गेहूं आयात की दरकार नहीं : पवार
डेढ़ करोड़ टन के लक्ष्य के मुकाबले इस सीजन में 2 करोड़ टन गेहूं की खरीद होने की संभावना है। यदि गेहूं की इतनी खरीद हो गयी तो इस साल देश को इसके आयात की जरूरत नहीं पड़ेगी। कृषि और खाद्य मंत्री शरद पवार ने सोमवार को यह जानकारी दी। मालूम हो कि पिछले दो […]
वायदा पर पाबंदी के बाद चना व बेसन हुआ सस्ता
चने के वायदा बाजार पर रोक लगने से चने के साथ-साथ बेसन व दाल की कीमत में कमी दर्ज की गयी है। वायदा के कारण कीमतों में रोजाना होने वाले उतार-चढ़ाव से भी दाल व बेसन उत्पादकों को राहत मिल गयी है। हालांकि आने वाले समय में चने की कीमत में बढ़ोतरी की संभावना से […]
जैविक केले की खेती के लिए अनुबंध
केलों का निर्यात करने वाली भारत की पहली कंपनी देसाई फ्रुट एंड वेजिटेबल्स (डीएफवी)अब ‘जैविक केले’ की खेती की योजना बना रही है। विदेशों में इस प्रकार के केले की मांग की देखते हुए नवसारी स्थित डीएफवी ने गुजरात में इसकी खेती के लिए पूरी तैयारी कर ली है। आर्गेनिक बनाना की खेती फिलहाल ट्रायल […]
वायदा पर पाबंदी के बाद ब्रोकर परेशान
पहले ही प्रतिभाओं की कमी से जूझ रहे कमोडिटी बाजार के सामने नई समस्या आ गई है। अभी हाल ही में चार जिंसों के कारोबार पर पाबंदी लगने के बाद कमोडिटी एक्सचेंजों और ब्रोकरों को एक नई दिक्कत ने आ घेरा है। दरअसल इनके सामने मुश्किल यही है कि इन जिंसों की व्यापारिक गतिविधियों में […]
स्टील अलायंस हुआ खत्म, छूटा उम्मीद का दामन
इंडियन स्टील अलायंस (आईएसए) की 5 मई को हुई ‘मौत’ पर किसी ने भी आंसू नहीं बहाए। एलायंस कई बार विवादों के घेरे में आ चुका था। एलायंस सरकार के घेरे में भी आ चुकी थी। गौरतलब है कि स्टील उद्योग की बेहतरी के लिए तकरीबन 7 साल पहले इंडियन स्टील एलायंस का गठन किया […]
सिर चढ़कर बोलता गूगल का देसी जादू
गूगल का जादू अब इस कदर दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है कि उसके फैंस ने तो उसे भगवान का दर्जा दे दिया है। वैसे, दैवीय ताकत इसमें है या नहीं यह तो नहीं पता, लेकिन उसे ताबड़तोड़ पैसे कमाने का जादू बहुत ही अच्छी तरीके से आता है। आज इस गजब के जादूगर […]
अब इंतजार की घड़ी
बॉलिवुड फिल्मों में ऐसे नाटकीय दृश्य अक्सर देखने को मिलते हैं। इसमें मरीज के हाथ-पांव में पट्टियां बंधी होती हैं। डॉक्टर इस मरीज का ऑपरेशन कर बाहर निकलता है और चिंतित मुद्रा में खड़े परिवार के सदस्यों से कहता है कि उसने अपनी तरफ से पूरी कोशिश है, लेकिन अब सब कुछ ऊपर वाले के […]
किसानों के दर्द का इलहाम है किसे..
महंगाई के आंकड़े अखबारों और टेलिविजन चैनलों की सुर्खियां बनते जा रहे हैं। बढ़ती महंगाई से किसान परिवारों के चेहरों पर रौनक होनी चाहिए, क्योंकि बढ़ती मंहगाई से उन्हें भी अपनी फसल के लिए ऊंची कीमत मिलेगी। उन्हें इस बात की खुशी होनी चाहिए कि जो अनाज वे उगा रहे हैं, उनके लिए उन्हें बढ़ी […]
बदलाव की राह नहीं आसां
पर्यावरण परिवर्तन पर बने संयुक्त राष्ट्र के पैनल और अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति अल गोर को वर्ष 2007 का नोबल शांति पुरस्कार देकर क्या नोबल पुरस्कार समिति ने कोई गलती की थी? मेरा ऐतराज इस बात पर नहीं है कि इस पुरस्कार ने पर्यावरण परिवर्तन जैसे विषय को अहमियत दी और उसे दुनिया भर में […]
ई-कियोस्क बैंकिंग मुश्किल में
आरबीआई की इस घोषणा के बाद की सभी प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के बैंक अपने बेस ब्रांच से 15 कि.मी. की दूरी के भीतर व्यापारिक केंद्रों के जरिए सूदूर इलाके के ग्राहकों को बैंकिंग सुविधा मुहैया करवा सकती हैं। साथ ही या फिर अपना कारोबार कर सकती हैं,अब ई-कियॉस्क सुदूर इलाके जहां बैंक बिना शाखा […]
