और एक्सचेंज कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने वाले कैलेंडर के अनुसार नए कॉन्ट्रैक्ट बाद में जोड़ देगा।

NCDEX के मुख्य कारोबार अधिकारी, कपिल देव ने कहा ने कहा, ‘‘विदेशी एक्सपोर्ट खेप में वृद्धि के साथ इसबगोल भारत की एग्री एक्सपोर्ट वस्तुओं में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। निर्यातकों और व्यापारियों के लिए इस कृषि उपज के उतार-चढ़ाव भरे वातावरण में मूल्य जोखिम का प्रबंधन करने के लिए समान रूप से मजबूत तंत्र होना जरूरी था।’’

बयान में कहा गया है कि इसबगोल सीड कॉन्ट्रैक्ट एक अनिवार्य वितरण-आधारित अनुबंध होगा और उंझा आधार केंद्र पर माल एवं सेवा कर (GST) को छोड़कर इसमें गोदाम में कीमतों पर कारोबार किया जाएगा तथा इसकी दैनिक मूल्य सीमा छह प्रतिशत होगी।

NCDEX ने कहा कि भारत सालाना 1,50,000 से 2,00,000 टन इसबगोल के सईद का उत्पादन करता है, जो वैश्विक उत्पादन का 80 प्रतिशत है। गुजरात देश के इसबगोल उत्पादन में 80 प्रतिशत का योगदान देता है। इसके बाद राजस्थान और मध्य प्रदेश का स्थान है।

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First Published - April 19, 2023 | 7:18 PM IST

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