facebookmetapixel
Advertisement
Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी में अचानक गिरावट, MCX पर फिसले दाम; जानें ताजा रेटUS-Iran War Impact: पश्चिम एशिया के तनाव से भारतीय रत्न-आभूषण निर्यात को झटका, 20% तक गिरावटRBI की नीतियों का 10 साल का हिसाब, कब बढ़ीं दरें और कब मिली राहतGSP Crop Science IPO: ₹400 का आईपीओ खुला, प्राइस बैंड ₹304- ₹320; अप्लाई करें या अवॉइड?मिडिल ईस्ट संकट से कृषि निर्यात को झटका, कई राज्यों के किसानों की आय प्रभावित होने की आशंकाईरान संघर्ष का असर, रुपया दबाव में; आरबीआई के लिए बढ़ी चुनौतीमिडिल ईस्ट युद्ध से भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव, घटने लगे ग्रोथ रेट अनुमानभारत की वाहन इंडस्ट्री पर ईरान युद्ध का दोहरा झटका, क्या महिंद्रा और मारुति सुरक्षित रह पाएंगे?Stock Market Update: मिडिल ईस्ट संकट के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स 50 अंक चढ़कर खुला; निफ्टी 23150 के करीब₹8,234 से ₹3,500 पर आया Tata Stock, 57% गिरावट के बाद भी क्यों कह रहे हैं विशेषज्ञ- खरीदने का मौका

गेहूं की आवक घटने से कीमतों में उछाल, जानकारों का अनुमान…अभी और बढ़ेंगे दाम

Advertisement

जानकारों का कहना है कि सरकार की तरफ से अपने भंडार से खुले बाजार में गेहूं की बिक्री शुरू नहीं करने तक कीमतों में तेजी जारी रहेगी।

Last Updated- November 07, 2024 | 6:21 PM IST
wheat stock limit

wheat price: गेहूं के भाव में तेजी देखने को मिल रही है। इसकी वजह आवक में कमी होना माना जा रहा है। साथ ही गेहूं मांग मजबूत होने से इसके भाव बढ़ने को सहारा मिल रहा है। कारोबारियों का कहना है कि अगर सरकार जल्द खुले बाजार में गेहूं की बिक्री नहीं की तो भाव और चढ़ सकते हैं।

हाल ही में सरकार ने गेहूं की कीमतों में तेजी को देखते हुए इसके भाव नियंत्रित करने के लिए 30 रुपये किलो के रियायती भाव पर आटा की बिक्री शुरू की है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस समय देश भर के खुदरा बाजार में आटा की औसत खुदरा कीमत 36.95 रुपये किलो है।

कितना महंगा हुआ गेहूं ?

महीने भर से गेहूं के दाम धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गेहूं के भाव बढ़कर 3,200 रुपये प्रति क्विंटल के करीब पहुंच चुके हैं। पिछले एक महीने में इसकी कीमतों में 150 से 200 रुपये क्विंटल की तेजी आ चुकी हैं।

इस साल गेहूं की कीमतों में करीब 13 फीसदी इजाफा हुआ है। उत्तर प्रदेश की हरदोई मंडी में गेहूं 2,800 रुपये क्विंटल बिक रहा है। 15 दिन में ही भाव 60 से 80 रुपये क्विंटल चढ़ चुके हैं।

गेहूं की कीमतों में क्यों आ रही है तेजी?

जानकारों के मुताबिक गेहूं की कीमतों में तेजी आने की प्रमुख वजह मंडियों में इसकी आवक में कमी आना है। उत्तर प्रदेश की हरदोई मंडी में गेहूं कारोबारी संजीव अग्रवाल ने बताया कि अब धान की आवक शुरु हो चुकी है और गेहूं की बोआई भी होने लगी है। ऐसे में मंडियों में गेहूं की आवक कमजोर पड़ गई है। पिछले महीने मंडी में करीब 5,000 क्विंटल गेहूं की आवक हो रही थी। अब यह आंकड़ा गिरकर 2 से 3 हजार रह गया है।

कमोडिटी विश्लेषक इंद्रजीत पॉल कहते हैं कि आवक घटने से गेहूं के दाम बढ़ रहे हैं। पिछले एक महीने के दौरान मंडियों में करीब 9.15 लाख टन गेहूं की आवक हुई है, जो पिछले साल इसी अवधि में हुई 11.35 लाख टन आवक से 20 फीसदी कम है। आवक में कमी के साथ ही गेहूं की मांग मजबूत बनी हुई है। इससे भी गेहूं की कीमतों में तेजी को सहारा मिला है।

भविष्य में गेहूं के दाम क्या रहने वाले हैं?

बाजार जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में गेहूं के दाम कम होने की संभावना कम है। अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने नेफेड के माध्यम से रियायती भाव पर आटा बेचने की शुरुआत कर गेहूं के दाम पर अंकुश लगाने की कोशिश जरूर की है। लेकिन इससे दाम नीचे नहीं आने वाले हैं। आने वाले दिनों में गेहूं की कीमतों में 100 से 150 रुपये क्विंटल की तेजी आ सकती है।

पॉल कहते हैं कि गेहूं के दाम तब तक नीचे नहीं आएंगे, जब तक सरकार बड़े स्तर पर अपने भंडार से खुले बाजार में गेहूं की बिक्री शुरु नहीं करती है।

Advertisement
First Published - November 7, 2024 | 6:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement