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ई-बस के अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश की तैयारी कर रही जेबीएम ऑटो

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जर्मनी में प्रवेश के साथ भारतीय वाहन विनिर्माता यूरोपीय बाजार का बड़ा हिस्सा हासिल करने की योजना बना रही है, जिसमें फिलहाल सालाना 30,000 ई-बसों की पैठ दिख रही है।

Last Updated- June 05, 2025 | 12:04 AM IST
UP electric buses
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

तीन अरब डॉलर मूल्य वाली वैश्विक भारतीय कंपनी जेबीएम ऑटो इस महीने जर्मनी में अपनी पहली सिटी बस – इको-लाइफ पेश करके अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रिक बस (ई-बस) बाजार में प्रवेश करने की तैयारी में जुटी हुई है। वाइस चेयरमैन और प्रबंध निदेशक निशांत आर्य ने यह जानकारी दी है।

यह पेशकश ऐसे समय में की जा रही है, जब भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत कर रहे हैं, जो इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। जेबीएम इस साल विभिन्न देशों में कई वैश्विक मॉडल पेश करने की योजना बना रही है, जिनमें उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया, एशिया प्रशांत, पश्चिम एशिया और अफ्रीकी देश भी शामिल हैं। जर्मनी में प्रवेश के साथ भारतीय वाहन विनिर्माता यूरोपीय बाजार का बड़ा हिस्सा हासिल करने की योजना बना रही है, जिसमें फिलहाल सालाना 30,000 ई-बसों की पैठ दिख रही है।

आर्य ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम अगले महीने जर्मनी में अपने कई वैश्विक मॉडलों में से पहला मॉडल पेश करेंगे। हमारी सिटी बस इको-लाइफ साइबर सुरक्षा सुविधाओं से लैस है और पश्चिमी देशों के मानकों को पूरा करती है, जिसमें लेन सहायता और पैदल यात्रियों की स्थिति संबंधी सुरक्षा सुविधा जैसे यूरोपीय विनिर्देश शामिल हैं। हम इस तरह से ई-बस श्रेणी में उतरने वाली एकमात्र भारतीय कंपनी होंगे।’

जब उनसे पूछा गया कि इन वैश्विक मॉडलों की पेशकश के जरिये जेबीएम की नजर कितनी बाजार हिस्सेदारी हासिल करने पर है, तो आर्य ने कहा कि यह इस साल के लिए निर्धारित तीन से पांच वैश्विक मॉडल में से पहला होगा। उन्होंने कहा, ‘हम मांग और खरीद के आधार पर जल्द ही अपने निर्यात बाजार को परिभाषित करेंगे।’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शुरुआती लक्ष्य बाजार हिस्सेदारी हासिल करना नहीं है, बल्कि क्षेत्र में मॉडल स्थापित करना है। उन्होंने कहा, ‘मॉडल स्थापित हो जाने के बाद, यह स्वचालित प्रक्रिया बन जाती है और लोग स्वाभाविक रूप से हमारे पास आना शुरू कर देंगे।’आर्य का मानना है कि चल रहे भारत-यूरोपीय संघ एफटीए से यूरोपीय संघ में उनके मॉडल या कारोबार की पेशकश पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

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First Published - June 4, 2025 | 11:23 PM IST

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