facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, सख्त रुख से बाजार की चिंता बढ़ीविदेशी निवेशकों की खरीदारी से लगातार दूसरे दिन चढ़ा शेयर बाजार, सेंसेक्स 274 अंक मजबूतबजाज फाइनैंस का पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन, प्रॉफिट 29% बढ़ा, एसेट क्वालिटी में सुधारAI पर बड़ा दांव, बजाज फाइनैंस ने 10 साल में ₹40 लाख करोड़ AUM का रखा लक्ष्यRBI की मौद्रिक नीति से पहले जियो क्रेडिट, हीरो फिनकॉर्प समेत कंपनियों ने बॉन्ड से ₹2,520 करोड़ जुटाएदेशभर में केवल E-20 पेट्रोल बिक्री के लिए उपलब्ध, रसीद पर एथनॉल प्रतिशत दिखाना जरूरी नहीं: गडकरीप्राकृतिक आपदाओं से अनाज का नुकसान 77% घटा, FCI ने भंडारण व्यवस्था को बताया सुरक्षितGSTN ने नई E-Way Bill सुविधाएं वापस लीं, फिलहाल पुराने नियम ही रहेंगे लागूNEP 2020 के 6 साल बाद भी अधूरे लक्ष्य, फंडिंग और ढांचागत कमी बनी सबसे बड़ी चुनौतीHurun India Women Leaders 2026: प्रिया नायर टॉप पर, 117 महिला लीडर्स की लिस्ट में बढ़ी भारतीय बेटियों की मौजूदगी

प्रमुख कमोडिटी निर्यात में 17 फीसदी इजाफा, गेहूं का घटा व चावल का बढ़ा

Advertisement
Last Updated- June 02, 2023 | 5:05 PM IST
Rice Prices: Shortage in global supply, El Nino may set fire to rice prices

भारतीय कमोडिटी की वैश्विक बाजार में मांग खूब निकल रही है। वर्ष 2022-23 के दौरान प्रमुख कमोडिटी के निर्यात में 17 फीसदी इजाफा हुआ है। निर्यात पर कुछ बंदिशों के बावजूद चावल निर्यात बढ़ा है। जबकि गेहूं के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है।

विदेशी में कमोडिटी की मांग 17 फीसदी बढ़ी

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 के दौरान 2,14,430 करोड़ रुपये मूल्य की प्रमुख कमोडिटी का निर्यात हुआ है, जो वर्ष 2021-22 में निर्यात हुई 1,83,250 करोड़ रुपये मूल्य की प्रमुख कमोडिटी से करीब 17 फीसदी अधिक है। डॉलर के रूप में निर्यात करीब 8.74 फीसदी बढ़कर 26,718 डॉलर रहा।

बंदिशों के बावजूद चावल निर्यात बढ़ा

वित्त वर्ष 2022-23 में सबसे ज्यादा 1,11,050 करोड़ रुपये मूल्य का अनाज निर्यात हुआ है। अनाज निर्यात में 15 फीसदी से अधिक बढोतरी दर्ज की गई। अनाज में भी सबसे ज्यादा 51,089 करोड़ रुपये मूल्य का 1,77,86,557 टन गैर बासमती चावल निर्यात हुआ है। 38,524 करोड़ रुपये मूल्य का 45,60,562 टन बासमती चावल निर्यात हुआ। मूल्य के लिहाज से गैर बासमती चावल में 11.73 फीसदी और बासमती चावल में करीब 46 फीसदी इजाफा हुआ है। सितंबर में चावल की कुछ किस्मों (टूटे चावल) के निर्यात पर प्रतिबंध के बावजूद चावल निर्यात में बढोतरी दर्ज की गई है।

गेहूं निर्यात 25.36 फीसदी गिरा

केंद्र सरकार ने पिछले साल मई में गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी। लेकिन रोक से पहले हुए सौदे और ऊंचे भाव पर बड़ी मात्रा में गेहूं निर्यात होने के कारण मूल्य के लिहाज वर्ष 2022-23 के 7-8 महीने तक गेहूं निर्यात में कमी नहीं आई। लेकिन अक्टूबर-नवंबर महीने से इसका निर्यात घटने लगा था। वर्ष 2022-23 के दौरान 11,827 करोड रूपये मूल्य का 46,93,292 करोड़ टन गेहूं का निर्यात हो चुका है, जबकि वर्ष 2021-22 में 15,845 करोड रुपये मूल्य का 72,44,842 करोड़ टन गेहूं का निर्यात हुआ था। इस तरह गेहूं के निर्यात में मूल्य के लिहाज से 25.36 फीसदी गिरावट आई है।

ताजे व प्रोसेस्ड फल-सब्जी निर्यात में इजाफा

वर्ष 2022-23 के दौरान 14,415 करोड़ रुपये मूल्य के ताजा फल-सब्जी का निर्यात हुआ है, जो इससे पहले वर्ष के 12,642 करोड़ रुपये के निर्यात से 14 फीसदी ज्यादा है। प्रोसेस्ड फल व सब्जी का निर्यात 44.68 फीसदी बढ़कर दिसंबर तक 16,723 करोड़ रुपये हो गया। मूंगफली, ग्वार गम, कोकोआ प्रोडक्ट, मिलेड और अन्य प्रोसेस्ड फूड का निर्यात 30.23 फीसदी बढ़कर 35,275 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

लाइवस्टॉक प्रोडक्ट निर्यात भी बढ़ा

वित्त वर्ष 2022-23 में लाइवस्टॉक प्रोडक्ट के निर्यात में 4.76 फीसदी इजाफा हुआ है। 32,334 करोड रूपये मूल्य के लाइवस्टॉक प्रोडक्ट का निर्यात हुआ। सबसे ज्यादा 25,640 करोड़ रुपये मूल्य का बफेलो मीट निर्यात हुआ है। लाइव स्टॉक प्रोडक्ट के तहत पोल्ट्री व डेयरी प्रोडक्ट के साथ प्रोसेस्ड मीट,बफेलो मीट, शीप/गोट मीट(sheep/goat meat) आदि आते हैं।

Advertisement
First Published - June 2, 2023 | 5:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement