Budget Day Trading Strategy: केंद्रीय बजट ऐतिहासिक रूप से भारतीय शेयर बाजारों के लिए हमेशा से महत्वपूर्ण इवेंट्स में से एक रहा है। यह अक्सर शॉर्ट टर्म में बाजार की चाल को तय करता है और नीतियों की दिशा के आधार पर अलग-अलग सेक्टरों के रुझान को प्रभावित करता है। वित्त वर्ष 2026 के लिए आने वाले केंद्रीय बजट में डिफेन्स, कैपेक्स और ओवरऑल इकोनॉमिक स्थिरता पर खास जोर रह सकता है।
बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे पेश करेंगी। यह दिन रविवार होने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार खुले रहेंगे। पिछले रिकॉर्ड देखें तो बजट पेश होने के बाद बाजार की धारणा पर गहरा असर पड़ता है। यह न केवल दिन के कारोबार बल्कि मीडियम टर्म के सेक्टर रुख को भी प्रभावित करता है।
पिछले एक महीने में प्रमुख शेयर इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स करीब 4 प्रतिशत टूट चुके हैं। पुराने आंकड़ों से पता चलता है कि बजट से पहले ऐसी गिरावट के बाद अक्सर बजट के बाद बाजार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है।
केंद्रीय बजट से पहले घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली है। लेकिन एसबीआई सिक्योरिटीज की पिछले 15 बजट चक्रों की स्टडी बताती है कि बजट के बाद आने वाले हफ्तों और महीनों में बाजार अक्सर संभलता रहा है। खासकर तब जब बजट से पहले निवेशकों का भरोसा कमजोर रहा हो।
पिछले 15 बजट चक्रों में सेंसेक्स बजट से एक महीने पहले तीन बार 3 प्रतिशत से ज्यादा गिरा है। फरवरी 2014, फरवरी 2016 और फरवरी 2021 में। वहीं निफ्टी में भी 2014 और 2016 में इसी तरह की गिरावट दर्ज की गई थी।
बजाज ब्रोकिंग ने बजट को लेकर जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि जैसे-जैसे वित्त वर्ष 2027 का केंद्रीय बजट नजदीक आ रहा है, सरकार का मुख्य फोकस स्ट्रक्चरल ग्रोथ को बनाए रखने के साथ-साथ घरेलू मांग को फिर से मजबूत करने पर दिखाई देता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और टैरिफ से जुड़ी बाधाओं के बीच सरकार से उम्मीद है कि वह लॉन्ग टर्म बुनियादी ढांचे की योजनाओं और शॉर्ट टर्म में अर्थव्यवस्था को बाहरी व्यापार झटकों से बचाने की जरूरत के बीच संतुलन साधेगी।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने बताया कि बजट रविवार को पेश होने और इंडिया वीआईएक्स के 14.45 तक पहुंचने के चलते बाजार में दिन के भीतर तेज उतार-चढ़ाव की आशंका है। बढ़ी हुई इम्प्लाइड वोलैटिलिटी की वजह से ऑप्शन प्रीमियम महंगे हो गए हैं, ऐसे में बजट भाषण के बाद वोलैटिलिटी में तेज गिरावट (वोलैटिलिटी क्रश) ट्रेडर्स के लिए मुनाफे का मुख्य जरिया बन सकती है। टेलर का मानना है कि ऐसे माहौल में सीमित जोखिम वाली स्ट्रेटेजी ज्यादा सही रहती हैं।
उन्होंने सीमित रिस्क वाली आयरन कॉन्डोर स्ट्रेटेजकी बताई। इसमें 25,700 का कॉल ऑप्शन और 25,000 का पुट ऑप्शन बेचने की सलाह दी गई है। जबकि सेफ साइड के लिए 25,900 का कॉल और 24,800 का पुट ऑप्शन खरीदे जाते हैं।
टेलर ने कहा, ”यह सेटअप 700 अंकों का चौड़ा मुनाफे का दायरा बनाता है। इसकी तकनीकी वजह ‘अनिश्चितता प्रीमियम’ में संभावित तेज गिरावट पर आधारित है। इतिहास बताता है कि जैसे ही वित्त मंत्री का भाषण खत्म होता है, वीआईएक्स में तेज गिरावट आती है। इस स्ट्रेटेजी से ट्रेडर्स ऑप्शन की एक्स्ट्रिंसिक वैल्यू में गिरावट का फायदा उठा सकते हैं, भले ही निफ्टी 2 से 3 प्रतिशत के दायरे में ही क्यों न बना रहे।”
| इंडेक्स | 1 हफ्ता पहले | 1 महीना पहले | पिछले दिन | बजट दिन | अगले दिन | 1 हफ्ते बाद | 1 महीने बाद | 3 महीने बाद |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सेंसेक्स | -0.47% | -0.45% | 0.36% | 0.35% | 0.24% | 1.00% | -0.67% | 1.95% |
| निफ्टी | -0.47% | -0.53% | 0.01% | 0.29% | 0.22% | 1.10% | -0.57% | 2.25% |
| बैंक निफ्टी | -1.59% | -0.40% | 0.40% | 0.76% | 0.31% | 1.60% | 0.04% | 3.98% |
| मिडकैप | -0.91% | -0.93% | -0.04% | 0.04% | -0.02% | 1.55% | -0.62% | 3.19% |
| स्मॉलकैप | -1.77% | -0.98% | -0.24% | -0.01% | -0.14% | 1.63% | -1.66% | 2.10% |
| फार्मा | -0.94% | -1.30% | 0.21% | -0.02% | 0.40% | 2.97% | 0.02% | 4.33% |
| फाइनेंशियल्स | -1.26% | -0.46% | 0.56% | 0.74% | 0.18% | 1.29% | -0.17% | 2.99% |
सोर्स : एसबीआई सिक्योरिटीज