facebookmetapixel
Advertisement
Stocks to Watch: Lupin से लेकर IRFC और RVNL तक, गुरुवार को इन स्टॉक्स पर रखें नजरStock Market Today: आज बाजार में तेजी के आसार! सुबह-सुबह आई बड़ी खबरक्या चावल निर्यात कर भारत बेच रहा है अपना पानी? BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने उठाए गंभीर सवालBS Manthan में बोले एक्सपर्ट्स: निर्यात प्रतिबंध-नीतिगत अनिश्चितता से कृषि को चोट, स्थिरता की जरूरतसुमंत सिन्हा का दावा: सिर्फ क्लाइमेट चेंज नहीं, अब ‘जियोपॉलिटिक्स’ बढ़ाएगी भारत में क्लीन एनर्जी की रफ्तारBS Manthan में बोले जोशी: अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक $350 अरब के निवेश से रोशन होगा भारतइक्विटी SIP निवेश में गिरावट, अस्थिर बाजार के बीच निवेशकों का रुझान बदलाशेखर कपूर की भविष्यवाणी: अब निर्देशक नहीं, दर्शक और AI मिलकर लिखेंगे फिल्मों की कहानी‘EV सेक्टर में आएगा बड़ा उछाल’, BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने कहा: चुनौतियों के बावजूद रफ्तार है बरकरारBS Manthan 2026: R&D को प्रोत्साहन से एडवांस व महंगी वस्तुओं के विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा

Budget 2023: Real Estate सेक्टर की मांग, होम लोन में मिले टैक्स छूट, शामिल हो PPP मॉडल

Advertisement
Last Updated- January 18, 2023 | 6:45 PM IST
Budget 2023

इस साल 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट 2023-24 पेश करेंगी। हर साल की तरह ही इस साल भी देश के प्रमुख सेक्टर को बजट से उम्मीदें हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड ने बात की रियल एस्टेट के कुछ एक्सपर्ट्स से, आइए एक नजर डालते हैं साल 2023 के आम बजट से इस सेक्टर को क्या हैं उम्मीदें-

रियल एस्टेट इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स ने Budget 2023 में सरकार से होम लोन के ब्याज पर टैक्स कटौती की सीमा को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का सुझाव दिया है।

उन्होंने बिजनेस स्टैण्डर्ड के साथ बातचीत में कहा कि अगले फाइनेंशियल ईयर के बजट में किफायती यानी अफोर्डेबल हाउसिंग में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को बढ़ावा देने के लिए कुछ इंसेंटिव भी लाए जाने चाहिए।

रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी Signature Global के फाउंडर और चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा, ‘करीब 7-8 साल की खामोशी के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले दो साल से अच्छी डिमांड और सेल्स देखी जा रही है।”

उन्होंने कहा, “होम लोन पर बढ़ते इंटरेस्ट को ध्यान में रखते हुए सरकार को होम लोन के ब्याज पर टैक्स कटौती की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने पर विचार करना चाहिए।”

रियल एस्टेट सेवा एजेंसी Colliers India में एडवाइजरी सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर शुभांकर मित्रा ने कहा कि सरकार को किफायती हाउसिंग सेक्टर में इंस्टीट्यूशनल कंपनियों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव देना चाहिए।

उन्होंने कहा, “सरकार को PPP मोड में किफायती किराये की हाउसिंग योजनाओं को बढ़ावा देने की भी जरूरत है। PPP मॉडल को वंचित वर्ग के लिए बड़े पैमाने पर घर और हाउसिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए इंसेंटिव दिया जाना चाहिए।”

वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि रियल्टी सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज समेत 200 अन्य उद्योगों को संचालित करता है। इस प्रकार इस सेक्टर के लिए इंसेंटिव का अन्य उद्योगों पर फायदेमंद प्रभाव पड़ेगा।

एक अन्य रियल्टी कंपनी त्रेहन ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सारांश त्रेहन ने सहमति जताते कहा कि होम लोन से जुड़ी टैक्स कटौती की सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए।

लग्ज़री होम डेवलपर्स ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव

सेल्स और रेंट के लिए लग्जरी हाउस सेगमेंट में महामारी के पिछले दो सालों में अच्छी वृद्धि देखी गई है। Anarock की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में सात प्रमुख शहरों में पॉश हाउसिंग कॉलोनियों में एवरेज मंथली किराया 8 से 18 प्रतिशत बढ़ा है। दूसरी ओर, उनके कैपिटल वैल्यू में 2 से 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

गोवा में लग्जरी होम डेवलपर्स Lincoln Bennet Rodrigues के चेयरमैन और फाउंडर लिंकन बेनेट रोड्रिग्स ने कहा कि भारत में लग्जरी हाउसिंग बाजार में जोरदार वृद्धि देखी जा रही है। इसमें नए अल्ट्रा रिच (Ultra-Rich) लोग खरीदारी कर रहे हैं। इस तरह सेंटीमेंट को ऊंचा रखने के लिए बजट में टैक्स छूट पर ध्यान देना चाहिए।

ग्राहकों को होम लोन की बढ़ती EMI से बचाने को लेकर India Sotheby’s International Realty के सीईओ अमित गोयल ने कहा, “मुझे विश्वास है कि होम लोन पर इंटरेस्ट और मूल राशि पर टैक्स ब्रेक 2 से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया जाएगा। यह उद्योग और घर खरीदारों के लिए समान रूप से सबसे स्वागत योग्य कदम होगा।

को-वर्किंग स्पेस कंपनियों के लिए कागजी कार्रवाई में कटौती करने की भी मांग

बड़ी टैक्स कटौती वृद्धि की मांग के अलावा को-वर्किंग स्पेस डेवलपर्स चाहते हैं कि सरकार उनकी सर्विसेज पर TDS की दर को कम करे और कागजी कार्रवाई को कम करे।

को-वर्किंग फर्म 315 Work Avenue के फाउंडर मानस मेहरोत्रा ने कहा, “वर्तमान में को-वर्किंग सर्विसेज पर लागू TDS की दर अधिक है क्योंकि को-वर्किंग कंपनियां मूवेबल और इमूवेबल दोनों का किराया प्रदान करती हैं।”

उन्होंने कहा, “क्योंकि को-वर्किंग स्पेस में प्रतिस्पर्धी अधिक है, इसलिए को-वर्किंग सर्विसेज पर TDS की दर कम करना एक पॉजिटिव पहल होगी।”

बता दें, 2023 का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट की घोषणा करेंगी।

Advertisement
First Published - January 18, 2023 | 6:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement