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प्याज खरीद पर महाराष्ट्र की केंद्र सरकार से मांग — FPO नहीं, APMC के जरिए हो सीधी खरीद

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राज्य सरकार ने केंद्र से मांग की कि 2025-26 में 6 लाख मीट्रिक टन प्याज सीधे किसानों से खरीदा जाना चाहिए।

Last Updated- July 08, 2025 | 8:53 PM IST
onion Export

Onion Procurement: महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से खरीद करने के बजाय कृषि उपज बाजार समितियों के जरिये सीधे खरीद की अनुमति दे। राज्य के प्याज उत्पादक किसान राज्य सरकार से लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के बजाय सीधे कृषि उपज बाजार समितियों (APMC) के माध्यम से प्याज खरीदा जाए। ताकि प्याज खरीद में हो रही गड़बड़ी को रोका जा सके।

APMC से नीलामी के जरिये सीधे प्याज खरीद की मांग

किसानों की मांग को देखते हुए राज्य सरकार की तरफ से महाराष्ट्र के विपणन मंत्री जयकुमार रावल और कृषि मंत्री एडवोकेट माणिकराव कोकाटे ने केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात करके किसानों से सीधे प्याज खरीदने की मांग की है। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नेफेड) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) को बिचौलियों की भूमिका को कम करते हुए, नीलामी पद्धति से बाजार समिति के माध्यम से किसानों से सीधे प्याज खरीदने पर चर्चा हुई।

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DBT के जरिए हो भुगतान

राज्य सरकार ने केंद्र से मांग की कि 2025-26 में 6 लाख मीट्रिक टन प्याज सीधे किसानों से खरीदा जाना चाहिए और पैसा डेबिट कार्ड (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में जमा किया जाना चाहिए। यह खरीद प्रक्रिया पारदर्शी हो, यह सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र ऑडिट टीम नियुक्त की जानी चाहिए। इसके साथ ही खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 40-45 रुपये प्रति किलो पहुंचने पर ही निर्यात शुल्क लगाया जाए, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी मूल्य मिल सके।

बारिश से फसल को नुकसान

राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि महाराष्ट्र के किसान बड़ी मात्रा में प्याज की फसल उगाते हैं। देश के कुल प्याज उत्पादन का 55 फीसदी हिस्सा पैदा करने वाले महाराष्ट्र के नासिक, जलगांव, अहिल्यानगर, पुणे, सोलापुर और सांगली जिलों को मई 2025 में अनियमित बारिश से भारी नुकसान हुआ है। प्याज की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान होने से किसानों के लिए अपनी उत्पादन लागत निकालना मुश्किल हो गया है।

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FPO मॉडल फेल

हाल ही में राज्य सरकार को किसान संगठनों की तरफ से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि किसान उत्पादक संगठन आधारित मॉडल अपने इच्छित उद्देश्य को पूरा करने में विफल रहा है। केंद्र सरकार को गड़बड़ी रोकने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और कृषि उपज बाजार समिति आधारित खरीद को प्राथमिकता देने के लिए प्याज खरीद दिशानिर्देशों को संशोधित करना चाहिए। संगठन ने कहा कि कृषि उपज बाजार समितियों के माध्यम से सीधी खरीद से खुले बाजार में मूल्य निर्धारण सुनिश्चित होगा, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अधिक पारदर्शिता आएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर भुगतान प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

NIPHT को नोडल एजेंसी का दर्जा देने की मांग

महाराष्ट्र कृषि विपणन बोर्ड और नीदरलैंड के सहयोग से पुणे जिले के तलेगांव दाभाड़े में एशिया का पहला राष्ट्रीय पोस्ट हार्वेस्टिंग प्रौद्योगिकी संस्थान (NIPHT) स्थापित किया गया है। ग्रीन हाउस प्रौद्योगिकी पर आधारित प्रशिक्षण देने वाला यह संस्थान किसानों को शिक्षित करके उनके उत्पादों के मूल्य संवर्धन, भंडारण और बाजार स्थिरता में मदद करेगा। इस संस्थान को नोडल एजेंसी का दर्जा देने की मांग को लेकर कृषि मंत्री एडवोकेट कोकाटे और विपणन मंत्री रावल ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा।

छत्रपति संभाजी नगर जिले के वैजापुर तालुका के जम्बरगांव में हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग पर कृषि लॉजिस्टिक हब की स्थापना की गई है। इस हब में 10,000 मीट्रिक टन क्षमता वाला कोल्ड स्टोरेज, सफाई-ग्रेडिंग इकाइयां, पेट्रोल पंप, ट्रक टर्मिनल और गोदाम सुविधाएं हैं। इससे खेत से बाजार तक की श्रृंखला अधिक कुशल बनेगी तथा नुकसान कम होगा।

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First Published - July 8, 2025 | 7:32 PM IST

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