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सोने का मार्च तिमाही में प्रदर्शन 39 साल में सबसे शानदार; MCX पर 90,865 के रिकॉर्ड ऊंचाई पर, ग्लोबल मार्केट में 3,150 डॉलर के पार

घरेलू और ग्लोबल दोनों मार्केट में सोना इस साल अब तक 18 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

Last Updated- April 01, 2025 | 12:17 PM IST
Gold and Silver Price

MCX gold surges past Rs 90,000: सोना ग्लोबल मार्केट में सोमवार (31 मार्च) को लगातार तीसरे कारोबारी दिन नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। मौजूदा कैलेंडर ईयर के दौरान आज सोना 19वें दिन नई ऊंचाई पर पहुंचा है। घरेलू और ग्लोबल दोनों मार्केट में सोना इस साल अब तक 18 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। प्रदर्शन के लिहाज से देखें तो इस बेशकीमती धातु के लिए मौजूदा कैलेंडर ईयर की पहली तिमाही 1986 के बाद की सबसे बेहतरीन तिमाही साबित हुई है।

आज घरेलू और ग्लोबल दोनों मार्केट में सोने ने नया इतिहास रचा। घरेलू फ्यूचर्स मार्केट यानी MCX पर सोना सोमवार को शाम के सत्र में पहली बार 90 हजार के लेवल को पार कर गया। इससे पहले एमसीएक्स पर सुबह के सत्र में ईद-उल-फितर के चलते कारोबार नहीं हुआ। उधर ग्लोबल मार्केट में बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड पहली बार 3,100 डॉलर प्रति औंस के लेवल के ऊपर गया। वहीं बेंचमार्क जून यूएस गोल्ड फ्यूचर्स कॉमेक्स पर कारोबार के दौरान रिकॉर्ड 3,160.70 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज किया गया। पिछले लगातार 4 हफ्ते से सोने की कीमतों मेंं तेजी बनी हुई है। बीते हफ्ते सोना 2 फीसदी मजबूत हुआ था।

घरेलू स्पॉट मार्केट आज ईद-उल-फितर के अवसर पर बंद रहा।

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट
घरेलू फ्यूचर्स मार्केट एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट फिलहाल (8:15 PM IST) 1,002 रुपये यानी 1.12 फीसदी की बढ़त के साथ 90,689 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर है। इससे पहले यह आज 713 रुपये चढ़कर 90,400 रुपये के भाव पर खुला और कारोबार के दौरान 90,865 रुपये के रिकॉर्ड हाई और 90,199 रुपये के लो के बीच कारोबार किया।

ग्लोबल मार्केट
ग्लोबल मार्केट में गोल्ड में सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन रिकॉर्डतोड़ तेजी देखी गई। स्पॉट गोल्ड (spot gold) कारोबार के दौरान आज 3,128.06 डॉलर प्रति औंस तक ऊपर और 3,077.15 डॉलर प्रति औंस तक नीचे गया। फिलहाल यह 1.01 फीसदी की मजबूती के साथ 3,115.09 डॉलर प्रति औंस पर है। इसी तरह बेंचमार्क यूएस जून गोल्ड फ्यूचर्स (Gold COMEX JUN′25) भी आज कारोबार के दौरान 3,160.70 डॉलर और 3,112.40 डॉलर प्रति औंस के रेंज में रहा। फिलहाल यह 1.28 फीसदी की तेजी के साथ 3,154.30 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

क्यों उफान पर है सोना ?
अमेरिका की तरफ से इंपोर्ट पर 2 अप्रैल से जवाबी टैरिफ लगाए जाने के ऐलान के मद्देनजर ग्लोबल इकॉनमी में बनी अनिश्चितता की वजह से बतौर सुरक्षित विकल्प सोने की मांग में जबरदस्त तेजी आई है और कीमतें उफान पर हैं।

ब्याज दरों में कटौती की संभावना, अमेरिका सहित दुनिया की अर्थव्यवस्था में स्लोडाउन और महंगाई के बढ़ने की आशंका के मद्देनजर ज्यादातर जानकार सोने को लेकर फिलहाल बेहद बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्लोबल लेवल पर ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका के मद्देनजर जो अनिश्चितता की स्थिति बनी है उसमें बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) सोने की मांग बरकरार रह सकती है। साथ ही बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से भी बतौर सुरक्षित विकल्प सोने की मांग में और तेजी आने की उम्मीद है। इतना ही नहीं महंगाई के खिलाफ ‘हेज’ के तौर पर सोने की पूछ परख भी बढ़ रही है।

जानकार मानते हैं कि इन्वेस्टमेंट डिमांड गोल्ड के लिए इस साल सबसे ज्यादा सपोर्टिव साबित हो सकता है क्योंकि इसका सपोर्ट पिछले मई से ही मिलना शुरू हुआ है। मौजूदा तेजी से पहले जब भी गोल्ड में तेजी का दौर चला है, सबसे बड़ी भूमिका इन्वेस्टमेंट यानी ईटीएफ डिमांड ने ही निभाई है। फिर चाहे वह 2020 या 2012 की तेजी की बात कर लें।

सोने में रिकॉर्डतोड़ तेजी के बीच लोग फिलहाल इसके ईटीएफ में जमकर निवेश कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 8 हफ्ते से गोल्ड ईटीएफ में लगातार इनफ्लो बना हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के मुताबिक 21 मार्च को खत्म हुए हफ्ते के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में 3.1 बिलियन डॉलर (+31.3 टन) का नेट इनफ्लो आया। पिछले यानी 14 मार्च को खत्म हुए हफ्ते के दौरान भी 3.1 बिलियन डॉलर (+32.7 टन) का इनफ्लो आया था।

सोने की कीमतों में तेजी और इनफ्लो के दम पर 21 मार्च तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर रिकॉर्ड 332.4 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। टोटल होल्डिंग भी इस दौरान 3,425.9 टन पर दर्ज किया गया जो 23 जून 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। टोटल होल्डिंग 23 जून 2023 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान 3,435.1 टन था।

इसके अलावा सेंट्रल बैंकों की खरीदारी भी कीमतों के लिए सपोर्टिव हैं। 2022 से इसने सोने को लगातार सबसे ज्यादा सपोर्ट किया है। बदलते जियो पॉलिटिकल परिदृश्य के मद्देनजर इसके आगे भी मजबूत रहने की संभावना है। सबसे ज्यादा खरीदारी चीन के केंद्रीय बैंक की तरफ से निकलने की उम्मीद है। पिछले कुछ आंकड़ों से भी इस बात के संकेत मिलने लगे हैं। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) के मुताबिक उसकी तरफ से फरवरी में 5 टन सोने की खरीद की गई। छह महीने के ब्रेक के बाद पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने लगातार चौथे महीने गोल्ड खरीदा है। फरवरी के अंत तक चीन का गोल्ड रिजर्व बढ़कर 2,290 टन पर पहुंच गया जो उसके कुल फॉरेक्स रिजर्व का 5.9 फीसदी है।

यदि ट्रंप की नीतियों की वजह से चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर टकराहट और बढ़ती है तो शायद चीन का केंद्रीय बैंक सोने की खरीद में और तेजी लाए। इस बात की गुंजाइश इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड की हिस्सेदारी अभी भी 6 फीसदी के नीचे है। जबकि भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी के ऊपर पहुंच गई है। जानकार मानते हैं के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य (geo-political scenario) के मद्देनजर चीन गोल्ड की हिस्सेदारी को कम से कम 10 फीसदी तक बढ़ाना चाहेगा।

First Published - March 31, 2025 | 8:43 PM IST

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