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कच्चा तेल 117 डॉलर के पार

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Last Updated- December 05, 2022 | 10:45 PM IST

तेल की रिकॉर्ड कीमत के बावजूद तेल उत्पादक कंपनियों ने तेल का उत्पादन बढाने से इनकार कर दिया है। इस बयान के बाद ही कच्चा तेल 117 डॉलर प्रति बैरल के पार कर गया।


फिलहाल तेल की कीमत आसमान पर पहुंच चुकी है पर उत्पादन बढाने से इनकार करते हुए ओपेक ने कहा कि तेल की मौजूदा मांग कृत्रिम है। कुवैत के तेल मंत्री मोहम्मद अल ओलैम ने रविवार को बताया कि ऐसी स्थिति के लिए तेल की मांग और आपूर्ति का समीकरण जिम्मेदार नहीं है।


उधर ओपेक के इस बयान के बाद न्यू यॉर्क वायदा बाजार में कच्चे तेल की कीमत पहली बार 117 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गयी है।ओपेक के उत्पादन बढ़ाने से इनकार करने के महज कुछ ही घंटे बाद विश्व बाजार में तेल की कीमत नई ऊंचाई पर पहुंच गई। न्यू यॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज में मई में डिलिवर होने वाला तेल 0.6 फीसदी यानी 71 सेंट मजबूत होकर 117.40 डॉलर पर पहुंच गया।


1983 में एक्सचेंज की शुरुआत होने के बाद कच्चे तेल की यह सबसे ऊंची कीमत है। लंदन के आईसीई फ्यूचर्स यूरोप एक्सचेंज में जून में डिलिवर होने वाला ब्रेंट नॉर्थ कच्चा तेल भी अब तक के अपने ऊंचे स्तर 114.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इसके पीछे नाइजीरिया में तेल पाइपलाइन पर हो चुके और स्कॉटलैंड में होने वाले संभावित हमले को भी जिम्मेदार माना जा रहा है।


हालांकि भारत में जो कच्चा तेल रिफाइनरियां खरीदती हैं, उसकी कीमत शुक्रवार को थोड़ा घटकर 108.20 डॉलर प्रति बैरल रह गई। गुरुवार को यह रेकॉर्ड 108.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। इस महीने भारतीय रिफायनरी के बास्केट प्राइस का औसत अब तक 103.02 डॉलर प्रति बैरल पर है जबकि मार्च महीने में 99.76 डॉलर पर और फरवरी में 92.37 डॉलर प्रति बैरल पर था।


तेल उत्पादक देशों और कंपनियों के साथ इसके उपभोक्ता देशों के सम्मेलन में भाग लेते हुए ओलैम ने कहा कि फिलहाल कट्टरपंथी ताकतें इसकी वैश्विक कीमत को प्रभावित नहीं कर रही है। उनके मुताबिक यदि जरूरत महसूस ही हुई तो ओपेक के ऊर्जा मंत्री इसका उत्पादन बढाने का निर्णय लेंगे।


कुवैत के दौरे पर गए ओपेक के अध्यक्ष चकीब खलील के अनुसार फिलहाल तेल का उत्पादन बढाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में यह संगठन तेल का उत्पादन नहीं बढ़ाएगा।


ओपेक के महासचिव अब्दुल्ला अल बदारी सऊदी अरब के तेल मंत्री अली अल नईमी कहते हैं कि तेल की मांग राजनीतिक वजहों से प्रेरित है। हमने पिछले साल इसके उत्पादन में वृद्धि की थी, फिर भी इसकी कीमत लगातार बढ़ती ही गई है। उधर, लंदन स्थित मेडली ग्लोबल एडवाइजर्स के निदेशक के अनुसार निकट भविष्य में कीमत के 120 डॉलर को पार कर जाने की उम्मीद है।

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First Published - April 21, 2008 | 11:21 PM IST

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