facebookmetapixel
SIP Investment: ₹2,000 की मंथली एसआईपी से कितना पैसा बनेगा? 5 से 20 साल की पूरी कैलकुलेशन देखेंNCERT को मिलेगा ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ का दर्जा, इसी महीने आ सकता है बड़ा फैसलाShare Market: शेयर बाजार में जोरदार तेजी, निफ्टी रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा; सेंसेक्स 573 अंक चढ़ाUpcoming NFO: नया साल, नया जोश; जनवरी में 12 नए फंड होंगे लॉन्च, ₹100 से निवेश शुरूसरकार एयर और वॉटर प्यूरीफायर पर GST 5% करने की तैयारी में, GST काउंसिल जल्द ले सकती है फैसलास्मोकिंग करने वाले दें ध्यान! 1 फरवरी से महंगी होगी सिगरेट, जानें अब कितना ज्यादा पैसा देना होगामुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की तारीख तय! रूट, स्पीड जान लीजिएनए साल में मनी मैनेजमेंट के 6 दमदार टिप्स, जेब में हमेशा रहेंगे पैसेMarket This Week: सेंसेक्स-निफ्टी 1% चढ़े, निवेशकों की वेल्थ ₹6 लाख करोड़ बढ़ी; ऑटो-मेटल स्टॉक्स चमकेITC Share Price: दो दिन में 15% लुढ़का, अब ब्रोकरेज ने किया डाउनग्रेड; आगे क्या करें निवेशक ?

Kharif crop sowing 2023: खरीफ फसलों की बोआई घटी, पिछले सप्ताह से सुधरी

पिछले सप्ताह तक दलहन फसलों की बोआई में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन इस सप्ताह इन फसलों की बोआई में इजाफा हुआ है।

Last Updated- June 23, 2023 | 11:33 PM IST
Kharif Sowing
PTI

इस सप्ताह खरीफ फसलों की बोआई में पिछले सप्ताह के मुकाबले सुधार देखा गया। इसकी वजह तिलहन व दलहन फसलों का रकबा सुधरने के साथ इस सप्ताह गन्ने की बोआई शुरू होना है। हालांकि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में खरीफ फसलों का रकबा अभी भी कम है।

चालू खरीफ सीजन में मॉनसून में देरी के कारण खरीफ फसलों की बोआई पिछड़ रही है। पिछले सप्ताह तक दलहन फसलों की बोआई में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन इस सप्ताह इन फसलों की बोआई में इजाफा हुआ है।

129.53 लाख हेक्टेयर में हुई खरीफ फसलों की कुल बोआई

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 23 जून तक 129.53 लाख हेक्टेयर भूमि में खरीफ फसलों की बोआई हो चुकी है। पिछली समान अवधि में यह आंकडा 135.66 लाख हेक्टेयर था। इस तरह खरीफ फसलों की बोआई पिछले साल की तुलना में 4.45 फीसदी कम हुई है।

पिछले सप्ताह तक बोआई में 49 फीसदी गिरावट दर्ज की गई थी। पिछले सप्ताह से इस सप्ताह तक बोआई में कम गिरावट की वजह गन्ने की बोआई शुरू होना है। इस सप्ताह 50.76 लाख हेक्टेयर गन्ने का रकबा दर्ज किया गया। गन्ने के रकबा को छोड़ दिया जाए तो 23 जून तक बोआई करीब 42 फीसदी घटकर 78.77 लाख हेक्टेयर रही।

इस सप्ताह खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान के रकबे में भी गिरावट दर्ज की गई है। अब तक करीब 10.77 लाख हेक्टेयर में धान की बोआई हो चुकी है, जो पिछली समान अवधि के रकबा 16.46 लाख हेक्टेयर से करीब 34 फीसदी कम है। कपास की बोआई 14.20 फीसदी घटकर 28 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई।

दलहन फसलों के रकबे में इजाफा

पिछले सप्ताह तक दलहन फसलों के रकबे में करीब 57 फीसदी गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन इस सप्ताह इन फसलों की बोआई ने जोर पकड़ा। अब तक 6.54 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलें बोई जा चुकी हैं, जो पिछली समान अवधि के दलहन रकबा 6.30 लाख हेक्टेयर से 3.80 फीसदी अधिक है।

हालांकि अरहर और उड़द की बोआई में क्रमशः 65 और 14 फीसदी की कमी आई है। लेकिन मूंग का रकबा करीब 41 फीसदी और अन्य दलहन का रकबा 62 फीसदी बढ़ने से कुल दलहन की बोआई में बढ़ोतरी हुई है।

तिलहन फसलों का कुल रकबा घटा, लेकिन मूंगफली का बढ़ा

तिलहन फसलों के कुल रकबे में 3.30 फीसदी की गिरावट आई है। जबकि पिछले सप्ताह तक तिलहन फसलों की बोआई 14 फीसदी घटी थी। इस सप्ताह 9.21 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलें बोई जा चुकी हैं, पिछली समान अवधि में यह आंकड़ा 9.52 लाख हेक्टेयर था।

तिलहन फसलों का कुल रकबा भले ही घटा हो, लेकिन मूंगफली की बोआई 13.30 फीसदी बढ़कर 7.68 लाख हेक्टेयर हो गई। अरंडी की बोआई में भी इजाफा हुआ है। खरीफ सीजन की प्रमुख तिलहन फसल सोयाबीन की बोआई 36 फीसदी घटकर 0.99 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई। सूरजमुखी की बोआई 65 फीसदी और तिल की बोआई 43 फीसदी घटी।

अनाज की बोआई 38 फीसदी बढ़ी

चालू खरीफ सीजन में अब तक 18.95 लाख हेक्टेयर में अनाज की बोआई हो चुकी है, जो पिछले समान अवधि में 13.38 लाख हेक्टेयर में हुई बोआई से करीब 38 फीसदी अधिक है। अनाज की बोआई में वृद्धि की प्रमुख वजह बाजरा की बोआई कई गुना बढ़ना है।

अब तक 9.81 लाख हेक्टेयर में बाजरा बोया जा चुका है, जबकि पिछली समान अवधि में यह आंकडा महज 2.26 लाख हेक्टेयर था। ज्वार की बोआई में 42.60 फीसदी, मक्के की बोआई में 22.40 फीसदी और छोटे मिलेटस की बोआई में 12.50 फीसदी गिरावट दर्ज की गई।

First Published - June 23, 2023 | 11:33 PM IST

संबंधित पोस्ट