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लेखक : नौशाद फोर्ब्स

आज का अखबार, लेख

प्रभावी प्रदर्शन के लिए जरूरी नहीं मजबूत केंद्रीकृत शासन

इस समाचार पत्र के अंग्रेजी संस्करण के संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित आर जगन्नाथन के विचारोत्तेजक आलेख ‘डेमोक्रेसी, ऑटोक्रेसी, ऑर बोथ?’ ने कुछ अहम मुद्दों को उठाया। उनका यह कहना सही है कि विभिन्न देशों की तुलना करना आसान नहीं है क्योंकि कोई भी देश सभी तरह से दूसरे देश जैसा नहीं होता। इसके बाद वह […]

आज का अखबार, लेख

उच्च शिक्षा में संघर्ष या नई उम्मीदों का दौर?

भारत में उच्च शिक्षा का एक व्यापक तंत्र मौजूद है। करीब 4.2 करोड़ से अधिक नामांकन के साथ हमारे देश में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले छात्रों की संख्या, दुनिया के तीन-चौथाई देशों की आबादी से भी अधिक है। देश में हाल के वर्षों में भी हजारों इंजीनियरिंग कॉलेज और प्रबंधन संस्थान स्थापित हुए हैं […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: नारायण मूर्ति का कथन और उत्पादकता का प्रश्न

इन्फोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने सप्ताह में 70 घंटे काम करने के बारे में जो बयान दिया उसका अर्थ यही है कि उत्पादकता हमारी राष्ट्रीय बहस का केंद्रीय विषय होनी चाहिए। बता रहे हैं नौशाद फोर्ब्स हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में इन्फोसिस के संस्थापक एन नारायण मूर्ति ने सप्ताह में 70 […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

Opinion: किन शोधों के लिए मुहैया कराया जाए धन?

इस आलेख के प्रथम भाग में कहा गया था कि राष्ट्रीय शोध संस्थान (एनआरएफ) एक महत्त्वपूर्ण पहल है। मैंने इस बात की विशेष रूप से चर्चा की थी कि हमें दो घोषित सिद्धांतों का पूर्णतः पालन करना चाहिए। पहला सिद्धांत यह कि उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध कार्यों के लिए विशेष रूप से धन मुहैया […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: राष्ट्रीय शोध संस्थान एक महत्त्वपूर्ण पहल

राष्ट्रीय शोध संस्थान (एनआरएफ) में उच्च शिक्षा और तकनीकी शोध दोनों में बड़े बदलाव लाने की क्षमता है। बता रहे हैं नौशाद फोर्ब्स केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय शोध संस्थान (एनआरएफ) की स्थापना के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है और अब यह विधेयक के रूप में संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। एनआरएफ की घोषणा चार […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

फार्मा के लिए नैशनल इनोवेशन सिस्टम

गत माह प्रका​शित आलेख में कहा गया था कि प्रभावी नैशनल इनोवेशन सिस्टम कायम करने के लिए हमें बीते 70 वर्षों की सबसे सफल आर्थिक घटनाओं से सबक लेना होगा। जापान, द​क्षिण कोरिया, ताइवान, सिंगापुर और चीन इसके उदाहरण हैं। इन सभी देशों ने इनोवेशन की क्षमता विकसित करने की एक प्रक्रिया का पालन किया। […]

आज का अखबार, लेख

प्रभावी राष्ट्रीय नवाचार प्रणाली की तरफ कदम बढ़ाना जरूरी

लगभग 30 वर्ष से भी अधिक समय पहले तीन अर्थशास्त्रियों- ब्रिटेन में क्रिस फ्रीमैन, स्वीडन में बैंग्टेक लुंडवॉल और अमेरिका में रिचर्ड नेल्सन- ने राष्ट्रीय नवाचार प्रणाली (नैशनल इनोवेशन सिस्टम्स) के बारे में सोचना शुरू किया था। ये तीनों अर्थशास्त्री अलग-अलग देशों से थे और उन्होंने नवाचार को अंतरराष्ट्रीय एवं तुलनात्मक नजरिये से देखा। इससे […]

आज का अखबार, लेख

शोध एवं विकास पर देना होगा और ध्यान

शोध एवं विकास एक बड़ा वै​श्विक उद्यम है। दुनिया के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का दो फीसदी से थोड़ा अ​धिक शोध एवं विकास में व्यय किया जाता है। दुनिया के 180 से अ​धिक देशों में शोध एवं विकास में दो लाख करोड़ डॉलर से अ​धिक की जो रा​शि व्यय की जाती है उसमें अमेरिका, […]

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