चीन द्वारा पानी में घुलनशील उर्वरकों (डब्ल्यूएसएफ) के निर्यात पर सख्ती से भारत में आयात में भारी गिरावट आने की उम्मीद थी, लेकिन हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि प्रतिबंधों का प्रभाव काफी कम रहा है।
चीन पिछले कुछ वर्षों में भारत को इस तरह के विशेष उर्वरक के निर्यात पर समय-समय पर विशेष जांच करता है और प्रतिबंध लगाता रहा है। यह अक्टूबर 2024 से कुछ हद तक गंभीर हो गया, जिसकी भारत के आयात में आधी हिस्सेदारी है।
आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में जनवरी से अक्टूबर के बीच भारत ने चीन से 1,80,264 टन डब्ल्यूएसएफ का आयात किया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 1,90,082 टन आयात हुआ था। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में महज 5.2 प्रतिशत कम है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जल में घुलनशील उर्वरक का चीन से आयात वियतनाम, इंडोनेशिया और यहां तक कि पश्चिम एशिया के माध्यम से होने की वजह से ऐसा हो सकता है।
डब्ल्यूएसएफ में कैल्शियम नाइट्रेट(सीएन), मोनो अमोनियम फॉस्फेट (एमएपी), मोनो पोटेशियम फॉस्फेट (एमकेपी), पोटेशियम नाइट्रेट (एनओपी), एनपीके (00-60-20 ग्रेड), एनपीके (12-11-18 ग्रेड), एनपीके (13-40-13 ग्रेड), एनपीके (18-18-18 ग्रेड) और पोटाश सल्फेट (एसओपी) शामिल हैं।
इतना ही नहीं, भारत की कंपनियों ने अपने आयात का विविधीकरण किया और चीन से इतर बेल्जियम, मिस्र, जर्मनी, मोरक्को और अमेरिका से आयात किया, जिससे इसकी भरपाई की जा सके। केंद्रीय उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने पिछले सप्ताह संसद को यह जानकारी दी।
विशेष उर्वरक पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) योजना के दायरे से बाहर आते हैं, जिसकी निगरानी उर्वरक विभाग करता है। विशेष उर्वरक पर सब्सिडी नहीं मिलती और कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार उनके आयात के लिए स्वतंत्र हैं।
आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में जनवरी से अक्टूबर के दौरान भारत ने 3,88,412 टन जल में घुलनशील उर्वरक का आयात किया है, जिसमें से करीब 46.4 प्रतिशत यानी 1,89,264 टन चीन से आया है। पिछले साल इसी अवधि के दौरान भारत ने लगभग 3,56,923 टन डब्ल्यूएसएफ का आयात किया था, जिसमें से चीन का हिस्सा 1,90,082 टन था, जो लगभग 53.3 प्रतिशत है। इस हिसाब से देखें तो चीन के व्यवधानों के बावजूद भारत के डब्ल्यूएसएफ शिपमेंट में कोई बड़ी गिरावट नहीं दर्ज की गई है।
कुल मिलाकर 2024 में (जनवरी से दिसंबर के बीच) भारत ने लगभग 4,36,685 टन डब्ल्यूएसएफ का आयात किया, जिसमें से चीन का हिस्सा 2,26,600 टन था, जो कुल आयात का लगभग 52 प्रतिशत है। अधिकारी ने बताया, ‘इस कैलेंडर वर्ष में अक्टूबर तक भारत ने लगभग 3,88,412 टन डब्ल्यूएसएफ का आयात किया है।’