facebookmetapixel
Advertisement
‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावना

APEDA के नाम एक और उपलब्धि! पहली बार समुद्री रास्ते से ऑस्ट्रेलिया भेजे गए भारतीय अनार

Advertisement

ऑस्ट्रेलिया को प्रीमियम अनार की सफल शिपमेंट भारत की समझदार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उच्च गुणवत्ता वाली ताजा उपज की आपूर्ति करने की क्षमता को दर्शाती है।

Last Updated- February 17, 2025 | 4:21 PM IST
pomegranate
फोटो क्रेडिट: Pexels

कृषि और प्रसंस्‍करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने पहली बार समुद्र के रास्ते ऑस्ट्रेलिया को अनार भेजा है। अनार की यह खेप एग्रोस्टार और के बी एक्सपोर्ट्स के साथ मिलकर भेजी गई है। यह भारतीय ताजा उपज के लिहाज से बाजार पहुंच का विस्तार करने में एक बड़ी सफलता है।

कितना अनार भेजा गया?

APEDA  के मुताबिक फरवरी 2024 में ऑस्ट्रेलिया को अनार के निर्यात के लिए एक कार्ययोजना और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर हस्ताक्षर किए गए। APEDA और राष्ट्रीय पौध संरक्षण संगठन (एनपीपीओ) द्वारा सफल बाजार पहुंच सुविधा के बाद जुलाई 2024 में पहली हवाई खेप भेजी गई। हवाई खेप ने बाजार की मांग का आकलन करने में मदद की। जिसके कारण लागत दक्षता को अनुकूलित करने के लिए समुद्री खेप भेजी गई। पहली समुद्री माल ढुलाई शिपमेंट 6 दिसंबर 2024 को भारत से रवाना हुई और 13 जनवरी 2025 को सिडनी पहुंची। जिसमें महाराष्ट्र के सोलापुर क्षेत्र से प्राप्त 5.7 टन अनार थे, जिन्हें 1,900 बक्से में पैक किया गया था। प्रत्येक में 3 किलोग्राम प्रीमियम फल थे। भगवा किस्म के 1,872 बक्से (6.56 टन) ले जाने वाला एक और वाणिज्यिक समुद्री शिपमेंट 6 जनवरी, 2025 को ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन पहुंचा।

किसानों को होगा लाभ, व्यापार के बनेंगे अवसर

एपीडा का कहना है कि समुद्र के रास्ते थोक शिपमेंट के उपयोग ने प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण सुनिश्चित किया। जिससे किसानों को लाभ हुआ और स्थायी व्यापार के अवसर पैदा हुए। अनार का यह सफल निर्यात न केवल वैश्विक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में भारत की क्षमताओं को रेखांकित करता है, बल्कि नए राजस्व स्रोतों के खुलने से भारतीय किसानों को महत्वपूर्ण बढ़ावा भी प्रदान करता है। शिपमेंट का समय ऑस्ट्रेलिया के गैर-उत्पादन सीजन के साथ रणनीतिक रूप से संरेखित किया गया था। जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए बाजार के अवसरों को अधिकतम किया जा सके। एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि अनार निर्यात में 20 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जो इस सेगमेंट की अपार संभावनाओं को दर्शाता है। 

ऑस्ट्रेलिया को प्रीमियम अनार की सफल शिपमेंट भारत की समझदार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उच्च गुणवत्ता वाली ताजा उपज की आपूर्ति करने की क्षमता को दर्शाती है। सितंबर में शुरू होने वाले अगले निर्यात सत्र के साथ एग्रोस्टार के आईएनआई फार्म्स, के बी एक्सपोर्ट्स और अन्य प्रमुख खिलाड़ी इस सफलता को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। जिससे ऑस्ट्रेलिया को भारतीय अनार की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।  

Advertisement
First Published - February 17, 2025 | 4:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement