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PLI में वाहन व पुर्जा फर्मों का फीका प्रदर्शन

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सरकार से प्रोत्साहन दावा करने वाली कंपनियों में टाटा मोटर्स, महिंद्रा, और ओला शामिल; कई बड़े ब्रांड अब भी प्रतीक्षा में

Last Updated- October 04, 2024 | 10:34 PM IST
Kia India, Tata Motors to hike prices from January, Hyundai eyes EV fast charging stations

उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के मामले में वाहन और पुर्जों की कंपनियों के लिए साल 2023-24 फीका रहा। इस योजना के लिए पात्र 18 कंपनियों – वाहनों की मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) और गैर-वाहन कंपनियों में से केवल 4 को अपने मॉडलों के लिए सरकार से प्रमाण-पत्र मिला और सिर्फ 3 ने वित्त वर्ष 24 के लिए प्रोत्साहन दावा पेश किया जिसकी समय सीमा 30 सितंबर को खत्म हो गई।

इन कंपनियों में दोपहिया और तिपहिया वाहन तथा कार और बस जैसी अन्य श्रेणियां शामिल हैं। केंद्र ने इस क्षेत्र के लिए पीएलआई के रूप में पांच साल के लिए 25,938 करोड़ रुपये का बजट रखा है। यह प्रमाण-पत्र केवल उन मॉडलों के लिए दिया जाता है, जिनमें कम से कम 50 प्रतिशत मूल्य संवर्धन घरेलू स्तर पर होता है जो एक प्रमुख शर्त है।

मोटे अनुमानों के आधार पर सरकार ने पहले वर्ष में प्रोत्साहन के रूप में 604 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। यह प्रमाणन-पत्र हासिल करने वाली 4 कंपनियों में से एक टाटा मोटर्स ने कहा है कि उसने उन सभी मॉडलों के लिए भी दावा पेश किया है जिनके लिए वह पात्र है। इनमें टियागो ईवी वेरिएंट के सात मॉडल, टाटा एस वेरिएंट के दो मॉडल और दो टाटा ई-बस शामिल हैं।

तिपहिया बनाने वाली महिंद्रा लास्ट माइल मोबाइल मोबिलिटी की मुख्य कार्य अधिकारी सुमन मिश्रा ने कहा कि पीएलआई के तहत उन्होंने प्रोत्साहन का दावा किया है। कंपनी को वित्त वर्ष 24 में 10 इलेक्ट्रिक तिपहिया के लिए प्रमाण-पत्र मिला था। ओला इलेक्ट्रिक ने भी पुष्टि की है कि उसने पीएलआई का दावा किया है। उसके कुछ चुनिंदा मॉडल जिनके लिए वित्त वर्ष 24 में प्रमाण-पत्र मिला है, में ओला एस1 प्रो और ओला एस1 एयर शामिल हैं। अन्य तीन मॉडलों के लिए उसे इस साल अगस्त और सितंबर में मंजूरी मिली।

हालांकि बजाज ऑटो के अधिकारियों ने कहा है कि वह वित्त वर्ष 25 में पीएलआई के लिए आवेदन करेगी, क्योंकि उसके इलेक्ट्रिक वाहनों की सभी रेंज के लिए प्रमाण-पत्र अब मिल चुका है। उसके पास 5 इलेक्ट्रिक तिपहिया के लिए प्रमाण-पत्र था। लेकिन यह मार्च में ही मिला। वित्त वर्ष 25 में अप्रैल और जुलाई के बीच उसे इलेक्ट्रिक चेतक के सभी पांच मॉडलों के लिए प्रमाण-पत्र मिला।

इलेक्ट्रिक दोपहिया की बिक्री में तीसरे स्थान पर आने वाली टीवीएस मोटर को वित्त वर्ष 24 में अपने किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए प्रमाण-पत्र नहीं मिला। लेकिन इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच इसे 5 इलेक्ट्रिक स्कूटर मॉडल के लिए प्रमाण-पत्र मिले। यह इस वित्त वर्ष में प्रतिपूर्ति का दावा कर सकती है। कंपनी ने बिजनेस स्टैंडर्ड के सवालों का जवाब नहीं दिया।

सुजूकी मोटर्स, ह्युंडै, किया, फोर्ड इंडिया, अशोक लीलैंड, हीरो मोटोकॉर्प, एलेस्ट, होप इलेक्ट्रिक और बूमा उस सूची में शामिल हैं, जिन्हें न तो प्रमाण-पत्र मिला और न ही उन्होंने आवेदन किया है। वाहन पुर्जो क्षेत्र में अब तक प्रमाण-पत्र हासिल करने वाली तीन कंपनियां हैं – सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स, डेल्फी-टीवीएस टेक्नोलॉजिज और टोयोटा-किर्लोस्कर ऑटो पार्ट्स।

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First Published - October 4, 2024 | 10:34 PM IST

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