facebookmetapixel
Advertisement
‘आधी आबादी’ पर सबकी नजर! पांच राज्यों के चुनावों में महिलाओं के लिए वादों की झड़ी, खोले तिजोरी के तालेरिसर्च और इनोवेशन में निवेश से आत्मनिर्भर बन सकेगा देश: उदय कोटकLPG संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम, प्रवासी मजदूरों के लिए छोटे सिलिंडरों की आपूर्ति दोगुनीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने बदला तेल सोर्सिंग, रूस-वेनजुएला से आयात बढ़ाभारत यात्रा पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री, निवेश सहित अन्य मुद्दों पर बात करेंगे रहमानट्रंप की चेतावनी: करार नहीं तो पूरा ईरान कर देंगे तबाहपश्चिम एशिया संकट से निपटने की तैयारी: MSME समेत उद्योगों के लिए राहत पैकेज पर मंथनपुणे के कारखानों में दिख रहा प​श्चिम ए​शिया जंग का साया, सप्लाई संकट और श्रमिकों का पलायनआर्टेमिस-2 का नया इतिहास: अपोलो 13 का 56 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, चंद्रमा के सबसे करीब पहुंचे इंसानGoogle पर भारतीयों की पसंद: AI से अध्यात्म तक, कांतार की रिपोर्ट में खुले सर्च के दिलचस्प राज

Crypto Currency के रेगुलेशन पर जी20 में नीतिगत सहमति बनाने की कोशिशः सचिव

Advertisement
Last Updated- February 02, 2023 | 5:08 PM IST
Crypto

आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि क्रिप्टो करेंसी बाजार में जारी उथलपुथल के बीच वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी) के साथ मिलकर भारत कोशिश कर रहा है कि जी20 अध्यक्षता के दौरान वर्चुअल करेंसी के रेगुलेशन पर नीतिगत सहमति बनाई जा सके।

भारत इस समय दुनिया के 20 विकसित एवं विकासशील देशों के समूह जी20 का अध्यक्ष है। इस दौरान वह विभिन्न मुद्दों पर बैठकों का आयोजन कर रहा है।

सेठ ने पीटीआई-भाषा के साथ विशेष बातचीत में कहा कि क्रिप्टो करेंसी पर अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) की तरफ से जारी एक पत्र पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों ने 15-16 जनवरी को दिल्ली में चर्चा की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने डेढ़ दिन की एक कार्यशाला इस मुद्दे पर की थी। उसके बाद से एक संगोष्ठी के लिए चर्चा-पत्र तैयार किया जा रहा है। यह संगोष्ठी जी20 समूह के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर की बैठक के साथ ही 23 फरवरी को बेंगलुरु में होगी।’’

आर्थिक मामलों के सचिव ने उम्मीद जताई कि इस संगोष्ठी में क्रिप्टो करेंसी पर एक नीतिगत सहमति बन जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘इस मसले पर भारत एफएसबी के साथ भी मिलकर काम कर रहा है। इसके पीछे सोच यह है कि जी20 की अध्यक्षता भारत के पास रहने के दौरान सदस्य देशों के बीच क्रिप्टो मुद्राओं पर नीतिगत रुख और नियमन के खाके पर सहमति बन जाए।’’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कई बार कह चुकी हैं कि भारत क्रिप्टो मुद्राओं के नकारात्मक असर से निपटने और इसके वैश्विक नियमन के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर देगा।

क्रिप्टो एक्सचेंज एफटीएक्स के धराशायी होने और उसके बाद क्रिप्टो बाजारों में बिकवाली तेज होने से क्रिप्टो पारिस्थितिकी को लेकर आशंकाएं गहराने लगी हैं। इस दौरान अमेरिकी नियामकों ने बिटकॉइन, ईथर और अन्य क्रिप्टो मुद्राओं को प्रतिभूति के तौर पर अयोग्य ठहरा दिया है।

Advertisement
First Published - February 2, 2023 | 5:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement